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Yamuna Nagar News: पूर्व विधायक डॉ. सैनी के पेट्रोल पंप के सामने अवैध कट को किया जाएगा बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:50 AM IST
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जिला सचिवालय में सड़क सुरक्षा की बैठक में मौजूद सीटीएम, डीटीओ व एसपी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सड़क सुरक्षा की बैठक में जिन दुर्घटना संभावित प्वाइंट पर डेढ़-दो साल से चर्चा हो रही है उनकी हालत आज भी जस की तस है। बैठक में बस स्टैंड जगाधरी से अग्रसेन चौक के बीच गुप्ता पैलेस व पूर्व विधायक डॉ. बीएल सैनी के पेट्रोल पंप के सामने हाईवे के डिवाइडर पर बने अवैध कट को फिर से बंद करने का अहम निर्णय लिया गया।
इस कट की वजह से यहां 23 हादसों में 10 लोगों की जान जा चुकी है। एनएच अधिकारियों ने बताया कि इस कट को उन्होंने बंद कर दिया था। परंतु कुछ लोग तत्कालीन डीसी के पास पहुंच गए थे। इसलिए इसे दोबारा खोल दिया था। यदि उन्हें पुलिस प्रोटेक्शन मिले तो वह इस कट को कल ही बंद कर देंगे। अधिकारियों ने तुरंत इस कट को बंद करके रिपोर्ट देने को कहा। सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत बैठक में किसी भी बिंदू पर चर्चा नहीं की गई।
डीसी प्रीति की गैर मौजूदगी में सीटीएम पीयूष गुप्ता ने जिला सचिवालय में शुक्रवार को सड़क सुरक्षा की बैठक ली। डीटीओ हैरतजीत कौर ने विभिन्न विभागों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं, पहली बार रोड सेफ्टी की बैठक में नगर निगम की तरफ से कोई एसडीओ, जेई नहीं बल्कि खुद आयुक्त महाबीर प्रसाद पहुंचे थे। साथ ही एसपी कमलदीप गोयल ने भी कई बिंदुओं पर गहनता से चर्चा की।
शहर के महाराणा प्रताप चौक से विश्वकर्मा चौक के बीच रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास नहीं खोलने और यहां लगाई गई लोहे की ग्रिल को ऊंचा उठाने का मामला एक बार फिर उठा। करीब डेढ़ साल से इस प्वाइंट पर चर्चा हो रही है कि ओवरब्रिज के नीचे बंद पड़े अंडरपास को दोबारा खोला जाए और ग्रिल को भी 10 फीट तक ऊंचा उठाया जाए ताकि कोई इसके ऊपर से सड़क के दूसरी तरफ न जा सके। यहां तीन साल में 51 हादसों में 27 मौत हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ने बताया कि यह मामला प्रक्रिया में है। अंडरपास का एस्टीमेट दोबारा बनाकर भेजा हुआ है। टेंडर होने के बाद दो माह में इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। काम शुरू होने पर सड़क को चार दिन बंद रखना पड़ेगा।
डीटीओ हैरतजीत कौर ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की तरफ से जो काम किए जाते हैं उनकी एटीआर नहीं भेजी जाती। इसी तरह पंचायत भवन से लेकर कन्हैया साहिब चौक के बीच 37 हादसों में 11 मौत हो चुकी हैं। इस हिस्से को छोड़ कर बाकी जगह सड़क पर डिवाइडर बना है। ज्यादा भीड़ व ट्रैफिक के चलते यहां भी डिवाइडर की जरूरत है। इसी रोड से करीब डेढ़ साल पहले एएसआई और नवंबर 2018 में यमुनानगर विधायक के बड़े भाई की भी सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ने फिलहाल यहां डिवाइडर का कोई प्रपोजल नहीं होने की बात कही। जिस पर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने उनसे कहा कि वह उन्हें एनओसी दे। यह काम नगर निगम करवा देगा।
