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Yamuna Nagar News: बिजली बिल में बचत ने बढ़ाया सौर ऊर्जा का बाजार
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:14 AM IST
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शहर में अस्पताल की छत पर लगा सोलर पैनल। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बढ़ते बिजली बिल और सरकारी अनुदान ने जिले में सौर ऊर्जा के कारोबार को नई रफ्तार दी है। घरों से लेकर उद्योगों तक लोग अब पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए सोलर सिस्टम की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर बाजार पर दिखाई दे रहा है।
सोलर पैनल और रूफटॉप सिस्टम का कारोबार करने वाले डीलरों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष मांग में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले में पहले जहां सोलर सिस्टम मुख्य रूप से औद्योगिक इकाइयों और बड़े संस्थानों तक सीमित था, वहीं अब मध्यमवर्गीय परिवार भी अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और अन्य सब्सिडी योजनाओं ने लोगों की रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लोगों का मानना है कि एक बार निवेश करने के बाद कई वर्षों तक बिजली बिल में बड़ी राहत मिलती है। स्थानीय सोलर कारोबारी सोहन लाल का कहना है कि सबसे अधिक मांग तीन किलोवाट से दस किलोवाट क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम की है।
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घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठान और लघु उद्योग भी बड़ी संख्या में सोलर प्लांट स्थापित करा रहे हैं। पहले जहां महीने में सीमित ऑर्डर मिलते थे, वहीं अब लगातार पूछताछ और बुकिंग बढ़ रही है। कई कंपनियों के पास इंस्टॉलेशन के लिए पहले से लंबी प्रतीक्षा सूची है।
प्लाईवुड कारोबारी अंकुर जैन का कहना है कि उत्पादन लागत में बिजली खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में सोलर ऊर्जा अपनाने से बिजली पर होने वाला मासिक खर्च काफी कम हो जाता है। कई उद्योगों ने अपनी फैक्टरी परिसरों में बड़े सोलर प्लांट स्थापित किए हैं, जबकि अन्य इकाइयां भी इस दिशा में निवेश की तैयारी कर रही हैं।
सोलर बाजार में तेजी का असर रोजगार पर भी दिखाई दे रहा है। सोलर सिस्टम लगाने, रखरखाव और तकनीकी सेवाओं से जुड़े युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। इलेक्ट्रिशियन, तकनीशियन और इंस्टॉलेशन टीमों की मांग लगातार बढ़ रही है।
बढ़ेगा सौर ऊर्जा का दायरा : एसई
बिजली निगम के एसई मनिंद्र सिंह का कहना है कि आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा का दायरा और बढ़ेगा। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक बचत के कारण लोग इसे बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। सोलर ऊर्जा अब केवल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत बनती जा रही है। सरकार द्वारा इसके लिए पात्रों को सब्सिडी भी दी जा रही है। जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है वह बैंक से लोन लेकर भी सोलर पैनल लगवा सकते हैं। इतना ही नहीं जो बिजली बचेगी वह निगम को बेची जा सकती है।
यमुनानगर। बढ़ते बिजली बिल और सरकारी अनुदान ने जिले में सौर ऊर्जा के कारोबार को नई रफ्तार दी है। घरों से लेकर उद्योगों तक लोग अब पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए सोलर सिस्टम की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर बाजार पर दिखाई दे रहा है।
सोलर पैनल और रूफटॉप सिस्टम का कारोबार करने वाले डीलरों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष मांग में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले में पहले जहां सोलर सिस्टम मुख्य रूप से औद्योगिक इकाइयों और बड़े संस्थानों तक सीमित था, वहीं अब मध्यमवर्गीय परिवार भी अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं।
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प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और अन्य सब्सिडी योजनाओं ने लोगों की रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लोगों का मानना है कि एक बार निवेश करने के बाद कई वर्षों तक बिजली बिल में बड़ी राहत मिलती है। स्थानीय सोलर कारोबारी सोहन लाल का कहना है कि सबसे अधिक मांग तीन किलोवाट से दस किलोवाट क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम की है।
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठान और लघु उद्योग भी बड़ी संख्या में सोलर प्लांट स्थापित करा रहे हैं। पहले जहां महीने में सीमित ऑर्डर मिलते थे, वहीं अब लगातार पूछताछ और बुकिंग बढ़ रही है। कई कंपनियों के पास इंस्टॉलेशन के लिए पहले से लंबी प्रतीक्षा सूची है।
प्लाईवुड कारोबारी अंकुर जैन का कहना है कि उत्पादन लागत में बिजली खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में सोलर ऊर्जा अपनाने से बिजली पर होने वाला मासिक खर्च काफी कम हो जाता है। कई उद्योगों ने अपनी फैक्टरी परिसरों में बड़े सोलर प्लांट स्थापित किए हैं, जबकि अन्य इकाइयां भी इस दिशा में निवेश की तैयारी कर रही हैं।
सोलर बाजार में तेजी का असर रोजगार पर भी दिखाई दे रहा है। सोलर सिस्टम लगाने, रखरखाव और तकनीकी सेवाओं से जुड़े युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। इलेक्ट्रिशियन, तकनीशियन और इंस्टॉलेशन टीमों की मांग लगातार बढ़ रही है।
बढ़ेगा सौर ऊर्जा का दायरा : एसई
बिजली निगम के एसई मनिंद्र सिंह का कहना है कि आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा का दायरा और बढ़ेगा। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक बचत के कारण लोग इसे बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। सोलर ऊर्जा अब केवल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत बनती जा रही है। सरकार द्वारा इसके लिए पात्रों को सब्सिडी भी दी जा रही है। जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है वह बैंक से लोन लेकर भी सोलर पैनल लगवा सकते हैं। इतना ही नहीं जो बिजली बचेगी वह निगम को बेची जा सकती है।