हिमाचल: एम्स बिलासपुर ने रचा इतिहास, प्लास्टिक सर्जरी विभाग में दो वर्ष में मुख कैंसर की 60 जटिल सर्जरी सफल
हिमाचल प्रदेश के एम्स बिलासपुर के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने पिछले दो वर्ष में मुख कैंसर से पीड़ित 60 मरीजों की जटिल सर्जरी के बाद सफल पुनर्निर्माण कर चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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एम्स बिलासपुर ने मुख कैंसर (ओरल कैंसर) के उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तर भारत के अग्रणी स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। संस्थान के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने पिछले दो वर्ष में मुख कैंसर से पीड़ित 60 मरीजों की जटिल सर्जरी के बाद सफल पुनर्निर्माण कर चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं।
एम्स बिलासपुर में मुख कैंसर का उपचार बहु-विभागीय सहयोग से किया जा रहा है। ऑन्को सर्जरी, ईएनटी और दंत चिकित्सा विभाग मिलकर ट्यूमर को हटाने की सर्जरी करते हैं, जबकि इसके बाद प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा जटिल पुनर्निर्माण किया जाता है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को रेडिएशन और मेडिकल ऑन्कोलॉजी की सुविधाएं भी यहीं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इसके साथ ही एनेस्थीसिया विभाग द्वारा सर्जरी के दौरान जटिल प्रबंधन को भी कुशलतापूर्वक संभाला जा रहा है। पिछले दो वर्ष में किए गए 60 पुनर्निर्माण मामलों में दो अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया। इनमें 24 मामलों में फ्री फ्लैप पुनर्निर्माण किया गया, जिसमें शरीर के दूरस्थ हिस्सों जैसे हाथ या पैर से ऊतक लेकर मुख के जटिल दोषों को ठीक किया गया। यह सुविधा पहले हिमाचल क्षेत्र में बेहद सीमित थी।
वहीं, 36 मामलों में लोकल फ्लैप पुनर्निर्माण तकनीक अपनाई गई, जिसमें प्रभावित क्षेत्र के आसपास के ऊतकों का उपयोग कर बेहतर कार्यात्मक और सौंदर्यात्मक परिणाम सुनिश्चित किए गए। इस उपलब्धि से पहले हिमाचल प्रदेश के मरीजों को ऐसी सुप्रा-मेजर सर्जरी के लिए पीजीआई चंडीगढ़ जैसे बड़े और दूरस्थ संस्थानों का रुख करना पड़ता था। अब एम्स बिलासपुर में ही यह उन्नत उपचार उपलब्ध होने से मरीजों का आर्थिक बोझ कम हुआ है और उन्हें अपने राज्य में ही उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल रही है।