बैठक में सफायर होटल से लेकर प्यारा चौक तक सड़क पर हुए अतिक्रमण, ट्रैफिक व पार्किंग की वजह से लगने वाले जाम के आगे जिला प्रशासन ने सरेंडर कर दिया। ट्रैफिक एसएचओ कुशलपाल ने बैठक में कहा कि उन्होंने मौके पर जाकर दुकानदारों को समझाया कि वह अपना सामान सड़क पर न रखें। पुलिस ने वाहनों के चालान भी किए। लोग बोलते हैं कि जब शहर में पार्किंग की जगह ही नहीं हैं तो वह अपने वाहनों को और कहां पर खड़ा करें।
इस पर कमेटी ने कोई समाधान नहीं होने पर इस प्वाइंट को एजेंडे से ड्रॉप करने का निर्णय लिया। इसी तरह सहारनपुर रोड पर शुगर मिल से लेकर यमुना पुल तक सड़क के दोनों तरफ खड़े रहने वाले ट्रकों को हटाने में भी प्रशासन असहाय दिख रहा है। सड़क पर ही दुकानदारों द्वारा खराब ट्रकों को ठीक किया जा रहा है। अब सड़क पर चलने के लिए केवल एक ही लेन बची है। इससे सड़क पर हर समय जाम रहता है।
झूठी रिपोर्ट देकर ब्लैक स्पॉट खत्म करने का आरोप
बैठक में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य सुशील आर्य ने आरोप लगाया कि एनएच अधिकारियों ने झूठी रिपोर्ट देकर सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे के नौ ब्लैक स्पॉट को खत्म करवा दिया। वह खुद ट्रैफिक एसएचओ के साथ मौके का मुआयना कर चुके हैं, जहां बहुत सारी कमियां मिली हैं। एनएच अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन्होंने सभी प्वाइंट पर काम कराया था। कई बार उनका लगाया हुआ सामान चोरी भी हो चुका है। इस पर सिटीएम ने एनएच अधिकारियों, ट्रैफिक एसएचओ व एडवोकेट सुशील आर्य की मौके पर जाकर निरीक्षण करने के लिए ज्वाइंट कमेटी बनाकर रिपोर्ट देने को कहा। इसके अलावा भी कई बिंदुओं पर बैठक में चर्चा की गई।
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यमुनानगर। सड़क सुरक्षा की बैठक में जिन दुर्घटना संभावित प्वाइंट पर डेढ़-दो साल से चर्चा हो रही है उनकी हालत आज भी जस की तस है। बैठक में बस स्टैंड जगाधरी से अग्रसेन चौक के बीच गुप्ता पैलेस व पूर्व विधायक डॉ. बीएल सैनी के पेट्रोल पंप के सामने हाईवे के डिवाइडर पर बने अवैध कट को फिर से बंद करने का अहम निर्णय लिया गया।
इस कट की वजह से यहां 23 हादसों में 10 लोगों की जान जा चुकी है। एनएच अधिकारियों ने बताया कि इस कट को उन्होंने बंद कर दिया था। परंतु कुछ लोग तत्कालीन डीसी के पास पहुंच गए थे। इसलिए इसे दोबारा खोल दिया था। यदि उन्हें पुलिस प्रोटेक्शन मिले तो वह इस कट को कल ही बंद कर देंगे। अधिकारियों ने तुरंत इस कट को बंद करके रिपोर्ट देने को कहा। सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत बैठक में किसी भी बिंदू पर चर्चा नहीं की गई।
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डीसी प्रीति की गैर मौजूदगी में सीटीएम पीयूष गुप्ता ने जिला सचिवालय में शुक्रवार को सड़क सुरक्षा की बैठक ली। डीटीओ हैरतजीत कौर ने विभिन्न विभागों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं, पहली बार रोड सेफ्टी की बैठक में नगर निगम की तरफ से कोई एसडीओ, जेई नहीं बल्कि खुद आयुक्त महाबीर प्रसाद पहुंचे थे। साथ ही एसपी कमलदीप गोयल ने भी कई बिंदुओं पर गहनता से चर्चा की।
