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Yamuna Nagar News: बिजली की केबल महंगी होने से विकास के कामों में रोड़ा

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 28 Apr 2026 01:22 AM IST
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The cost of power cables is a hindrance to development work
बिजली का तार ठीक करता कर्मचारी। संवाद
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राजेश कुमार
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यमुनानगर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े ईरान-अमेरिका तनाव का असर स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। बिजली निगम के कार्यों में इस्तेमाल होने वाली केबल और अन्य सामग्री की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते विकास और मरम्मत कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। स्थिति यह है कि कई ठेकेदारों ने नुकसान से बचने के लिए अपने काम बीच में ही रोक दिए हैं।
बाजार में 185 एमएम की केबल की कीमत पहले करीब 1400 रुपये प्रति मीटर थी। यह अब बढ़कर 1750 रुपये प्रति मीटर तक पहुंच गई है। इसके अलावा 11 केवी लाइन में इस्तेमाल होने वाली थ्री-कोर केबल, एलटी लाइन की चार-कोर केबल, बीआर कंडक्टर, 50 से 100 एमएम की एसीएसआर, एंगल, चैनल और फैब्रिकेटेड आइटम की कीमतों में भी करीब 20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। बिजली निगम से जुड़े लोगों का कहना है कि केबल पर चढ़ने वाली प्लास्टिक परत के लिए आवश्यक कच्चा माल खाड़ी देशों से आता है, जिसकी आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण प्रभावित हुई है।
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इसके साथ ही एल्यूमीनियम के दामों में भी तेज उछाल आया है, जिससे केबल निर्माण लागत बढ़ गई है। ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने जिन दरों पर काम शुरू किया था, अब उन दरों पर काम करना संभव नहीं रह गया है।
एक ठेकेदार ने बताया कि यदि मौजूदा दरों पर काम जारी रखा गया तो भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। यही कारण है कि कई ठेकेदारों ने अपने प्रोजेक्ट्स होल्ड कर दिए हैं। बिजली निगम के नियमों के अनुसार अधीक्षण अभियंता (एसई) स्तर पर 10 लाख रुपये तक के कार्य और चीफ ऑपरेशनल सर्कल स्तर पर 50 लाख रुपये तक के कार्य करवाए जाते हैं।
इन कार्यों के लिए पहले से ही तय दरों पर काम जारी किए जाते हैं। लेकिन अचानक बढ़ी कीमतों के कारण ठेकेदार सामग्री उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है। पुरानी और जर्जर तारों को बदलने का काम धीमी गति से चल रहा है या पूरी तरह रुक गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स भी प्रभावित हुए हैं। संवाद
केबल के रेट बढ़े हैं। ठेकेदारों का कहना है कि बढ़ी कीमतों पर वह बिजली निगम को नियमित रूप से सामान उपलब्ध करवाने में समक्ष नहीं है। इसका असर कार्यों पर पड़ा है। इस बारे में ठेकेदारों की बैठक बुलाई जाएगी। -मनिंद्र सिंह, एसई, बिजली निगम।
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