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Yamuna Nagar News: कथा में गूंजा भक्ति और ज्ञान का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:59 AM IST
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कथा सुनाते चैतन्य मृदुल। आयोजक
- फोटो : rajori news
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। श्री हनुमान मंदिर रामपुरा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भक्ति और आध्यात्मिकता का विशेष संगम देखने को मिला। कथावाचक स्वामी चैतन्य मृदुल महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों के माध्यम से जीवन का गूढ़ संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान का स्मरण करने मात्र से व्यक्ति और उसके परिवार पर आने वाली विपत्तियां दूर हो जाती हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का सजीव वर्णन करते हुए उनकी बाल लीलाओं-पूतना वध, माखन चोरी, मिट्टी खाना, ब्रह्मांड दर्शन और कालिया दमन का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
कथा वाचक ने बताया कि ये लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ज्ञान, भक्ति और अहंकार त्याग का संदेश देती हैं। यशोदा मैया के साथ कृष्ण के स्नेहपूर्ण संबंधों का वर्णन कर उन्होंने मातृत्व और प्रेम की महत्ता को भी रेखांकित किया। स्वामी ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण मानव जीवन के कल्याण का सबसे श्रेष्ठ साधन है। यह एक ऐसी आध्यात्मिक औषधि है, जो जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति दिलाती है।
उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुखों में उलझकर भक्ति से दूर होता जा रहा है, जबकि सच्चा सुख केवल भगवान के चरणों में है। कथा में गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग प्रसाद के महत्व को भी समझाया गया। साथ ही भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का उल्लेख करते हुए श्रीराम और श्रीकृष्ण को प्रमुख अवतार बताया गया। उन्होंने कंस द्वारा पूतना को भेजने और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उसका वध करने का प्रसंग भी सुनाया। इस मौके पर रोशन लाल पप्पू, दविंदर मेहता, सुरेंद्र मगो, तिलक शर्मा, राकेश शर्मा, संजीव कुमार बंटी, अनिल लंबा उपस्थित रहे।
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यमुनानगर। श्री हनुमान मंदिर रामपुरा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भक्ति और आध्यात्मिकता का विशेष संगम देखने को मिला। कथावाचक स्वामी चैतन्य मृदुल महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों के माध्यम से जीवन का गूढ़ संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान का स्मरण करने मात्र से व्यक्ति और उसके परिवार पर आने वाली विपत्तियां दूर हो जाती हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का सजीव वर्णन करते हुए उनकी बाल लीलाओं-पूतना वध, माखन चोरी, मिट्टी खाना, ब्रह्मांड दर्शन और कालिया दमन का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
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कथा वाचक ने बताया कि ये लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ज्ञान, भक्ति और अहंकार त्याग का संदेश देती हैं। यशोदा मैया के साथ कृष्ण के स्नेहपूर्ण संबंधों का वर्णन कर उन्होंने मातृत्व और प्रेम की महत्ता को भी रेखांकित किया। स्वामी ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण मानव जीवन के कल्याण का सबसे श्रेष्ठ साधन है। यह एक ऐसी आध्यात्मिक औषधि है, जो जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति दिलाती है।
उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुखों में उलझकर भक्ति से दूर होता जा रहा है, जबकि सच्चा सुख केवल भगवान के चरणों में है। कथा में गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग प्रसाद के महत्व को भी समझाया गया। साथ ही भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का उल्लेख करते हुए श्रीराम और श्रीकृष्ण को प्रमुख अवतार बताया गया। उन्होंने कंस द्वारा पूतना को भेजने और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उसका वध करने का प्रसंग भी सुनाया। इस मौके पर रोशन लाल पप्पू, दविंदर मेहता, सुरेंद्र मगो, तिलक शर्मा, राकेश शर्मा, संजीव कुमार बंटी, अनिल लंबा उपस्थित रहे।

कथा सुनाते चैतन्य मृदुल। आयोजक- फोटो : rajori news