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Yamuna Nagar News: मेडिकल क्लेम खारिज करने पर बीमा कंपनी को भुगतान के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:28 AM IST
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यमुनानगर। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यमुनानगर ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को बीमाधारक प्रमोद पुरी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 3.75 लाख रुपये का मेडिकल क्लेम ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने कंपनी को मानसिक उत्पीड़न एवं मुकदमेबाजी खर्च के लिए 11 हजार रुपये अतिरिक्त देने का भी निर्देश दिया है।
आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रमोद पुरी ने शिकायत दी थी की उन्होंने अपनी पत्नी मीनाक्षी पुरी के दोनों घुटनों के ऑपरेशन पर 3.75 लाख रुपये खर्च किए थे। बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि बीमित महिला पहले से रुमेटॉइड आर्थराइटिस से पीड़ित थीं और पॉलिसी लेते समय इसकी जानकारी छिपाई गई थी। आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि बीमा कंपनी अपने आरोप के समर्थन में कोई ठोस चिकित्सा रिकॉर्ड या पूर्व उपचार संबंधी दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। आयोग ने माना कि केवल एक आउट पेशेंट मूल्यांकन फॉर्म के आधार पर दावा अस्वीकार नहीं किया जा सकता। आदेश में कहा गया कि बीमा कंपनी ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। आयोग ने कंपनी को शिकायत दर्ज होने की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित राशि का भुगतान 45 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। तय अवधि में भुगतान नहीं होने पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। संवाद
आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रमोद पुरी ने शिकायत दी थी की उन्होंने अपनी पत्नी मीनाक्षी पुरी के दोनों घुटनों के ऑपरेशन पर 3.75 लाख रुपये खर्च किए थे। बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि बीमित महिला पहले से रुमेटॉइड आर्थराइटिस से पीड़ित थीं और पॉलिसी लेते समय इसकी जानकारी छिपाई गई थी। आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि बीमा कंपनी अपने आरोप के समर्थन में कोई ठोस चिकित्सा रिकॉर्ड या पूर्व उपचार संबंधी दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। आयोग ने माना कि केवल एक आउट पेशेंट मूल्यांकन फॉर्म के आधार पर दावा अस्वीकार नहीं किया जा सकता। आदेश में कहा गया कि बीमा कंपनी ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। आयोग ने कंपनी को शिकायत दर्ज होने की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित राशि का भुगतान 45 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। तय अवधि में भुगतान नहीं होने पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। संवाद
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