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Yamuna Nagar News: टापू कमालपुर को बाढ़ से बचाने के लिए यमुना से हटेंगे रेत के टीले
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:12 AM IST
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यमुना नदी के बीचोबीच जमा रेत। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आगामी मानसून सीजन से पहले यमुना नदी से सटे गांव टापू कमालपुर को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। नदी के बीचोबीच बने रेत और मिट्टी के टीलों को हटाने का निर्णय लिया गया है, जिससे नदी का प्राकृतिक बहाव मध्य हिस्से में स्थापित किया जा सके। सिंचाई विभाग इस काम पर करीब 1.30 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
नदी के बीच में रेत होने से पानी का बहाव दो हिस्सों में हरियाणा व यूपी की तरफ बंट गया है। पिछले कुछ वर्षों से मानसून के दौरान यमुना नदी का बहाव बदलकर गांव कमालपुर की ओर बढ़ रहा है। नदी के बीच में जमा रेत के कारण पानी किनारों की ओर मुड़ जाता है, जिससे कटाव तेज हो जाता है।
पिछले साल हालात इतने गंभीर हो गए थे कि कटाव गांव के अंतिम घर से महज एक एकड़ दूरी तक पहुंच गया था। उस समय प्रशासन ने अस्थायी राहत के तौर पर रेत और मिट्टी से भरे कट्टे डालने के साथ-साथ सैकड़ों पेड़ों को नदी किनारे डाल कर कर कटाव रोकने का प्रयास किया था।
अब पोकलेन मशीनों की मदद से नदी के बीच से रेत हटाई जाएगी। इस रेत को नदी के किनारों पर व्यवस्थित तरीके से डाला जाएगा, जिससे बहाव सीधा मध्य भाग में रहेगा और किनारों पर दबाव कम होगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बाढ़ के दौरान पानी का रुख गांव की ओर नहीं मुड़ेगा और कटाव पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
योजना के तहत केवल कमालपुर ही नहीं, बल्कि इसके आसपास के क्षेत्रों में भी नदी की धारा को संतुलित करने का कार्य किया जाएगा। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को काम सौंप दिया है और जल्द ही मशीनें साइट पर पहुंचने की उम्मीद है। मानसून से पहले इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि बारिश के दौरान संभावित खतरे को न्यूनतम किया जा सके।
गांव टापू कमालपुर के विकास राणा, मोहन सिंह, पंकज, सुभाष राणा, जसबीर सिंह और प्रदूमन का कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए। यदि समय रहते काम शुरू नहीं हुआ तो आगामी मानसून में गांव को गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मशीनें जल्द लगाई जाएं और कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि उनकी जमीन और घर सुरक्षित रह सकें।
टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को कार्य आवंटित कर दिया गया है। कमालपुर के आसपास और आगे-पीछे के हिस्सों में नदी के बीच से रेत हटाई जाएगी। 15 जून तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। - प्रवीन गुप्ता, एसई, सिंचाई विभाग।
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यमुनानगर। आगामी मानसून सीजन से पहले यमुना नदी से सटे गांव टापू कमालपुर को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। नदी के बीचोबीच बने रेत और मिट्टी के टीलों को हटाने का निर्णय लिया गया है, जिससे नदी का प्राकृतिक बहाव मध्य हिस्से में स्थापित किया जा सके। सिंचाई विभाग इस काम पर करीब 1.30 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
नदी के बीच में रेत होने से पानी का बहाव दो हिस्सों में हरियाणा व यूपी की तरफ बंट गया है। पिछले कुछ वर्षों से मानसून के दौरान यमुना नदी का बहाव बदलकर गांव कमालपुर की ओर बढ़ रहा है। नदी के बीच में जमा रेत के कारण पानी किनारों की ओर मुड़ जाता है, जिससे कटाव तेज हो जाता है।
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पिछले साल हालात इतने गंभीर हो गए थे कि कटाव गांव के अंतिम घर से महज एक एकड़ दूरी तक पहुंच गया था। उस समय प्रशासन ने अस्थायी राहत के तौर पर रेत और मिट्टी से भरे कट्टे डालने के साथ-साथ सैकड़ों पेड़ों को नदी किनारे डाल कर कर कटाव रोकने का प्रयास किया था।
अब पोकलेन मशीनों की मदद से नदी के बीच से रेत हटाई जाएगी। इस रेत को नदी के किनारों पर व्यवस्थित तरीके से डाला जाएगा, जिससे बहाव सीधा मध्य भाग में रहेगा और किनारों पर दबाव कम होगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बाढ़ के दौरान पानी का रुख गांव की ओर नहीं मुड़ेगा और कटाव पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
योजना के तहत केवल कमालपुर ही नहीं, बल्कि इसके आसपास के क्षेत्रों में भी नदी की धारा को संतुलित करने का कार्य किया जाएगा। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को काम सौंप दिया है और जल्द ही मशीनें साइट पर पहुंचने की उम्मीद है। मानसून से पहले इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि बारिश के दौरान संभावित खतरे को न्यूनतम किया जा सके।
गांव टापू कमालपुर के विकास राणा, मोहन सिंह, पंकज, सुभाष राणा, जसबीर सिंह और प्रदूमन का कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए। यदि समय रहते काम शुरू नहीं हुआ तो आगामी मानसून में गांव को गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मशीनें जल्द लगाई जाएं और कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि उनकी जमीन और घर सुरक्षित रह सकें।
टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को कार्य आवंटित कर दिया गया है। कमालपुर के आसपास और आगे-पीछे के हिस्सों में नदी के बीच से रेत हटाई जाएगी। 15 जून तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। - प्रवीन गुप्ता, एसई, सिंचाई विभाग।

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