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Bilaspur News: निकाय चुनावों के बाद अध्यक्ष पदों को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मियां
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 18 May 2026 11:58 PM IST
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जीत के बाद चारों निकायों में बैठकों और समीकरणों का दौर शुरू
भाजपा में कई दावेदार सक्रिय, कांग्रेस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए
बिलासपुर में नरेश कुमारी और जमना देवी के नाम सबसे अधिक चर्चा में
घुमारवीं में अमित कुमार, राजेश कुमार, रामपाल को लेकर अटकलें
-नयना देवी में दीपक शर्मा को प्रमुख दावेदार माना जा रहा
-तलाई में नंद लाल शर्मा और सुनीता रानी के बीच अध्यक्ष पद की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं। जिले के चारों नगर निकायों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अध्यक्ष पदों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जहां भाजपा ने जिलेभर में जीत का जश्न मनाया, वहीं नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंदिरों में जाकर देवी-देवताओं का आभार भी जताया। इसके साथ ही अब विभिन्न स्तरों पर बैठकों, संपर्कों और राजनीतिक समीकरणों का दौर शुरू हो गया है।
नगर परिषद बिलासपुर में इस बार अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। यहां भाजपा समर्थित दो पार्षद अनुसूचित जाति महिला वर्ग से जीतकर आई हैं। इनमें वार्ड नंबर-1 से नरेश कुमारी और वार्ड नंबर-2 से जमना देवी शामिल हैं। दोनों ही अध्यक्ष पद की प्रमुख दावेदारों में मानी जा रही हैं। राजनीतिक हलकों में लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर पार्षद बनी नरेश कुमारी का नाम अधिक चर्चा में है। संगठन में उनकी सक्रियता और अनुभव को देखते हुए उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं जमना देवी भी अध्यक्ष पद की दौड़ में सक्रिय बताई जा रही हैं। पार्टी के भीतर दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने स्तर पर संपर्क साधने में जुटे हुए हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा। उधर, नगर परिषद श्री नयना देवी जी में अध्यक्ष पद अनारक्षित है। यहां भाजपा समर्थित दीपक शर्मा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। प्रदेश की सबसे छोटी नगर परिषद में भाजपा ने स्पष्ट बढ़त हासिल की है और राजनीतिक सूत्रों की मानें तो पार्टी नेतृत्व भी दीपक शर्मा के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है। फिलहाल अध्यक्ष पद की दौड़ में कोई अन्य नाम प्रमुखता से सामने नहीं आया है। दीपक शर्मा ने बातचीत में कहा कि वह पार्टी के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कार्य करेंगे और पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसका निर्वहन करेंगे। उनके इस बयान के बाद यह माना जा रहा है कि पार्टी संगठन जल्द ही इस पद को लेकर औपचारिक फैसला कर सकता है।
वहीं नगर परिषद घुमारवीं में चुनाव परिणाम आने के बाद अब राजनीतिक हलचल पूरी तरह अध्यक्ष पद की कुर्सी के इर्द-गिर्द घूमती दिखाई दे रही है। भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद पार्टी के भीतर कई नामों को लेकर चर्चा जारी है। इस बार अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और भाजपा खेमे में वार्ड नंबर-4 से जीतकर आए राजेश कुमार, वार्ड नंबर-7 से विजयी अमित कुमार और अन्य के रूप में जीतकर आए रामपाल के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार फिलहाल अमित कुमार को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व भी उनके नाम पर विचार कर रहा है। हालांकि निर्दलीय चुनाव जीतकर आए रामपाल ने भी राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। टिकट न मिलने के बाद स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरे रामपाल को भाजपा समर्थक माना जा रहा है और भाजपा भी उन्हें अपने खेमे का हिस्सा मान रही है। वह भी आरक्षित वर्ग से संबंध रखते हैं, ऐसे में अध्यक्ष पद की चर्चा अब तीन चेहरों के इर्द-गिर्द घूमती दिखाई दे रही है।
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घुमारवीं में कांग्रेस भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। संख्या बल में पीछे रहने के बावजूद कांग्रेस पूरी तरह निष्क्रिय नहीं दिख रही। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार कांग्रेस लगातार ऐसे राजनीतिक समीकरणों पर नजर रखे हुए है, जिनसे भाजपा के भीतर असंतोष की स्थिति बन सकती है। चर्चाएं यह भी हैं कि कांग्रेस उन चेहरों के संपर्क में रहने की कोशिश कर रही है जिन्हें अध्यक्ष पद की दौड़ में प्राथमिकता नहीं मिलती है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी बनी हुई है कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस किसी अन्य या असंतुष्ट चेहरे को समर्थन देने की रणनीति भी अपना सकती है। हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। घुमारवीं में इस समय राजनीतिक माहौल पूरी तरह अध्यक्ष पद की चर्चाओं से गर्म है। बाजारों, होटलों, ढाबों और चाय की दुकानों तक अब सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात को लेकर हो रही है कि आखिर पार्टी नेतृत्व किस चेहरे पर भरोसा जताएगा। उधर, नगर पंचायत तलाई में भी अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यहां अध्यक्ष पद अनारक्षित है और भाजपा समर्थित पार्षद नंद लाल शर्मा, सुनीता रानी दोनों को संभावित दावेदार माना जा रहा है। दोनों ही अपने-अपने स्तर पर समर्थन जुटाने में सक्रिय बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिले के चारों निकायों में अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम तस्वीर पार्टी नेतृत्व के फैसले और अंदरूनी सहमति के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल सभी की नजरें आगामी बैठकों और संगठन के निर्णयों पर टिकी हुई हैं।
