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Yamuna Nagar News: बेकाबू डंपर पलटने से सीएचसी की दीवार ढही, 12 खोखे हुए क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:08 AM IST
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छछरौली बाजार में पलटे डंपर को सीधा करती क्रेन। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। कस्बे की बाजार में रविवार सुबह मिट्टी से भरा तेज रफ्तार ओवरलोड डंपर अनियंत्रित होकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की दीवार पर पलट गया। हादसे में अस्पताल की दीवार ढह गई। वहीं आसपास लगे 12 खोखे क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि घटना सुबह सात से आठ बजे के समय हुई, जब बाजार पूरी तरह नहीं खुला था, अन्यथा जनहानि हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार व्यासपुर की ओर से मिट्टी लेकर दो डंपर निर्माणाधीन हाईवे की तरफ जा रहे थे। दोनों चालकों के बीच आगे निकलने की होड़ लगी हुई थी। इसी दौरान दोनों डंपर में टक्कर हो गई, जिससे एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित सीएचसी की दीवार से जा टकराया और पलट गया।
जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छछरौली, प्रतापनगर और आसपास के इलाकों में तेज रफ्तार डंपर आमजन के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।
बीते महीने सढौरा में भी हादसा हुआ था, जिसमें मिट्टी से भरे डंपर ने स्कूटी सवार बाप-बेटी को कुचल दिया था। इस दुर्घटना में बेटी की मौके पर ही मौत हो गई थी। पिता अभी भी पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन हैं। दरअसल कैल से ताजेवाला तक बन रहे नए हाईवे में बड़ी मात्रा में मिट्टी डाली जा रही है।
पहले ये डंपर रणजीतपुर से जगाधरी रोड की ओर चलते थे, लेकिन अब उस तरह का कार्य पूरा होने के बाद इनकी आवाजाही छछरौली होते हुए पांवटा रोड पर बढ़ गई है। इससे स्थानीय लोगों के लिए सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय निवासी रामपाल, कपिल और सुमित का कहना है कि ये डंपर न केवल तेज गति से चलते हैं, बल्कि इनमें लगे प्रेशर हॉर्न भी लोगों को डराते हैं।
हॉर्न की तेज आवाज से राहगीर अचानक घबरा जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। उनका कहना है कि क्षेत्र में रोजाना चार दर्जन से अधिक डंपर व्यासपुर और सढौरा से मिट्टी ढोते हैं, जो बिना किसी रोक-टोक के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ये ओवरलोड वाहन प्रशासन द्वारा लगाए गए नाकों से भी बेखौफ गुजर जाते हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों और गांवों से दिन के समय इनकी आवाजाही पर रोक लगाई जाए। विशेषकर स्कूल समय में इन वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, नहीं तो विद्यार्थी भी इनकी चपेट में आ सकते हैं।
ओवरलोड व तेज रफ्तार डंपरों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए छछरौली में चेकिंग की जाएगी। यदि ओवरलोड के अलावा प्रेशर हॉर्न भी लगे मिले तो चालान भी किए जाएंगे। - संदीप कुमार, एसएचओ, थाना यातायात।
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छछरौली। कस्बे की बाजार में रविवार सुबह मिट्टी से भरा तेज रफ्तार ओवरलोड डंपर अनियंत्रित होकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की दीवार पर पलट गया। हादसे में अस्पताल की दीवार ढह गई। वहीं आसपास लगे 12 खोखे क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि घटना सुबह सात से आठ बजे के समय हुई, जब बाजार पूरी तरह नहीं खुला था, अन्यथा जनहानि हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार व्यासपुर की ओर से मिट्टी लेकर दो डंपर निर्माणाधीन हाईवे की तरफ जा रहे थे। दोनों चालकों के बीच आगे निकलने की होड़ लगी हुई थी। इसी दौरान दोनों डंपर में टक्कर हो गई, जिससे एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित सीएचसी की दीवार से जा टकराया और पलट गया।
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जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छछरौली, प्रतापनगर और आसपास के इलाकों में तेज रफ्तार डंपर आमजन के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।
बीते महीने सढौरा में भी हादसा हुआ था, जिसमें मिट्टी से भरे डंपर ने स्कूटी सवार बाप-बेटी को कुचल दिया था। इस दुर्घटना में बेटी की मौके पर ही मौत हो गई थी। पिता अभी भी पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन हैं। दरअसल कैल से ताजेवाला तक बन रहे नए हाईवे में बड़ी मात्रा में मिट्टी डाली जा रही है।
पहले ये डंपर रणजीतपुर से जगाधरी रोड की ओर चलते थे, लेकिन अब उस तरह का कार्य पूरा होने के बाद इनकी आवाजाही छछरौली होते हुए पांवटा रोड पर बढ़ गई है। इससे स्थानीय लोगों के लिए सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय निवासी रामपाल, कपिल और सुमित का कहना है कि ये डंपर न केवल तेज गति से चलते हैं, बल्कि इनमें लगे प्रेशर हॉर्न भी लोगों को डराते हैं।
हॉर्न की तेज आवाज से राहगीर अचानक घबरा जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। उनका कहना है कि क्षेत्र में रोजाना चार दर्जन से अधिक डंपर व्यासपुर और सढौरा से मिट्टी ढोते हैं, जो बिना किसी रोक-टोक के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ये ओवरलोड वाहन प्रशासन द्वारा लगाए गए नाकों से भी बेखौफ गुजर जाते हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों और गांवों से दिन के समय इनकी आवाजाही पर रोक लगाई जाए। विशेषकर स्कूल समय में इन वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, नहीं तो विद्यार्थी भी इनकी चपेट में आ सकते हैं।
ओवरलोड व तेज रफ्तार डंपरों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए छछरौली में चेकिंग की जाएगी। यदि ओवरलोड के अलावा प्रेशर हॉर्न भी लगे मिले तो चालान भी किए जाएंगे। - संदीप कुमार, एसएचओ, थाना यातायात।

छछरौली बाजार में पलटे डंपर को सीधा करती क्रेन। संवाद

छछरौली बाजार में पलटे डंपर को सीधा करती क्रेन। संवाद

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