शहर के महाराणा प्रताप चौक से विश्वकर्मा चौक के बीच रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास नहीं खोलने और यहां लगाई गई लोहे की ग्रिल को ऊंचा उठाने का मामला एक बार फिर उठा। करीब डेढ़ साल से इस प्वाइंट पर चर्चा हो रही है कि ओवरब्रिज के नीचे बंद पड़े अंडरपास को दोबारा खोला जाए और ग्रिल को भी 10 फीट तक ऊंचा उठाया जाए ताकि कोई इसके ऊपर से सड़क के दूसरी तरफ न जा सके। यहां तीन साल में 51 हादसों में 27 मौत हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ने बताया कि यह मामला प्रक्रिया में है। अंडरपास का एस्टीमेट दोबारा बनाकर भेजा हुआ है। टेंडर होने के बाद दो माह में इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। काम शुरू होने पर सड़क को चार दिन बंद रखना पड़ेगा।
डीटीओ हैरतजीत कौर ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की तरफ से जो काम किए जाते हैं उनकी एटीआर नहीं भेजी जाती। इसी तरह पंचायत भवन से लेकर कन्हैया साहिब चौक के बीच 37 हादसों में 11 मौत हो चुकी हैं। इस हिस्से को छोड़ कर बाकी जगह सड़क पर डिवाइडर बना है। ज्यादा भीड़ व ट्रैफिक के चलते यहां भी डिवाइडर की जरूरत है। इसी रोड से करीब डेढ़ साल पहले एएसआई और नवंबर 2018 में यमुनानगर विधायक के बड़े भाई की भी सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ने फिलहाल यहां डिवाइडर का कोई प्रपोजल नहीं होने की बात कही। जिस पर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने उनसे कहा कि वह उन्हें एनओसी दे। यह काम नगर निगम करवा देगा।
बैठक में सफायर होटल से लेकर प्यारा चौक तक सड़क पर हुए अतिक्रमण, ट्रैफिक व पार्किंग की वजह से लगने वाले जाम के आगे जिला प्रशासन ने सरेंडर कर दिया। ट्रैफिक एसएचओ कुशलपाल ने बैठक में कहा कि उन्होंने मौके पर जाकर दुकानदारों को समझाया कि वह अपना सामान सड़क पर न रखें। पुलिस ने वाहनों के चालान भी किए। लोग बोलते हैं कि जब शहर में पार्किंग की जगह ही नहीं हैं तो वह अपने वाहनों को और कहां पर खड़ा करें।
इस पर कमेटी ने कोई समाधान नहीं होने पर इस प्वाइंट को एजेंडे से ड्रॉप करने का निर्णय लिया। इसी तरह सहारनपुर रोड पर शुगर मिल से लेकर यमुना पुल तक सड़क के दोनों तरफ खड़े रहने वाले ट्रकों को हटाने में भी प्रशासन असहाय दिख रहा है। सड़क पर ही दुकानदारों द्वारा खराब ट्रकों को ठीक किया जा रहा है। अब सड़क पर चलने के लिए केवल एक ही लेन बची है। इससे सड़क पर हर समय जाम रहता है।
झूठी रिपोर्ट देकर ब्लैक स्पॉट खत्म करने का आरोप
बैठक में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य सुशील आर्य ने आरोप लगाया कि एनएच अधिकारियों ने झूठी रिपोर्ट देकर सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे के नौ ब्लैक स्पॉट को खत्म करवा दिया। वह खुद ट्रैफिक एसएचओ के साथ मौके का मुआयना कर चुके हैं, जहां बहुत सारी कमियां मिली हैं। एनएच अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन्होंने सभी प्वाइंट पर काम कराया था। कई बार उनका लगाया हुआ सामान चोरी भी हो चुका है। इस पर सिटीएम ने एनएच अधिकारियों, ट्रैफिक एसएचओ व एडवोकेट सुशील आर्य की मौके पर जाकर निरीक्षण करने के लिए ज्वाइंट कमेटी बनाकर रिपोर्ट देने को कहा। इसके अलावा भी कई बिंदुओं पर बैठक में चर्चा की गई।
