{"_id":"69f7a7aae32a5e1fb707e308","slug":"thousands-of-quintals-of-wheat-soaked-in-the-market-due-to-sudden-rain-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1001-155444-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: अचानक हुई बारिश से मंडी में भीगा हजारों क्विंटल गेहूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: अचानक हुई बारिश से मंडी में भीगा हजारों क्विंटल गेहूं
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 04 May 2026 01:23 AM IST
विज्ञापन
प्रतापनगर अनाज मंडी में बारिश में भीगी गेहूं की बोरियां। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। मौसम में हुए अचानक बदलाव से प्रतापनगर अनाज मंडी में खुले में पड़ी अनाज की हजारों बोरिया भीग गई। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी मार्केट कमेटी खुले आसमान के नीचे पड़े हजारों क्विंटल अनाज की बोरियों को भीगने से नहीं बचा सका।
हालांकि काफी हद तक मजदूरों ने खुले में पड़ी गेहूं की बोरियों को तिरपाल से ढक दिया था। लेकिन अधिकतर बोरियां खुले में पड़े भीगते रहे। खुले में पड़ी बोरियों के नीचे से पानी निकलता रहा और बोरियों के अंदर का अनाज भीग गया। लोगों का कहना है कि बोरियों में खरे गेहूं में पानी लग जाने से काला पड़ जाता है और खाने के लायक नहीं रहता है। मार्केट कमेटी विभाग और खरीद एजेंसियां भीगी बोरियों को ही गोदाम में लगवा देंगे जिससे दूसरी बोरियों का अनाज भी खराब होने का अंदेशा बना हुआ है।
बोरियों के नीचे स्टैंड लगे होते तो बोरी में पानी जाने का खतरा कम रहता है लेकिन बारिश का इकट्ठा हुआ सारा पानी बोरी में पड़े अनाज को ही खराब करता है। खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक गुलशन कुमार ने बताया कि उनकी एजेंसी द्वारा खरीदा गया अनाज समय रहते तिरपाल से ढकवा दिया था। उन्होंने बताया कि लगभग सारा अनाज लोडिंग कर गोदाम में लगवा दिया गया है।
Trending Videos
प्रतापनगर। मौसम में हुए अचानक बदलाव से प्रतापनगर अनाज मंडी में खुले में पड़ी अनाज की हजारों बोरिया भीग गई। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी मार्केट कमेटी खुले आसमान के नीचे पड़े हजारों क्विंटल अनाज की बोरियों को भीगने से नहीं बचा सका।
हालांकि काफी हद तक मजदूरों ने खुले में पड़ी गेहूं की बोरियों को तिरपाल से ढक दिया था। लेकिन अधिकतर बोरियां खुले में पड़े भीगते रहे। खुले में पड़ी बोरियों के नीचे से पानी निकलता रहा और बोरियों के अंदर का अनाज भीग गया। लोगों का कहना है कि बोरियों में खरे गेहूं में पानी लग जाने से काला पड़ जाता है और खाने के लायक नहीं रहता है। मार्केट कमेटी विभाग और खरीद एजेंसियां भीगी बोरियों को ही गोदाम में लगवा देंगे जिससे दूसरी बोरियों का अनाज भी खराब होने का अंदेशा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बोरियों के नीचे स्टैंड लगे होते तो बोरी में पानी जाने का खतरा कम रहता है लेकिन बारिश का इकट्ठा हुआ सारा पानी बोरी में पड़े अनाज को ही खराब करता है। खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक गुलशन कुमार ने बताया कि उनकी एजेंसी द्वारा खरीदा गया अनाज समय रहते तिरपाल से ढकवा दिया था। उन्होंने बताया कि लगभग सारा अनाज लोडिंग कर गोदाम में लगवा दिया गया है।
