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Mid-day meal workers burned the Education Minister's effigy; they plan to stage a sit-in at the Chief Minister's residence starting August 4 if their demands are not met.
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मिड डे मील वर्कर्स ने फूंका शिक्षा मंत्री का पुतला, मांगें न मानी गईं तो 4 अगस्त से मुख्यमंत्री आवास पर पड़ाव
यमुनानगर।
हरियाणा मिड डे मील वर्कर्स यूनियन (सीटू) के बैनर तले गुरुवार को सैकड़ों मिड डे मील वर्कर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पहले अनाज मंडी गेट पर जनसभा आयोजित की और बाद में उपायुक्त कार्यालय के बाहर हरियाणा के शिक्षा मंत्री का पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ रोष जताया।
जनसभा की अध्यक्षता जिला उपप्रधान शिमला देवी ने की, जबकि संचालन राज्य सचिव शर्बती देवी ने किया। इस दौरान राज्य सचिव शर्बती देवी, सीटू राज्य पदाधिकारी सतपाल सैनी, रोशन लाल तथा अन्य वक्ताओं ने कहा कि 12 जनवरी 2026 को पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय रैली के बाद सरकार द्वारा मिड डे मील वर्कर्स की मांगों को स्वीकार किया गया था, लेकिन आज तक उन्हें लागू नहीं किया गया। इससे प्रदेश भर के वर्कर्स में भारी नाराजगी है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार ने पिछले 11 वर्षों में मिड डे मील कर्मियों के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। वर्तमान में उन्हें मात्र 7 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो महंगाई के दौर में बेहद कम है। उन्होंने कहा कि कई-कई महीनों तक मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता और वर्दी के लिए मिलने वाली राशि भी समय पर नहीं मिलती। इसके अलावा मानदेय में कटौती तथा अन्य प्रकार के आर्थिक और मानसिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है।
यूनियन नेताओं ने मांग की कि मिड डे मील वर्कर्स को 30 हजार रुपये न्यूनतम मासिक वेतन दिया जाए, 12 महीने का मानदेय सुनिश्चित किया जाए, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जाए तथा रिटायरमेंट पर दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इसके अलावा वर्दी के लिए 2 हजार रुपये, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये का मुआवजा और दुर्घटना बीमा की व्यवस्था भी लागू की जाए।
वक्ताओं ने कहा कि करीब 30 वर्षों से यह योजना संचालित है, लेकिन सेवानिवृत्ति के समय कर्मियों को कोई लाभ नहीं मिलता। उन्होंने स्कूलों के विलय और बंद किए जाने की नीति का भी विरोध किया तथा चिराग योजना को सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत 4 अगस्त को मुख्यमंत्री के गृह जिले कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय रैली आयोजित की जाएगी और उसी दिन से मुख्यमंत्री आवास पर लगातार पड़ाव डाला जाएगा। इसके बाद 10 अगस्त को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन को सतपाल सैनी, रोशन लाल, शर्बती देवी, मीनाक्षी, उषा, रेखा, प्रकाश कौर, चंद्रपाल, माया, अनीता, बाला देवी और शिमला देवी सहित अन्य ने वर्कराें को संबोधित किया।
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