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Bilaspur News: बरठीं में आवारा पशु बने हादसों का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 21 May 2026 11:51 PM IST
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बरठीं बाजार में सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु। संवाद
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बाजार, सड़कों पर हर समय बना रहता है दुर्घटना का खतरा
अचानक पशुओं के सड़क पर आने से बढ़ रहा हादसों का खतरा
शाम और रात में दोपहिया वाहन चालकों को होती है ज्यादा परेशानी
स्थानीय लोगों ने गोशाला निर्माण और स्थायी समाधान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं(बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के सबसे बड़े व्यापारिक कस्बे बरठीं में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बाजार, मुख्य सड़क और संपर्क मार्गों पर घूम रहे आवारा पशु लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन चुके हैं। सड़क पर अचानक पशुओं के आ जाने से वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात ऐसे बने हुए हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बरठीं बाजार क्षेत्र में सुबह से देर शाम तक वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। झंडूता उपमंडल का प्रमुख व्यापारिक केंद्र होने के कारण यहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में बाजार और सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहे हैं। कई बार वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगानी पड़ती है, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों के अनुसार शाम और रात के समय समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। सड़क के बीचोंबीच बैठे पशुओं के कारण वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने बताया कि कई छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। समाजसेवी अमरनाथ धीमान ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग करते हुए कहा कि इन पशुओं के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। क्षेत्र में गोशालाओं का निर्माण किया जाए ताकि लावारिस पशुओं को वहां रखा जा सके और लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग उठाई है ताकि बरठीं बाजार और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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अचानक पशुओं के सड़क पर आने से बढ़ रहा हादसों का खतरा
शाम और रात में दोपहिया वाहन चालकों को होती है ज्यादा परेशानी
स्थानीय लोगों ने गोशाला निर्माण और स्थायी समाधान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं(बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के सबसे बड़े व्यापारिक कस्बे बरठीं में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बाजार, मुख्य सड़क और संपर्क मार्गों पर घूम रहे आवारा पशु लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन चुके हैं। सड़क पर अचानक पशुओं के आ जाने से वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात ऐसे बने हुए हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बरठीं बाजार क्षेत्र में सुबह से देर शाम तक वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। झंडूता उपमंडल का प्रमुख व्यापारिक केंद्र होने के कारण यहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में बाजार और सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहे हैं। कई बार वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगानी पड़ती है, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों के अनुसार शाम और रात के समय समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। सड़क के बीचोंबीच बैठे पशुओं के कारण वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने बताया कि कई छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। समाजसेवी अमरनाथ धीमान ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग करते हुए कहा कि इन पशुओं के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। क्षेत्र में गोशालाओं का निर्माण किया जाए ताकि लावारिस पशुओं को वहां रखा जा सके और लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग उठाई है ताकि बरठीं बाजार और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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