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Bilaspur News: कोलका, मटेरी और खुरजाल गांवों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, ग्रामीणों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 21 May 2026 11:47 PM IST
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सुमन देवी
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आपका मुद्दा
कच्ची सड़कों, एंबुलेंस पहुंच न होने से परेशान हैं ग्रामीण .
ग्राम पंचायत बलघाड़ के यह गांव आज भी हैं पिछड़े
बरसात में कच्ची सड़क खराब होने से यातायात सुविधा से वंचित हो जाते हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बलघाड़ पंचायत के अंतर्गत कोलका, मटेरी और खुरजाल गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष और नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में कई संपर्क मार्ग आज भी कच्चे और जर्जर हालत में हैं, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांवों की भौगोलिक स्थिति बिखरी हुई और दुर्गम होने के कारण विकास कार्यों की गति और धीमी हो जाती है, लेकिन लंबे समय से इन क्षेत्रों में सड़क सुधार और अन्य सुविधाओं पर अपेक्षित कार्य नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव नहीं दिखा। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कच्चे रास्ते कीचड़ और फिसलन से भर जाते हैं। ऐसे में न केवल स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ती है, बल्कि बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे लोगों को जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। विकास कार्यों में लगातार देरी को लेकर लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है और वे इसे प्रशासनिक लापरवाही के रूप में देख रहे हैं। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा है कि अब यह मुद्दा आगामी पंचायत चुनावों में प्रमुख चुनावी विषय बनने जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार वे ऐसे प्रतिनिधि को प्राथमिकता देंगे जो केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर विकास कार्य सुनिश्चित कर सके।
इनसेट
गांव की सड़कें बहुत खराब हालत में हैं। बारिश में तो हालात और भी बिगड़ जाते हैं। अगर कोई बीमार पड़ जाए तो उसे समय पर अस्पताल ले जाना बहुत मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस रास्ते में ही फंस जाती है। - सुमन देवी
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इनसेट
हमने कई बार सड़क और अन्य सुविधाओं की मांग उठाई, लेकिन अभी तक केवल आश्वासन ही मिला है। हर साल बरसात में रास्ते पूरी तरह टूट जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और मरीजों की आवाजाही प्रभावित होती है।- दीपक कुमार
इनसेट
कोलका, मटेरी और खुरजाल गांव विकास की मुख्यधारा से काफी पीछे हैं। यहां सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी है। ग्रामीण लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। - बिसन सिंह
इनसेट
अगर इन गांवों तक पक्की सड़क और बेहतर संपर्क मार्ग बन जाएं तो ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या खत्म हो सकती है। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। - नंद लाल
कच्ची सड़कों, एंबुलेंस पहुंच न होने से परेशान हैं ग्रामीण .
ग्राम पंचायत बलघाड़ के यह गांव आज भी हैं पिछड़े
बरसात में कच्ची सड़क खराब होने से यातायात सुविधा से वंचित हो जाते हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बलघाड़ पंचायत के अंतर्गत कोलका, मटेरी और खुरजाल गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष और नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में कई संपर्क मार्ग आज भी कच्चे और जर्जर हालत में हैं, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांवों की भौगोलिक स्थिति बिखरी हुई और दुर्गम होने के कारण विकास कार्यों की गति और धीमी हो जाती है, लेकिन लंबे समय से इन क्षेत्रों में सड़क सुधार और अन्य सुविधाओं पर अपेक्षित कार्य नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव नहीं दिखा। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कच्चे रास्ते कीचड़ और फिसलन से भर जाते हैं। ऐसे में न केवल स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ती है, बल्कि बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे लोगों को जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। विकास कार्यों में लगातार देरी को लेकर लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है और वे इसे प्रशासनिक लापरवाही के रूप में देख रहे हैं। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा है कि अब यह मुद्दा आगामी पंचायत चुनावों में प्रमुख चुनावी विषय बनने जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार वे ऐसे प्रतिनिधि को प्राथमिकता देंगे जो केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर विकास कार्य सुनिश्चित कर सके।
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गांव की सड़कें बहुत खराब हालत में हैं। बारिश में तो हालात और भी बिगड़ जाते हैं। अगर कोई बीमार पड़ जाए तो उसे समय पर अस्पताल ले जाना बहुत मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस रास्ते में ही फंस जाती है। - सुमन देवी
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इनसेट
अगर इन गांवों तक पक्की सड़क और बेहतर संपर्क मार्ग बन जाएं तो ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या खत्म हो सकती है। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। - नंद लाल

सुमन देवी

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