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Bilaspur News: औहर पंचायत की रिपोर्ट पर प्रशासन सख्त, एनएचएआई से मांगी विस्तृत जांच रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:50 PM IST
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बकरोआ गांव में मकान के अस्तित्व को लेकर विवाद गहराया, रिपोर्ट पर सवाल
कई बार पत्राचार के बावजूद नहीं मिली स्थिति की रिपोर्ट
परियोजना निदेशक मंडी को दोबारा दिए जांच के निर्देश
रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे बढ़ेगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत औहर की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गई है। बकरोआ गांव में कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में अधिकृत एक मकान के अस्तित्व को लेकर उठे विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जिसके चलते जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत अधिकारी, बिलासपुर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से विस्तृत और तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट मांगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचायत स्तर पर इस मामले को लेकर पहले एक रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई थी, जिसमें संबंधित मकान के अस्तित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का दावा किया गया था। हालांकि, जिला प्रशासन को इस रिपोर्ट में दर्शाए गए तथ्यों पर संदेह है। इसी कारण अब मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए एनएचएआई की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, मंडी को जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, प्रशासन की ओर से इस मामले में पहले भी कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट और ठोस रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई गई है। इसके चलते न केवल मामला लंबित है, बल्कि आगे की कार्रवाई भी प्रभावित हो रही है।
जिला पंचायत अधिकारी ने एक बार फिर परियोजना निदेशक मंडी को निर्देशित किया है कि मौके पर जाकर स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाए और वास्तविक तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करवाई जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती, तब तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा।
बता दें कि मकान का अधिग्रहण फोरलेन परियोजना में हो चुका है। मुआवजा भी आवंटन हो चुका है। लेकिन बावजूद इसके मकान मौके पर खड़ा है। मामले में औहर पंचायत के निवर्तमान उप प्रधान ने पुष्टि की थी कि मकान मौके पर नहीं है, इसे गिराकर ध्वस्त कर दिया है, लेकिन बाद में बकरोआ पंचायत के प्रधान ने पुष्टि की थी कि मकान मौके पर है, जिसके बाद पूरे मामले की विभागीय कार्रवाई शुरू हुई है। इसी कार्रवाई के तहत अब जिला पंचायत अधिकारी ने प्राधिकरण को पत्र लिखा है।
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कई बार पत्राचार के बावजूद नहीं मिली स्थिति की रिपोर्ट
परियोजना निदेशक मंडी को दोबारा दिए जांच के निर्देश
रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे बढ़ेगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत औहर की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गई है। बकरोआ गांव में कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में अधिकृत एक मकान के अस्तित्व को लेकर उठे विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जिसके चलते जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत अधिकारी, बिलासपुर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से विस्तृत और तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट मांगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचायत स्तर पर इस मामले को लेकर पहले एक रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई थी, जिसमें संबंधित मकान के अस्तित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का दावा किया गया था। हालांकि, जिला प्रशासन को इस रिपोर्ट में दर्शाए गए तथ्यों पर संदेह है। इसी कारण अब मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए एनएचएआई की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, मंडी को जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, प्रशासन की ओर से इस मामले में पहले भी कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट और ठोस रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई गई है। इसके चलते न केवल मामला लंबित है, बल्कि आगे की कार्रवाई भी प्रभावित हो रही है।
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जिला पंचायत अधिकारी ने एक बार फिर परियोजना निदेशक मंडी को निर्देशित किया है कि मौके पर जाकर स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाए और वास्तविक तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करवाई जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती, तब तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा।
बता दें कि मकान का अधिग्रहण फोरलेन परियोजना में हो चुका है। मुआवजा भी आवंटन हो चुका है। लेकिन बावजूद इसके मकान मौके पर खड़ा है। मामले में औहर पंचायत के निवर्तमान उप प्रधान ने पुष्टि की थी कि मकान मौके पर नहीं है, इसे गिराकर ध्वस्त कर दिया है, लेकिन बाद में बकरोआ पंचायत के प्रधान ने पुष्टि की थी कि मकान मौके पर है, जिसके बाद पूरे मामले की विभागीय कार्रवाई शुरू हुई है। इसी कार्रवाई के तहत अब जिला पंचायत अधिकारी ने प्राधिकरण को पत्र लिखा है।