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Bilaspur News: जिले में इस अभियान के तहत 131 मरीजों की हुई है पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 21 May 2026 11:50 PM IST
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बिलासपुर में 100 दिन का टीबी मुक्त अभियान तेज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगाए जा रहे विशेष कैंप
ब्लड , शुगर जांच के साथ हो रही स्क्रीनिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत अब तक 131 टीबी मरीजों की पहचान की जा चुकी है। अभियान के तहत स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की जांच कर रही है, इसके अलावा विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अभियान के दौरान टीबी की जांच के साथ-साथ लोगों के ब्लड और शुगर टेस्ट भी किए जा रहे हैं ताकि अन्य बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों की जल्द पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। इसके लिए आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कर्मचारी और मेडिकल टीम घर-घर जाकर संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षण पाए जाने पर लोगों के सैंपल लेकर जांच करवाई जा रही है। विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगाए जा रहे कैंपों में लोग पहुंच रहे हैं। यहां मरीजों की एक्स-रे जांच, बलगम जांच और अन्य जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण किए जा रहे हैं। इसके अलावा मधुमेह और रक्तचाप जैसी बीमारियों की भी जांच की जा रही है, ताकि मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, सीने में दर्द, बुखार या वजन घटने की शिकायत हो तो वह तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते समय पर इसकी पहचान हो और नियमित दवा ली जाए। 100 दिन का टीबी मुक्त अभियान 24मार्च 2026 से शुरू हुआ है।
इनसेट
जिला क्षयरोग अधिकारी बिलासपुर डाॅ. अनंत राम ने बताया कि जिले में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि समाज से इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि सीएचसी झंडूता और सीएचसी नयना देवी में विशेष कैंप का आयोजन लगाया गया है, जहां पर लोगों की स्क्रीनिंग टैक्स, ब्लड और शुगर सहित अन्य टेस्ट किए जा रहे है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगाए जा रहे विशेष कैंप
ब्लड , शुगर जांच के साथ हो रही स्क्रीनिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत अब तक 131 टीबी मरीजों की पहचान की जा चुकी है। अभियान के तहत स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की जांच कर रही है, इसके अलावा विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अभियान के दौरान टीबी की जांच के साथ-साथ लोगों के ब्लड और शुगर टेस्ट भी किए जा रहे हैं ताकि अन्य बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों की जल्द पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। इसके लिए आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कर्मचारी और मेडिकल टीम घर-घर जाकर संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षण पाए जाने पर लोगों के सैंपल लेकर जांच करवाई जा रही है। विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगाए जा रहे कैंपों में लोग पहुंच रहे हैं। यहां मरीजों की एक्स-रे जांच, बलगम जांच और अन्य जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण किए जा रहे हैं। इसके अलावा मधुमेह और रक्तचाप जैसी बीमारियों की भी जांच की जा रही है, ताकि मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, सीने में दर्द, बुखार या वजन घटने की शिकायत हो तो वह तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते समय पर इसकी पहचान हो और नियमित दवा ली जाए। 100 दिन का टीबी मुक्त अभियान 24मार्च 2026 से शुरू हुआ है।
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जिला क्षयरोग अधिकारी बिलासपुर डाॅ. अनंत राम ने बताया कि जिले में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि समाज से इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि सीएचसी झंडूता और सीएचसी नयना देवी में विशेष कैंप का आयोजन लगाया गया है, जहां पर लोगों की स्क्रीनिंग टैक्स, ब्लड और शुगर सहित अन्य टेस्ट किए जा रहे है।