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Yamuna Nagar News: जेल में रची चोरी की साजिश, विरोध पर की गई सेवानिवृत्त एसई की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:20 AM IST
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जगदीश ।फाइल फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जठलाना गांव में सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता (एसई) जगदीश बंसल की हत्या में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार चोरी की साजिश की शुरुआत जेल में हुई थी। जांच में सामने आया कि करनाल के गांव घीड़ निवासी आरोपी अजय कुमार की मुलाकात जेल में जठलाना निवासी देवेंद्र से हुई थी। देवेंद्र ने ही अजय को बताया था कि जगदीश बंसल गांव में अकेले रहते हैं और उनके घर में आसानी से चोरी की जा सकती है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी ने बताया कि सूचना के आधार पर अजय ने अपने साथी करनाल के गांव घीड़ निवासी अंकित के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। दोनों आरोपी 18 जून की रात दीवार फांदकर जगदीश बंसल के घर पहुंचे। उनका मकसद चोरी करना था, लेकिन घर में घुसने के दौरान जगदीश बंसल जाग गए और उन्होंने विरोध किया। इस पर आरोपियों ने धारदार हथियार और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया।
गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी घर से सामान लेकर भाग गए। इसके बाद 19 जून को घर की सहायिका के पहुंचने पर गेट नही खुलने के कारण पडोसियों की मदद से घर में प्रवेश किया गया। लेकिन एसई घर में खून से लथपथ मृत हालत में पड़े थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें दो संदिग्ध दिखाई दिए।
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तकनीकी जांच और फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच पूरी गंभीरता से की गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान यह भी जांच की जाएगी कि वारदात की योजना में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
रिटायर्ड एसई जगदीश बंसल हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी अजय और अंकित का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार अजय के खिलाफ पहले से छह और अंकित के खिलाफ चार लूटपाट और चोरी के मामले दर्ज हैं। दोनों जमानत पर जेल से बाहर आए हुए थे। जांच में खुलासा हुआ है कि जेल में ही देवेंद्र ने अजय को जगदीश बंसल के अकेले रहने की जानकारी दी थी और वहां चोरी करने का सुझाव दिया था। इसी सूचना के बाद वारदात की योजना बनाई गई।
रॉड और कैंची से किए थे 17 वार
रिटायर्ड एसई जगदीश बंसल की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों ने चोरी का विरोध करने पर उन पर लोहे की रॉड और पास रखी कैंची से 17 वार किए थे। हमले में उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं और आठ फ्रैक्चर मिले। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने खंगाला घर
जगदीश बंसल की हत्या करने के बाद आरोपी तुरंत नहीं भागे, बल्कि काफी देर तक मकान के भीतर ही रहे। इस दौरान उन्होंने कमरों की तलाशी ली और घर का सामान बिखेर दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी नकदी व कीमती सामान की खोज में घर के कोने-कोने तक पहुंचे। वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से भाग गए।
यमुनानगर। जठलाना गांव में सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता (एसई) जगदीश बंसल की हत्या में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार चोरी की साजिश की शुरुआत जेल में हुई थी। जांच में सामने आया कि करनाल के गांव घीड़ निवासी आरोपी अजय कुमार की मुलाकात जेल में जठलाना निवासी देवेंद्र से हुई थी। देवेंद्र ने ही अजय को बताया था कि जगदीश बंसल गांव में अकेले रहते हैं और उनके घर में आसानी से चोरी की जा सकती है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी ने बताया कि सूचना के आधार पर अजय ने अपने साथी करनाल के गांव घीड़ निवासी अंकित के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। दोनों आरोपी 18 जून की रात दीवार फांदकर जगदीश बंसल के घर पहुंचे। उनका मकसद चोरी करना था, लेकिन घर में घुसने के दौरान जगदीश बंसल जाग गए और उन्होंने विरोध किया। इस पर आरोपियों ने धारदार हथियार और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया।
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गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी घर से सामान लेकर भाग गए। इसके बाद 19 जून को घर की सहायिका के पहुंचने पर गेट नही खुलने के कारण पडोसियों की मदद से घर में प्रवेश किया गया। लेकिन एसई घर में खून से लथपथ मृत हालत में पड़े थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें दो संदिग्ध दिखाई दिए।
तकनीकी जांच और फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच पूरी गंभीरता से की गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान यह भी जांच की जाएगी कि वारदात की योजना में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
रिटायर्ड एसई जगदीश बंसल हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी अजय और अंकित का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार अजय के खिलाफ पहले से छह और अंकित के खिलाफ चार लूटपाट और चोरी के मामले दर्ज हैं। दोनों जमानत पर जेल से बाहर आए हुए थे। जांच में खुलासा हुआ है कि जेल में ही देवेंद्र ने अजय को जगदीश बंसल के अकेले रहने की जानकारी दी थी और वहां चोरी करने का सुझाव दिया था। इसी सूचना के बाद वारदात की योजना बनाई गई।
रॉड और कैंची से किए थे 17 वार
रिटायर्ड एसई जगदीश बंसल की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों ने चोरी का विरोध करने पर उन पर लोहे की रॉड और पास रखी कैंची से 17 वार किए थे। हमले में उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं और आठ फ्रैक्चर मिले। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने खंगाला घर
जगदीश बंसल की हत्या करने के बाद आरोपी तुरंत नहीं भागे, बल्कि काफी देर तक मकान के भीतर ही रहे। इस दौरान उन्होंने कमरों की तलाशी ली और घर का सामान बिखेर दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी नकदी व कीमती सामान की खोज में घर के कोने-कोने तक पहुंचे। वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से भाग गए।