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Yamuna Nagar News: गर्मी और उमस से बिगड़ रहा महिलाओं का स्वास्थ्य
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:26 AM IST
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कविता अग्रवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गर्मी और उमस का असर महिलाओं के स्वास्थ्य और दैनिक दिनचर्या पर साफ दिखाई देने लगा है।रसोई में लंबे समय तक काम करने, घरेलू जिम्मेदारियों को निभाने और बाहर के जरूरी कार्यों के लिए निकलने के दौरान उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में महिलाओं में थकान, चक्कर आना और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
गृहिणियों का कहना है कि सुबह से ही तापमान बढ़ने लगता है, जिससे रसोई में काम करना बेहद कठिन हो गया है। गैस चूल्हे की गर्मी और उमस मिलकर स्थिति को और अधिक खराब कर देती है। दोपहर के समय खाना बनाते वक्त लगातार पसीना आने से कमजोरी महसूस होने लगती है। पहले जो काम आसानी से पूरे हो जाते थे, अब वही काम थकान के कारण अधूरे रह जाते हैं।
कामकाजी महिलाओं को भी राहत नहीं मिल रही है। दफ्तर आने-जाने के दौरान तेज धूप और गर्म हवाएं परेशानी का कारण बन रही हैं। बाजार में खरीदारी के लिए निकलने वाली महिलाएं अब केवल सुबह या शाम के समय ही बाहर जाना पसंद कर रही हैं। दोपहर में धूप और उमस के कारण घर से बाहर निकलना लगभग मुश्किल हो गया है।
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कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और उमस शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी कर देती है, जिससे सिरदर्द, चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने महिलाओं को पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन करने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
प्रोफेसर कॉलोनी की मनीषा अग्रवाल का कहना है कि इस समय घर के अंदर भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। रसोई में खाना बनाना सबसे मुश्किल काम हो गया है। थोड़ी देर काम करने के बाद ही पसीना और थकान होने लगती है। परिवार की देखभाल और घर के कामों के बीच गर्मी का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
गोविंदपुरी की नीतू सिंघल का कहना है कि कहीं आने-जाने के दौरान तेज धूप सबसे बड़ी परेशानी है। बाजार जाना भी मुश्किल हो गया है। पहले जहां दिनभर काम आसानी से हो जाते थे, अब हर काम के बाद आराम करना पड़ता है। लगातार उमस के कारण सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं महिलाओं में काफी बढ़ गई हैं।
हुडा की कविता अग्रवाल का कहना है कि गैस चूल्हे की गर्मी और बाहर की धूप मिलकर दिनचर्या बिगाड़ रही है। घर के कामों की गति धीमी हो गई है और हर समय थकान बनी रहती है। परिवार के साथ बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। मौसम के कारण दिनभर पानी पीने की आवश्यकता बढ़ गई है। ऐसे में बहुत कम ही घर से निकल रही हूं।
रामपुरा कॉलोनी की साक्षी दत्ता का कहना है कि यह गर्मी सामान्य नहीं है, उमस के कारण घर में भी घुटन महसूस होती है। बिजली कटौती होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। दिनभर कमजोरी और थकावट बनी रहती है। इस मौसम में केवल जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलना पड़ रहा है और स्वास्थ्य पर खास ध्यान देना पड़ रहा है।
यमुनानगर। गर्मी और उमस का असर महिलाओं के स्वास्थ्य और दैनिक दिनचर्या पर साफ दिखाई देने लगा है।रसोई में लंबे समय तक काम करने, घरेलू जिम्मेदारियों को निभाने और बाहर के जरूरी कार्यों के लिए निकलने के दौरान उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में महिलाओं में थकान, चक्कर आना और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
गृहिणियों का कहना है कि सुबह से ही तापमान बढ़ने लगता है, जिससे रसोई में काम करना बेहद कठिन हो गया है। गैस चूल्हे की गर्मी और उमस मिलकर स्थिति को और अधिक खराब कर देती है। दोपहर के समय खाना बनाते वक्त लगातार पसीना आने से कमजोरी महसूस होने लगती है। पहले जो काम आसानी से पूरे हो जाते थे, अब वही काम थकान के कारण अधूरे रह जाते हैं।
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कामकाजी महिलाओं को भी राहत नहीं मिल रही है। दफ्तर आने-जाने के दौरान तेज धूप और गर्म हवाएं परेशानी का कारण बन रही हैं। बाजार में खरीदारी के लिए निकलने वाली महिलाएं अब केवल सुबह या शाम के समय ही बाहर जाना पसंद कर रही हैं। दोपहर में धूप और उमस के कारण घर से बाहर निकलना लगभग मुश्किल हो गया है।
कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और उमस शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी कर देती है, जिससे सिरदर्द, चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने महिलाओं को पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन करने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
प्रोफेसर कॉलोनी की मनीषा अग्रवाल का कहना है कि इस समय घर के अंदर भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। रसोई में खाना बनाना सबसे मुश्किल काम हो गया है। थोड़ी देर काम करने के बाद ही पसीना और थकान होने लगती है। परिवार की देखभाल और घर के कामों के बीच गर्मी का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
गोविंदपुरी की नीतू सिंघल का कहना है कि कहीं आने-जाने के दौरान तेज धूप सबसे बड़ी परेशानी है। बाजार जाना भी मुश्किल हो गया है। पहले जहां दिनभर काम आसानी से हो जाते थे, अब हर काम के बाद आराम करना पड़ता है। लगातार उमस के कारण सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं महिलाओं में काफी बढ़ गई हैं।
हुडा की कविता अग्रवाल का कहना है कि गैस चूल्हे की गर्मी और बाहर की धूप मिलकर दिनचर्या बिगाड़ रही है। घर के कामों की गति धीमी हो गई है और हर समय थकान बनी रहती है। परिवार के साथ बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। मौसम के कारण दिनभर पानी पीने की आवश्यकता बढ़ गई है। ऐसे में बहुत कम ही घर से निकल रही हूं।
रामपुरा कॉलोनी की साक्षी दत्ता का कहना है कि यह गर्मी सामान्य नहीं है, उमस के कारण घर में भी घुटन महसूस होती है। बिजली कटौती होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। दिनभर कमजोरी और थकावट बनी रहती है। इस मौसम में केवल जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलना पड़ रहा है और स्वास्थ्य पर खास ध्यान देना पड़ रहा है।

कविता अग्रवाल

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