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Yamuna Nagar News: अघोषित बिजली कटौती ने छीना चैन
Sun, 19 Jul 2026 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:50 AM IST
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बिजली गुल होने पर पंखे से हवा करती महिला। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में बिजली निगम एक ओर शहर में 23 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रहा है। वहीं उपभोक्ताओं का आरोप है कि अघोषित बिजली कटौती ने दिन का चैन और रात की नींद छीन ली है। शुक्रवार को बिजली निगम के कंट्रोल रूम में 2448 और शनिवार को दोपहर तक ही 899 शिकायतें पहुंच चुकी थीं।
लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली गुल हो रही है। कई बार कुछ मिनट के अंतराल में ही बिजली बार-बार आती-जाती रहती है। सबसे अधिक परेशानी रात के समय होती है। उमस भरी गर्मी में लोग पूरी रात बिजली आने का इंतजार करते हुए कभी बिजली निगम के व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेजते हैं तो कभी टोल फ्री नंबरों पर कॉल कर आपूर्ति बहाल करने की गुहार लगाते रहते हैं।
वहीं बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि 17 जुलाई को शहर में रात 1:40 बजे से 2:10 बजे तक केवल 30 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में रात 1:35 बजे से 2:20 बजे तक 45 मिनट का निर्धारित कट लगाया गया।
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उधर बिजली संकट को लेकर लोगों का आक्रोश भी सामने आने लगा है। एक दिन पहले जठलाना में बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने गुमथला मार्ग पर जाम लगा दिया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बिजली के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। शिकायत करने पर भी न तो अधिकारी फोन उठाते हैं और न ही समय पर समाधान किया जाता है। जाम से वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहे। बार-बार बिजली बाधित होने का असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है।
वेल्डिंग वर्कशॉप, स्वीट हाउस, बेकरी, आइसक्रीम पार्लर और अन्य छोटे उद्योगों का काम लगातार प्रभावित हो रहा है। दुकानदार रवि, सोनू और जयपाल का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से मशीनें बंद हो जाती हैं। मजबूरी में जनरेटर चलाना पड़ता है।
बढ़ते बिजली लोड के कारण हो रही समस्या : एसई
बिजली निगम के एसई सोमबीर भनौटिया का कहना है कि गर्मी और बढ़ते बिजली लोड के कारण लाइनों में शॉर्ट सर्किट, तार टूटने और ट्रांसफार्मर संबंधीखराबियां सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा कारणों से ब्रेकडाउन लेकर मरम्मत करनी पड़ती है, जिससे कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। शिकायत मिलते ही टीमों को मौके पर भेजकर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जाती है।
बिजली की बढ़ी मांग निगम के लिए चुनौती
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में बिजली की मांग लगातार ऊंचे स्तर पर है। 15 जुलाई को जिले में एक करोड़ 99 हजार यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। 16 जुलाई को यह आंकड़ा 99.29 लाख यूनिट रहा, जिसमें कृषि क्षेत्र में 8.20 लाख, ग्रामीण क्षेत्र में 20.45 लाख, औद्योगिक क्षेत्र में 23.40 लाख और शहरी क्षेत्र में 21.35 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई। वहीं 17 जुलाई को कुल 98.25 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। इसमें कृषि क्षेत्र में 8.15 लाख, ग्रामीण क्षेत्र में 22.05 लाख, औद्योगिक क्षेत्र में 23.50 लाख और शहरी क्षेत्र में 23 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई।
सात से नौ घंटे की नींद जरूरी : डॉ. विक्रम
मनोचिकित्सक डॉ. विक्रम भारती का कहना है कि स्वस्थ रहने के लिए वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन सात से नौ घंटे की अच्छी और लगातार नींद लेना आवश्यक है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत होती है, मस्तिष्क बेहतर तरीके से काम करता है, याददाश्त मजबूत रहती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। यदि लगातार नींद पूरी नहीं होती है तो थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, सिरदर्द और कार्यक्षमता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक नींद की कमी रहने पर उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, मोटापा, अवसाद का खतरा बढ़ जाता है।
