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Yamuna Nagar News: बच्ची से दुष्कर्म के तीन दोषियों को 20-20 साल कैद की सजा
Thu, 20 Aug 2026 03:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 20 Aug 2026 03:01 AM IST
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यमुनानगर। एडिशनल सेशन जज रंजना अग्रवाल की अदालत ने आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी चाचा का एक और दो बुआ के दो बेटों को 20-20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माने भी लगाया गया है।
दोषियों में चाचा के बेटे के साथ बुआ के दो में से एक बेटा नाबालिग है। अपर जिला अभियोजन अधिकारी धर्मचंद ने बताया कि जगाधरी वर्कशॉप क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने तीन मार्च 2025 को जिला बाल संरक्षण अधिकारी के समक्ष अपनी आठ वर्षीय बेटी को बालकुंज छछरौली में रखने की इच्छा जताई थी।
बाल संरक्षण समिति के अधिकारियों ने बच्ची की काउंसिलिंग करवाई। काउंसिलिंग में बच्ची ने बताया कि उसके चाचा के लड़के और दो बुआ के लड़कों ने उसके साथ गलत काम किया है।
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इसके बाद से उसे लंबे समय से पेट में दर्द रहता है। बच्ची की बात को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने उसका चिकित्सकीय परीक्षण करवाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। महिला थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर एक बालिग आरोपी व दो नाबालिग आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष रखे।
इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। अदालत ने बुधवार को सजा पर फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को 20-20 साल के कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। संवाद
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दोषियों में चाचा के बेटे के साथ बुआ के दो में से एक बेटा नाबालिग है। अपर जिला अभियोजन अधिकारी धर्मचंद ने बताया कि जगाधरी वर्कशॉप क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने तीन मार्च 2025 को जिला बाल संरक्षण अधिकारी के समक्ष अपनी आठ वर्षीय बेटी को बालकुंज छछरौली में रखने की इच्छा जताई थी।
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बाल संरक्षण समिति के अधिकारियों ने बच्ची की काउंसिलिंग करवाई। काउंसिलिंग में बच्ची ने बताया कि उसके चाचा के लड़के और दो बुआ के लड़कों ने उसके साथ गलत काम किया है।
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इसके बाद से उसे लंबे समय से पेट में दर्द रहता है। बच्ची की बात को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने उसका चिकित्सकीय परीक्षण करवाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। महिला थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर एक बालिग आरोपी व दो नाबालिग आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष रखे।
इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। अदालत ने बुधवार को सजा पर फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को 20-20 साल के कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। संवाद