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Bilaspur News: नुक्कड़ नाटक और रैली के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों का किया विरोध
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दाड़लाघाट में माकपा के जन आक्रोश जत्थे के दौरान रैली में भाग लेते कार्यकर्ता व स्थानीय लोग।
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माकपा ने 24 मार्च दिल्ली रैली में शामिल होने का लोगों से किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का राज्य स्तरीय जन आक्रोश जत्था बुधवार को अर्की क्षेत्र के दाड़लाघाट पहुंचा, जहां नुक्कड़ नाटक और जनगीतों के माध्यम से केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रैली में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
जत्थे के दाड़लाघाट पहुंचने से पूर्व कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में रैली निकालकर सरकार की नीतियों के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के खिलाफ भी आवाज उठाई गई।
रैली की अगुवाई पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने की, जबकि जनसभा की अध्यक्षता पूर्व मेयर संजय चौहान और विक्रम सिंह ने संयुक्त रूप से की। सभा को संबोधित करते हुए राकेश सिंघा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं का निजीकरण कर रही है और बिजली क्षेत्र को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद किए जाने पर भी चिंता जताई और इसे प्रदेश के हितों के खिलाफ बताया।
राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा कानून को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे ग्रामीण रोजगार पर असर पड़ेगा। वहीं पूर्व मेयर संजय चौहान ने किसानों और बागवानों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के प्रवेश का विरोध किया और वन संरक्षण कानून 1980 में किए गए संशोधनों पर भी आपत्ति जताई।
इसके अलावा पूर्व जिला पार्षद दाड़लाघाट राम कृष्ण शर्मा ओर मोहित ने राजमार्ग निर्माण में कथित अनियमितताओं, अवैध डंपिंग, रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, क्षेत्र में बसों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। माकपा नेताओं ने अंत में आम जनता से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर 24 मार्च को दिल्ली रैली में भाग लें। इस अवसर पर अमर सिंह गजपति, मोहित, राकेश, प्यारे लाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का राज्य स्तरीय जन आक्रोश जत्था बुधवार को अर्की क्षेत्र के दाड़लाघाट पहुंचा, जहां नुक्कड़ नाटक और जनगीतों के माध्यम से केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रैली में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
जत्थे के दाड़लाघाट पहुंचने से पूर्व कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में रैली निकालकर सरकार की नीतियों के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के खिलाफ भी आवाज उठाई गई।
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रैली की अगुवाई पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने की, जबकि जनसभा की अध्यक्षता पूर्व मेयर संजय चौहान और विक्रम सिंह ने संयुक्त रूप से की। सभा को संबोधित करते हुए राकेश सिंघा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं का निजीकरण कर रही है और बिजली क्षेत्र को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद किए जाने पर भी चिंता जताई और इसे प्रदेश के हितों के खिलाफ बताया।
राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा कानून को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे ग्रामीण रोजगार पर असर पड़ेगा। वहीं पूर्व मेयर संजय चौहान ने किसानों और बागवानों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के प्रवेश का विरोध किया और वन संरक्षण कानून 1980 में किए गए संशोधनों पर भी आपत्ति जताई।
इसके अलावा पूर्व जिला पार्षद दाड़लाघाट राम कृष्ण शर्मा ओर मोहित ने राजमार्ग निर्माण में कथित अनियमितताओं, अवैध डंपिंग, रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, क्षेत्र में बसों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। माकपा नेताओं ने अंत में आम जनता से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर 24 मार्च को दिल्ली रैली में भाग लें। इस अवसर पर अमर सिंह गजपति, मोहित, राकेश, प्यारे लाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।