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Bilaspur News: गोबिंद सागर और पौंग डैम के विकास को केंद्र का सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 18 May 2026 11:46 PM IST
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अनुराग ठाकुर के मुद्दा उठाने पर हरकत में आया मंत्रालय
मछुआरों के लिए करोड़ों की योजनाओं का जिक्र
गोबिंद सागर में 9.27 करोड़, पौंग डैम में होंगे 5.93 करोड़ खर्च
दोनों जलाशय राष्ट्रीय विकास योजना में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर और महाराणा प्रताप सागर (पौंग डैम) में मत्स्य संसाधनों के विकास और मछुआरों के कल्याण को लेकर केंद्र सरकार ने बड़े स्तर पर योजनाएं लागू करने की बात कही है। केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सांसद अनुराग ठाकुर को भेजे पत्र में यह जानकारी दी है।
जानकारी के अनुसार सांसद अनुराग ठाकुर ने 27 मार्च 2026 को लोकसभा में नियम-377 के तहत गोबिंद सागर और पौंग डैम की क्षमता का उपयोग कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ इस विषय पर चर्चा की। गोबिंद सागर जलाशय (भाखड़ा डैम) में ब्लू रिवोल्यूशन योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछुआरों को क्राफ्ट एवं गियर यूनिट, आवास, राहत सहायता और आइस बॉक्स वाली मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं। इन योजनाओं पर अब तक करीब 927.99 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसी तरह महाराणा प्रताप सागर में भी आवास इकाइयों, सुरक्षा उपकरणों, नावों, जाल, फिश कियोस्क और आइस बॉक्स से लैस मोटरसाइकिलों की सुविधा दी गई है। यहां करीब 593.05 लाख रुपये की राशि खर्च हुई है। केंद्रीय मंत्री ने पत्र में बताया कि गोबिंद सागर और पौंग डैम को देश के 400 जलाशयों की उस सूची में शामिल किया गया है, जिनके एकीकृत विकास की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई है। इसके तहत आधुनिक फिश लैंडिंग सेंटर, आइस प्लांट, ट्राउट और कार्प हैचरी, फिश सीड उत्पादन, रियरिंग सुविधाएं और पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। स्थानीय मछुआरों के कौशल विकास और विपणन सुविधाओं पर भी जोर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने पत्र में कहा है कि मंत्रालय हिमाचल प्रदेश सरकार को गोबिंद सागर और पौंग डैम के मत्स्य संसाधनों के सतत विकास और स्थानीय मछुआरों के कल्याण के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
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दोनों जलाशय राष्ट्रीय विकास योजना में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर और महाराणा प्रताप सागर (पौंग डैम) में मत्स्य संसाधनों के विकास और मछुआरों के कल्याण को लेकर केंद्र सरकार ने बड़े स्तर पर योजनाएं लागू करने की बात कही है। केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सांसद अनुराग ठाकुर को भेजे पत्र में यह जानकारी दी है।
जानकारी के अनुसार सांसद अनुराग ठाकुर ने 27 मार्च 2026 को लोकसभा में नियम-377 के तहत गोबिंद सागर और पौंग डैम की क्षमता का उपयोग कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ इस विषय पर चर्चा की। गोबिंद सागर जलाशय (भाखड़ा डैम) में ब्लू रिवोल्यूशन योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछुआरों को क्राफ्ट एवं गियर यूनिट, आवास, राहत सहायता और आइस बॉक्स वाली मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं। इन योजनाओं पर अब तक करीब 927.99 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसी तरह महाराणा प्रताप सागर में भी आवास इकाइयों, सुरक्षा उपकरणों, नावों, जाल, फिश कियोस्क और आइस बॉक्स से लैस मोटरसाइकिलों की सुविधा दी गई है। यहां करीब 593.05 लाख रुपये की राशि खर्च हुई है। केंद्रीय मंत्री ने पत्र में बताया कि गोबिंद सागर और पौंग डैम को देश के 400 जलाशयों की उस सूची में शामिल किया गया है, जिनके एकीकृत विकास की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई है। इसके तहत आधुनिक फिश लैंडिंग सेंटर, आइस प्लांट, ट्राउट और कार्प हैचरी, फिश सीड उत्पादन, रियरिंग सुविधाएं और पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। स्थानीय मछुआरों के कौशल विकास और विपणन सुविधाओं पर भी जोर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने पत्र में कहा है कि मंत्रालय हिमाचल प्रदेश सरकार को गोबिंद सागर और पौंग डैम के मत्स्य संसाधनों के सतत विकास और स्थानीय मछुआरों के कल्याण के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
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