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Bilaspur News: व्यावसायिक टैक्सी के लिए 15 वर्ष परमिट लागू, क्रियान्वयन अटका

संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 10 Apr 2026 11:56 PM IST
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15-year permit for commercial taxis implemented, implementation stalled
घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव में टैटू बनाने वाले स्टॉल का निरीक्षण करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। सं
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एक्सक्लूसिव
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समन्वय की कमी से खड़े होने की स्थिति में महंगे वाहन
12 वर्ष पूरे कर चुके वाहनों के लिए बढ़ी अवधि का फायदा अटका
पोर्टल पर वैधता दिखने के बावजूद शुल्क जमा नहीं हो पा रहा
1 अप्रैल से शुरू होनी थी प्रक्रिया, लेकिन प्रणाली में विकल्प नहीं हो रहा सक्रिय

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। केंद्र सरकार की ओर से व्यावसायिक टैक्सी वाहनों के लिए परमिट अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने का निर्णय लागू तो कर दिया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी प्रक्रिया स्पष्ट न होने से वाहन मालिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी खामियों और पोर्टल संबंधी दिक्कतों के चलते लाभार्थियों को इस निर्णय का लाभ नहीं मिल पा रहा। जिले में मैक्सी और टैक्सी ऑपरेटरों की कुल मिलाकर लगभग 80 हजार है।
जानकारी के अनुसार, पहले व्यावसायिक वाहनों का परमिट 12 वर्ष के लिए होता था, जिसे बढ़ाकर 15 वर्ष कर दिया गया है। इस निर्णय से वाहन मालिकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अब तक इसे धरातल पर लागू ही नहीं किया जा रहा है। मुख्य समस्या इस निर्णय के क्रियान्वयन में सामने आ रही है। 1 अप्रैल से नई व्यवस्था के तहत शुल्क जमा करने की प्रक्रिया शुरू होनी थी, जिससे 12 वर्ष पूरे कर चुके वाहन 15 वर्ष तक चल सकें। लेकिन जब वाहन मालिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाते हैं, तो कई बार उनका परमिट वैध दिखता है, जबकि शुल्क जमा करने का विकल्प सक्रिय नहीं होता। कई मामलों में जैसे ही शुल्क भरने की प्रक्रिया शुरू की जाती है, प्रणाली उसे स्वीकार नहीं करती या विकल्प ही हट जाता है। इससे वाहन मालिकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस पूरी प्रक्रिया में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का केंद्रीय पोर्टल और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की तकनीकी प्रणाली शामिल है। मंत्रालय नीतियां बनाता है, जबकि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र पोर्टल को राज्यों के साथ समन्वय बनाकर संचालित करता है। बताया जा रहा है कि पोर्टल पर नई व्यवस्था पूरी तरह अद्यतन नहीं की गई है, जिसके कारण राज्य स्तर पर इसका सही क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा।
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इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर उन वाहन मालिकों पर पड़ रहा है जिन्होंने 30 से 35 लाख रुपये तक के महंगे व्यावसायिक वाहन खरीदे हैं। 12 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 15 वर्ष के परमिट से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात में उनके वाहन खड़े होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। वाहन संचालकों ने सरकार से मांग की है कि पोर्टल संबंधी खामियों को जल्द दूर किया जाए और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि 15 वर्ष के परमिट का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। ऑल हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर एवं ड्राइवर वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रधान राम रतन शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से लिया गया निर्णय सराहनीय है, लेकिन जब तक इसे जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक वाहन मालिकों को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग उठाई।
कोट
व्यावसायिक टैक्सी के लिए 15 वर्ष परमिट प्रक्रिया लागू कर दी गई है। इसके लिए ऑपरेटर ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा न होने का कारण पोर्टल पर तकनीकी खराबी हो सकती है। अभी तक इस तरह का मामला सामने नहीं आया है। यह एनआईसी का मामला है।
राजेश कौशल, आरटीओ बिलासपुर

घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव में टैटू बनाने वाले स्टॉल का निरीक्षण करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। सं

घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव में टैटू बनाने वाले स्टॉल का निरीक्षण करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। सं

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