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Yamuna Nagar News: खिलाड़ियों को सुविधाओं के लिए करना होगा इंतजार

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 18 Mar 2026 01:26 AM IST
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Players will have to wait for facilities
तेजली खेल परिसर यमुनानगर। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। जिले के खिलाड़ियों को करीब तीन वर्ष पहले तीन बड़ी खेल परियोजनाओं की सौगात जल्द मिलने का दावा किया गया था। मंजूरी के बाद अब तक यह परियोजना अंधरे में भटक रही है। ऐसे में खिलाड़ियों को और इंतजार करना होगा।
तेजली खेल मैदान में न तो 90 करोड़ रुपये में इन व आउटडोर खेल सुविधाएं मिल पाई हैं और न ही हॉकी के एस्ट्रोटर्फ, एथलेटिक्स के सिंथेटिक ट्रैक मिले हैं। सुविधाएं न होने से खिलाड़ी परेशान हैं। खिलाड़ियों को सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए विभाग को बजट की दरकार है।
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तेजली मैदान में खेल सुविधाएं बढ़ाने व अन्य व्यवस्थाओं के सुधार के लिए 90 करोड़ खर्च करने की घोषणा की गई थी। इसके तहत खेल विभाग की ओर से पहले चरण में इंडोर खेलों के लिए तेजली खेल परिसर में विकास कार्य करवाए जाने थे। इससे जूडो, कबड्डी, ताइक्वांडो, रेसलिंग, बॉक्सिंग, लॉन टेनिस, आर्चरी, राइफल शूटिंग के खिलाड़ी बेहतर अभ्यास कर सकें।

दूसरे चरण में हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, बैडमिंटन इत्यादि आउटडोर खेलों के लिए सुविधाएं मुहैया करवाई जानी थीं। परियोजना पूरी होना तो दूर अभी तक औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हो पाईं हैं। खिलाड़ी शहर के निजी खेल संस्थानों और दूसरे जिलों में अभ्यास के लिए जाने को मजबूर हैं।
इस परियोजना की घोषणा वर्ष 2023 में गणतंत्र दिवस समारोह पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। तेजली में अभ्यास करने वाले खिलाड़ी रोहित, प्रतीक, रोबिन, दिपांशु, गौरव ने बताया कि सरकारी स्तर पर कई खेलों के मैदान, कोच व संसाधन नहीं हैं। ऐसे में प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। एथलेटिक्स व हॉकी के खिलाड़ी ज्यादा है, इसलिए एथलेटिक्स के सिंथेटिक ट्रैक व हॉकी के एस्ट्रोटर्फ मैदान की सुविधा मिलनी चाहिए।
सिंथेटिक ट्रैक मिला न हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान
तेजली खेल परिसर में एथलेटिक्स का सिंथेटिक ट्रैक वर्ष-2021 में मंजूर हुआ था। 400 मीटर और आठ लेन के सिंथेटिक ट्रैक में लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक, भाला फेंक इत्यादि मैदान तैयार करने की योजना है। इसकी ड्राइंग पर स्वीकृति व 7.87 करोड़ रुपये अलॉट की प्रक्रिया पूरी है, परंतु धरातल पर काम नहीं शुरू हो पाया है। ऐसे ही हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान भी काफी समय पहले मंजूर किया गया था। इसका नौ करोड़ रुपये अनुमान भी तैयार हुआ, परंतु निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। इससे दोनों खेलों के खिलाड़ियों को अभ्यास व बेहतर प्रदर्शन में परेशानी आ रही है।
परियोजनाओं पर काम शुरू करने के लिए विभाग के प्रयास जारी हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी और उनके प्रदर्शन में सुधार होगा। इसके लिए मुख्यालय को डिमांड दी है, विभाग परियोजनाओं को जमीन स्तर पर लाने का प्रयास कर रहा है। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।
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