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Yamuna Nagar News: हरियाली के नजारों के साथ जंगल सफारी का रोमांच
Mon, 26 Oct 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:46 AM IST
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कलेसर नेशनल पार्क का बनाया गया नया गेट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। यहां शहर का शोर नहीं है। जंगल की शांति है। प्रकृति के बीच हरियाली की गोद है। साथ ही जंगल सफारी में वन्य जीवों को करीब से देखने का रोमांच भी है। हम बात कर रहे हैं कलेसर नेशनल पार्क की। विभाग की ओर ओर यहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के दावे किए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश की शिवालिक पहाड़ियों से सटे प्रदेश के कलेसर नेशनल पार्क में जंगल सफारी के प्रति पर्यटकों का आकर्षण बढ़ रहा है। घने जंगल, हरियाली और विविध वन्यजीवों से भरपूर यह राष्ट्रीय उद्यान प्रकृति प्रेमियों के लिए खास पर्यटन स्थल बनता जा रहा है।
पार्क में नया गेट और जंगल के भीतर नया सफारी ट्रैक विकसित होने से पर्यटकों को वन क्षेत्र का भ्रमण करने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
करीब 12 हजार एकड़ क्षेत्र में फैले कलेसर नेशनल पार्क में तेंदुआ, हाथी, चीतल, सांभर, जंगली सूअर, मोर, बंदर, खरगोश और अजगर सहित कई वन्यजीव पाए जाते हैं। जंगल का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता सफारी के रोमांच को और बढ़ाते हैं। यहां पर्यटक वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
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पार्क में बनाए गए नए गेट से पर्यटकों के आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। वहीं जंगल के भीतर विकसित नए सफारी ट्रैक से पर्यटक वन क्षेत्र के नए हिस्सों का भ्रमण कर पा रहे हैं। इससे जंगल सफारी को अधिक आकर्षक बनाने और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलूराम ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल कलेसर नेशनल पार्क में पर्यटकों का रुझान बढ़ रहा है। पर्यटकों की सुविधा के लिए नया गेट तैयार किया गया है और जंगल के भीतर सफारी ट्रैक भी बनाया गया है। इन सुविधाओं से पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में घूमने का बेहतर अवसर मिल रहा है। उन्होंने दावा किया की लोगों का प्रति रुझान बढ़ रहा है।
जंगल सफारी में गाड़ी का प्रवेश शुल्क 100 रुपये
वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलूराम ने बताया कि कलेसर नेशनल पार्क में जंगल सफारी का समय सुबह 6 से 11 बजे तक और शाम को 3 से 5 बजे तक निर्धारित है। सफारी के लिए विभाग की ओर से प्रति व्यक्ति 50 रुपये शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा गाड़ी का प्रवेश शुल्क 100 रुपये निर्धारित है। जंगल सफारी के लिए गाड़ी उपलब्ध करवाने वाले चालक को किराये के रूप में 1000 रुपये अलग से देने होते हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से पर्यटक कलेसर के घने जंगलों और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकते हैं।
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प्रतापनगर। यहां शहर का शोर नहीं है। जंगल की शांति है। प्रकृति के बीच हरियाली की गोद है। साथ ही जंगल सफारी में वन्य जीवों को करीब से देखने का रोमांच भी है। हम बात कर रहे हैं कलेसर नेशनल पार्क की। विभाग की ओर ओर यहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के दावे किए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश की शिवालिक पहाड़ियों से सटे प्रदेश के कलेसर नेशनल पार्क में जंगल सफारी के प्रति पर्यटकों का आकर्षण बढ़ रहा है। घने जंगल, हरियाली और विविध वन्यजीवों से भरपूर यह राष्ट्रीय उद्यान प्रकृति प्रेमियों के लिए खास पर्यटन स्थल बनता जा रहा है।
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पार्क में नया गेट और जंगल के भीतर नया सफारी ट्रैक विकसित होने से पर्यटकों को वन क्षेत्र का भ्रमण करने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
करीब 12 हजार एकड़ क्षेत्र में फैले कलेसर नेशनल पार्क में तेंदुआ, हाथी, चीतल, सांभर, जंगली सूअर, मोर, बंदर, खरगोश और अजगर सहित कई वन्यजीव पाए जाते हैं। जंगल का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता सफारी के रोमांच को और बढ़ाते हैं। यहां पर्यटक वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
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पार्क में बनाए गए नए गेट से पर्यटकों के आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। वहीं जंगल के भीतर विकसित नए सफारी ट्रैक से पर्यटक वन क्षेत्र के नए हिस्सों का भ्रमण कर पा रहे हैं। इससे जंगल सफारी को अधिक आकर्षक बनाने और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलूराम ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल कलेसर नेशनल पार्क में पर्यटकों का रुझान बढ़ रहा है। पर्यटकों की सुविधा के लिए नया गेट तैयार किया गया है और जंगल के भीतर सफारी ट्रैक भी बनाया गया है। इन सुविधाओं से पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में घूमने का बेहतर अवसर मिल रहा है। उन्होंने दावा किया की लोगों का प्रति रुझान बढ़ रहा है।
जंगल सफारी में गाड़ी का प्रवेश शुल्क 100 रुपये
वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलूराम ने बताया कि कलेसर नेशनल पार्क में जंगल सफारी का समय सुबह 6 से 11 बजे तक और शाम को 3 से 5 बजे तक निर्धारित है। सफारी के लिए विभाग की ओर से प्रति व्यक्ति 50 रुपये शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा गाड़ी का प्रवेश शुल्क 100 रुपये निर्धारित है। जंगल सफारी के लिए गाड़ी उपलब्ध करवाने वाले चालक को किराये के रूप में 1000 रुपये अलग से देने होते हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से पर्यटक कलेसर के घने जंगलों और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकते हैं।