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Yamuna Nagar News: एसडीओ और एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन मामले में जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने आदेश का अनुपालन नहीं होने पर बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रिंकू बनाम यूएचबीवीएनएल मामले की याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने प्रतापनगर के एसडीओ और यमुनानगर के एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 जुलाई को जवाब तलब किया है।
आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि शिकायतकर्ता रिंकू ने वर्ष 2022 में ट्यूबवेल में बिजली कनेक्शन के लिए यूएचबीवीएनएल में आवेदन किया था।
कनेक्शन देने में देरी पर रिंकू ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई करते हुए आयोग ने यूएचबीवीएनएल को 45 दिनों के अंदर ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने का आदेश दिया और देरी होने पर पांच हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश भी दिए।
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आदेश का पालन नहीं होने पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने बिजली निगम की ओर से दायर आपत्तियों का विरोध करते हुए कहा कि उपभोक्ता आयोग में इस प्रकार की आपत्तियों का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं निगम की ओर से अधिवक्ता बलिंद्र सिंह ने उच्च अधिकारियों से अनुमति लेने और राज्य आयोग में अपील लंबित होने का तर्क रखा। वहीं आयोग के समक्ष न तो अपील दायर करने का कोई प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही किसी स्थगन आदेश की प्रति दी गई। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि विपक्षी पक्ष का दावा प्रथम दृष्टया असत्य प्रतीत होता है और आपत्तियां केवल आदेश के अनुपालन में देरी करने के उद्देश्य से दाखिल की गई हैं।
आयोग ने इन्हें खारिज करते हुए कहा कि अधिकारी आदेश की पालना न करने का संतोषजनक कारण नहीं बता सके। अब एसडीओ और एक्सईएन को यह स्पष्ट करना होगा कि आयोग के आदेश की अवहेलना के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए।
यमुनानगर। ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन मामले में जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने आदेश का अनुपालन नहीं होने पर बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रिंकू बनाम यूएचबीवीएनएल मामले की याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने प्रतापनगर के एसडीओ और यमुनानगर के एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 जुलाई को जवाब तलब किया है।
आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि शिकायतकर्ता रिंकू ने वर्ष 2022 में ट्यूबवेल में बिजली कनेक्शन के लिए यूएचबीवीएनएल में आवेदन किया था।
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कनेक्शन देने में देरी पर रिंकू ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई करते हुए आयोग ने यूएचबीवीएनएल को 45 दिनों के अंदर ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने का आदेश दिया और देरी होने पर पांच हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश भी दिए।
आदेश का पालन नहीं होने पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने बिजली निगम की ओर से दायर आपत्तियों का विरोध करते हुए कहा कि उपभोक्ता आयोग में इस प्रकार की आपत्तियों का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं निगम की ओर से अधिवक्ता बलिंद्र सिंह ने उच्च अधिकारियों से अनुमति लेने और राज्य आयोग में अपील लंबित होने का तर्क रखा। वहीं आयोग के समक्ष न तो अपील दायर करने का कोई प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही किसी स्थगन आदेश की प्रति दी गई। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि विपक्षी पक्ष का दावा प्रथम दृष्टया असत्य प्रतीत होता है और आपत्तियां केवल आदेश के अनुपालन में देरी करने के उद्देश्य से दाखिल की गई हैं।
आयोग ने इन्हें खारिज करते हुए कहा कि अधिकारी आदेश की पालना न करने का संतोषजनक कारण नहीं बता सके। अब एसडीओ और एक्सईएन को यह स्पष्ट करना होगा कि आयोग के आदेश की अवहेलना के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए।