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Yamuna Nagar News: हैफेड के मैनेजर सलेंद्र को उज्जैन ले गई एसआईटी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सात राइस मिलों में सामने आए करीब 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले में संलिप्त हैफेड के सीनियर मैनेजर सलेंद्र को एसआईटी टीम मंगलवार को पूछताछ के लिए उज्जैन लेकर रवाना हो गई। रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में सामने आया है कि धान खरीद के बाद आरोपी उज्जैन गया था, जिसके चलते आशंका जताई जा रही है कि धान घोटाले से जुड़ी रकम वहीं छिपाई गई है।
एसआईटी के अनुसार आरोपी सलेंद्र ने राइस मिलर संदीप सिंगला से रिश्वत के तौर पर मोटी रकम ली थी। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि यह रकम उज्जैन में कहीं छिपाई गई है या फिर उसे वहां खुर्दबुर्द किया गया है। इसी कड़ी में अब टीम आरोपी को उज्जैन ले जाकर उन स्थानों की निशानदेही कराएगी, जहां वह ठहरा या गया था। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के दौरान घोटाले से जुड़ी अहम रिकवरी और सुराग मिल सकते हैं। पिछले वर्ष धान खरीद के दौरान सलेंद्र के पास प्रतापनगर और रणजीतपुर की अनाज मंडियों का प्रभार था। इन मंडियों में स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आई थीं। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने फर्जी गेट पास तैयार कर कागजों में धान की खरीद दर्शाई और बाद में इसे राइस मिलों में दिखाकर करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम दिया।
फिलहाल आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है, जो बुधवार को समाप्त होगा। इस दौरान उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और मामले के अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। जांच टीम का मानना है कि उज्जैन में पूछताछ से कई अहम कड़ियां जुड़ सकती हैं। दूसरी ओर, इस मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि सलेंद्र का रिमांड पूरा होने के बाद कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। हैफेड के सीनियर मैनेजर की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि मंडियों में फर्जी गेट पास काटने का खेल चल रहा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन मंडियों में और कितनी संख्या में फर्जी गेट पास जारी किए गए। धान घोटाला सामने आने के बाद से कई महीने तक इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह माना जा रहा था कि एसआईटी की जांच ठंडी पड़ गई है। अब सलेंद्र की गिरफ्तारी और जांच ने फिर गति पकड़ ली है।
आरोपी मैनेजर सलेंद्र को एसआईटी उज्जैन लेकर गई है। संदीप सिंगला से ली गई रकम कहां छिपाई गई है और कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ, इसका खुलासा जल्द होने की उम्मीद है। आरोपी से पैसे की रिकवरी करने का प्रयास हो रहा है। - राजीव मिगलानी, डीएसपी जगाधरी एवं एसआईटी इंचार्ज।
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यमुनानगर। सात राइस मिलों में सामने आए करीब 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले में संलिप्त हैफेड के सीनियर मैनेजर सलेंद्र को एसआईटी टीम मंगलवार को पूछताछ के लिए उज्जैन लेकर रवाना हो गई। रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में सामने आया है कि धान खरीद के बाद आरोपी उज्जैन गया था, जिसके चलते आशंका जताई जा रही है कि धान घोटाले से जुड़ी रकम वहीं छिपाई गई है।
एसआईटी के अनुसार आरोपी सलेंद्र ने राइस मिलर संदीप सिंगला से रिश्वत के तौर पर मोटी रकम ली थी। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि यह रकम उज्जैन में कहीं छिपाई गई है या फिर उसे वहां खुर्दबुर्द किया गया है। इसी कड़ी में अब टीम आरोपी को उज्जैन ले जाकर उन स्थानों की निशानदेही कराएगी, जहां वह ठहरा या गया था। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के दौरान घोटाले से जुड़ी अहम रिकवरी और सुराग मिल सकते हैं। पिछले वर्ष धान खरीद के दौरान सलेंद्र के पास प्रतापनगर और रणजीतपुर की अनाज मंडियों का प्रभार था। इन मंडियों में स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आई थीं। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने फर्जी गेट पास तैयार कर कागजों में धान की खरीद दर्शाई और बाद में इसे राइस मिलों में दिखाकर करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम दिया।
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फिलहाल आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है, जो बुधवार को समाप्त होगा। इस दौरान उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और मामले के अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। जांच टीम का मानना है कि उज्जैन में पूछताछ से कई अहम कड़ियां जुड़ सकती हैं। दूसरी ओर, इस मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि सलेंद्र का रिमांड पूरा होने के बाद कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। हैफेड के सीनियर मैनेजर की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि मंडियों में फर्जी गेट पास काटने का खेल चल रहा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन मंडियों में और कितनी संख्या में फर्जी गेट पास जारी किए गए। धान घोटाला सामने आने के बाद से कई महीने तक इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह माना जा रहा था कि एसआईटी की जांच ठंडी पड़ गई है। अब सलेंद्र की गिरफ्तारी और जांच ने फिर गति पकड़ ली है।
आरोपी मैनेजर सलेंद्र को एसआईटी उज्जैन लेकर गई है। संदीप सिंगला से ली गई रकम कहां छिपाई गई है और कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ, इसका खुलासा जल्द होने की उम्मीद है। आरोपी से पैसे की रिकवरी करने का प्रयास हो रहा है। - राजीव मिगलानी, डीएसपी जगाधरी एवं एसआईटी इंचार्ज।