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यमुनानगर। जिले में बिजली निगम एक ओर शहर में 23 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रहा है। वहीं उपभोक्ताओं का आरोप है कि अघोषित बिजली कटौती ने दिन का चैन और रात की नींद छीन ली है। शुक्रवार को बिजली निगम के कंट्रोल रूम में 2448 और शनिवार को दोपहर तक ही 899 शिकायतें पहुंच चुकी थीं।
लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली गुल हो रही है। कई बार कुछ मिनट के अंतराल में ही बिजली बार-बार आती-जाती रहती है। सबसे अधिक परेशानी रात के समय होती है। उमस भरी गर्मी में लोग पूरी रात बिजली आने का इंतजार करते हुए कभी बिजली निगम के व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेजते हैं तो कभी टोल फ्री नंबरों पर कॉल कर आपूर्ति बहाल करने की गुहार लगाते रहते हैं।
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वहीं बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि 17 जुलाई को शहर में रात 1:40 बजे से 2:10 बजे तक केवल 30 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में रात 1:35 बजे से 2:20 बजे तक 45 मिनट का निर्धारित कट लगाया गया।
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उधर बिजली संकट को लेकर लोगों का आक्रोश भी सामने आने लगा है। एक दिन पहले जठलाना में बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने गुमथला मार्ग पर जाम लगा दिया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बिजली के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। शिकायत करने पर भी न तो अधिकारी फोन उठाते हैं और न ही समय पर समाधान किया जाता है। जाम से वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहे। बार-बार बिजली बाधित होने का असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है।
वेल्डिंग वर्कशॉप, स्वीट हाउस, बेकरी, आइसक्रीम पार्लर और अन्य छोटे उद्योगों का काम लगातार प्रभावित हो रहा है। दुकानदार रवि, सोनू और जयपाल का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से मशीनें बंद हो जाती हैं। मजबूरी में जनरेटर चलाना पड़ता है।
बढ़ते बिजली लोड के कारण हो रही समस्या : एसई
बिजली निगम के एसई सोमबीर भनौटिया का कहना है कि गर्मी और बढ़ते बिजली लोड के कारण लाइनों में शॉर्ट सर्किट, तार टूटने और ट्रांसफार्मर संबंधीखराबियां सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा कारणों से ब्रेकडाउन लेकर मरम्मत करनी पड़ती है, जिससे कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। शिकायत मिलते ही टीमों को मौके पर भेजकर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जाती है।
बिजली की बढ़ी मांग निगम के लिए चुनौती
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में बिजली की मांग लगातार ऊंचे स्तर पर है। 15 जुलाई को जिले में एक करोड़ 99 हजार यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। 16 जुलाई को यह आंकड़ा 99.29 लाख यूनिट रहा, जिसमें कृषि क्षेत्र में 8.20 लाख, ग्रामीण क्षेत्र में 20.45 लाख, औद्योगिक क्षेत्र में 23.40 लाख और शहरी क्षेत्र में 21.35 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई। वहीं 17 जुलाई को कुल 98.25 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। इसमें कृषि क्षेत्र में 8.15 लाख, ग्रामीण क्षेत्र में 22.05 लाख, औद्योगिक क्षेत्र में 23.50 लाख और शहरी क्षेत्र में 23 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई।
सात से नौ घंटे की नींद जरूरी : डॉ. विक्रम
मनोचिकित्सक डॉ. विक्रम भारती का कहना है कि स्वस्थ रहने के लिए वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन सात से नौ घंटे की अच्छी और लगातार नींद लेना आवश्यक है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत होती है, मस्तिष्क बेहतर तरीके से काम करता है, याददाश्त मजबूत रहती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। यदि लगातार नींद पूरी नहीं होती है तो थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, सिरदर्द और कार्यक्षमता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक नींद की कमी रहने पर उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, मोटापा, अवसाद का खतरा बढ़ जाता है।

बिजली गुल होने पर पंखे से हवा करती महिला। संवाद