भाजपा में कई दावेदार सक्रिय, कांग्रेस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए
बिलासपुर में नरेश कुमारी और जमना देवी के नाम सबसे अधिक चर्चा में
घुमारवीं में अमित कुमार, राजेश कुमार, रामपाल को लेकर अटकलें
-नयना देवी में दीपक शर्मा को प्रमुख दावेदार माना जा रहा
-तलाई में नंद लाल शर्मा और सुनीता रानी के बीच अध्यक्ष पद की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं। जिले के चारों नगर निकायों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अध्यक्ष पदों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जहां भाजपा ने जिलेभर में जीत का जश्न मनाया, वहीं नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंदिरों में जाकर देवी-देवताओं का आभार भी जताया। इसके साथ ही अब विभिन्न स्तरों पर बैठकों, संपर्कों और राजनीतिक समीकरणों का दौर शुरू हो गया है।
नगर परिषद बिलासपुर में इस बार अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। यहां भाजपा समर्थित दो पार्षद अनुसूचित जाति महिला वर्ग से जीतकर आई हैं। इनमें वार्ड नंबर-1 से नरेश कुमारी और वार्ड नंबर-2 से जमना देवी शामिल हैं। दोनों ही अध्यक्ष पद की प्रमुख दावेदारों में मानी जा रही हैं। राजनीतिक हलकों में लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर पार्षद बनी नरेश कुमारी का नाम अधिक चर्चा में है। संगठन में उनकी सक्रियता और अनुभव को देखते हुए उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं जमना देवी भी अध्यक्ष पद की दौड़ में सक्रिय बताई जा रही हैं। पार्टी के भीतर दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने स्तर पर संपर्क साधने में जुटे हुए हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा। उधर, नगर परिषद श्री नयना देवी जी में अध्यक्ष पद अनारक्षित है। यहां भाजपा समर्थित दीपक शर्मा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। प्रदेश की सबसे छोटी नगर परिषद में भाजपा ने स्पष्ट बढ़त हासिल की है और राजनीतिक सूत्रों की मानें तो पार्टी नेतृत्व भी दीपक शर्मा के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है। फिलहाल अध्यक्ष पद की दौड़ में कोई अन्य नाम प्रमुखता से सामने नहीं आया है। दीपक शर्मा ने बातचीत में कहा कि वह पार्टी के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कार्य करेंगे और पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसका निर्वहन करेंगे। उनके इस बयान के बाद यह माना जा रहा है कि पार्टी संगठन जल्द ही इस पद को लेकर औपचारिक फैसला कर सकता है।
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वहीं नगर परिषद घुमारवीं में चुनाव परिणाम आने के बाद अब राजनीतिक हलचल पूरी तरह अध्यक्ष पद की कुर्सी के इर्द-गिर्द घूमती दिखाई दे रही है। भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद पार्टी के भीतर कई नामों को लेकर चर्चा जारी है। इस बार अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और भाजपा खेमे में वार्ड नंबर-4 से जीतकर आए राजेश कुमार, वार्ड नंबर-7 से विजयी अमित कुमार और अन्य के रूप में जीतकर आए रामपाल के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार फिलहाल अमित कुमार को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व भी उनके नाम पर विचार कर रहा है। हालांकि निर्दलीय चुनाव जीतकर आए रामपाल ने भी राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। टिकट न मिलने के बाद स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरे रामपाल को भाजपा समर्थक माना जा रहा है और भाजपा भी उन्हें अपने खेमे का हिस्सा मान रही है। वह भी आरक्षित वर्ग से संबंध रखते हैं, ऐसे में अध्यक्ष पद की चर्चा अब तीन चेहरों के इर्द-गिर्द घूमती दिखाई दे रही है।
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घुमारवीं में कांग्रेस भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। संख्या बल में पीछे रहने के बावजूद कांग्रेस पूरी तरह निष्क्रिय नहीं दिख रही। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार कांग्रेस लगातार ऐसे राजनीतिक समीकरणों पर नजर रखे हुए है, जिनसे भाजपा के भीतर असंतोष की स्थिति बन सकती है। चर्चाएं यह भी हैं कि कांग्रेस उन चेहरों के संपर्क में रहने की कोशिश कर रही है जिन्हें अध्यक्ष पद की दौड़ में प्राथमिकता नहीं मिलती है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी बनी हुई है कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस किसी अन्य या असंतुष्ट चेहरे को समर्थन देने की रणनीति भी अपना सकती है। हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। घुमारवीं में इस समय राजनीतिक माहौल पूरी तरह अध्यक्ष पद की चर्चाओं से गर्म है। बाजारों, होटलों, ढाबों और चाय की दुकानों तक अब सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात को लेकर हो रही है कि आखिर पार्टी नेतृत्व किस चेहरे पर भरोसा जताएगा। उधर, नगर पंचायत तलाई में भी अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यहां अध्यक्ष पद अनारक्षित है और भाजपा समर्थित पार्षद नंद लाल शर्मा, सुनीता रानी दोनों को संभावित दावेदार माना जा रहा है। दोनों ही अपने-अपने स्तर पर समर्थन जुटाने में सक्रिय बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिले के चारों निकायों में अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम तस्वीर पार्टी नेतृत्व के फैसले और अंदरूनी सहमति के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल सभी की नजरें आगामी बैठकों और संगठन के निर्णयों पर टिकी हुई हैं।