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Yamuna Nagar News: सरस्वती धाम हो रहा विकसित, दो घाट पर शुरू हुई नौकायन की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:31 AM IST
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सरस्व्ती धाम पर बने घाट पर आईं बोट। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरस्वतीनगर। खंड के सरस्वती नगर स्थित सतयुगी सरस्वती धाम को तेजी से विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया गया। सरस्वती धाम क्षेत्र में दो घाट बनकर तैयार हो चुके हैं और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए बोटिंग (नौकायन) भी शुरू कर दी गई है। बोटिंग करने के लिए यहां तीन बोट आ चुकी हैं, जिसका पर्यटक लुत्फ उठा रहे।
हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड की ोर ससे यहां चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं। प्रस्ताव के अनुसार नई लाइटें, सीढ़ियों की मरम्मत, टूटी रेलिंग को दुरुस्त करने के साथ अब रिवर फ्रंट और कॉरिडोर निर्माण की दिशा में भी तेजी दिखाई देने लगी है। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमिच के अनुसार सरस्वती धाम क्षेत्र को विकसित करने की योजना पर लगातार काम चल रहा है।
इसी कड़ी में जिले के गांव मिल्क माजरा में सरस्वती नदी के तट पर रिवर फ्रंट का शिलान्यास किया जा चुका है और सरस्वती नगर स्थित सरस्वती धाम में भी रिवर फ्रंट बनाने की संभावनाओं को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
कॉरिडोर बनने से श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित मार्ग मिलेगा, जिससे धार्मिक आयोजनों, मेलों और पर्यटक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बोर्ड का मानना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद सरस्वती धाम प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो जाएगा। मान्यता है कि सरस्वती नदी का उद्गम स्थल आदिबद्री है और आदिबद्री के बाद सरस्वती नगर में सरस्वती का पहला कुंड स्थित है। इसी कारण सरस्वती धाम का धार्मिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। वर्तमान में इस कुंड को पक्का कर दिया गया है और इसके चारों ओर विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर भी बनाए गए हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में सरस्वतीनगर धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
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सरस्वतीनगर। खंड के सरस्वती नगर स्थित सतयुगी सरस्वती धाम को तेजी से विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया गया। सरस्वती धाम क्षेत्र में दो घाट बनकर तैयार हो चुके हैं और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए बोटिंग (नौकायन) भी शुरू कर दी गई है। बोटिंग करने के लिए यहां तीन बोट आ चुकी हैं, जिसका पर्यटक लुत्फ उठा रहे।
हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड की ोर ससे यहां चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं। प्रस्ताव के अनुसार नई लाइटें, सीढ़ियों की मरम्मत, टूटी रेलिंग को दुरुस्त करने के साथ अब रिवर फ्रंट और कॉरिडोर निर्माण की दिशा में भी तेजी दिखाई देने लगी है। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमिच के अनुसार सरस्वती धाम क्षेत्र को विकसित करने की योजना पर लगातार काम चल रहा है।
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इसी कड़ी में जिले के गांव मिल्क माजरा में सरस्वती नदी के तट पर रिवर फ्रंट का शिलान्यास किया जा चुका है और सरस्वती नगर स्थित सरस्वती धाम में भी रिवर फ्रंट बनाने की संभावनाओं को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
कॉरिडोर बनने से श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित मार्ग मिलेगा, जिससे धार्मिक आयोजनों, मेलों और पर्यटक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बोर्ड का मानना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद सरस्वती धाम प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो जाएगा। मान्यता है कि सरस्वती नदी का उद्गम स्थल आदिबद्री है और आदिबद्री के बाद सरस्वती नगर में सरस्वती का पहला कुंड स्थित है। इसी कारण सरस्वती धाम का धार्मिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। वर्तमान में इस कुंड को पक्का कर दिया गया है और इसके चारों ओर विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर भी बनाए गए हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में सरस्वतीनगर धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

सरस्व्ती धाम पर बने घाट पर आईं बोट। संवाद
