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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर में भीष्म क्यूब का लाइव डेमो, 12 मिनट में तैयार होगा पोर्टेबल अस्पताल
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आपदा के दौरान 200 मरीजों का इलाज संभव, हेलीकाप्टर से भी पहुंचाई जा सकने वाली आधुनिक सुविधा
ऑपरेशन थियेटर से लेकर एक्सरे, वेंटिलेटर तक सभी सुविधाएं एक यूनिट में उपलब्ध
एनडीआरएफ, डीडीएमए और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर ने आपदा प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भीष्म क्यूब का सफल लाइव प्रदर्शन किया। इस आधुनिक पोर्टेबल अस्पताल प्रणाली के जरिए आपात स्थितियों में तेजी से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
एम्स बिलासपुर को ऐसे दो अत्याधुनिक भीष्म क्यूब आवंटित किए गए हैं, जो विशेष रूप से हिमाचल जैसे दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए डिजाइन किए गए हैं। इन क्यूब्स की खासियत यह है कि इन्हें किसी भी स्थान पर पहुंचाने के बाद मात्र 12 मिनट में पूर्ण रूप से कार्यशील अस्पताल में बदला जा सकता है। यह पोर्टेबल यूनिट एक समय में करीब 200 मरीजों का इलाज करने में सक्षम हैं। इसमें आवश्यक दवाइयों के साथ-साथ पोर्टेबल ऑपरेशन थियेटर, लैब उपकरण, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, वेंटिलेटर और मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा यह सिस्टम रोजाना 10 से 15 सामान्य सर्जरी करने में सक्षम है, जो भूस्खलन, दुर्घटनाओं और अन्य आपदाओं के दौरान घायलों के इलाज में बेहद उपयोगी साबित होगा। भीष्म क्यूब की संरचना 36 छोटे क्यूब्स से मिलकर बने एक मॉड्यूलर सिस्टम पर आधारित है, जिससे चिकित्सा सामग्री का व्यवस्थित भंडारण और त्वरित उपयोग संभव होता है। इसमें आरएफआईडी तकनीक के जरिए उपकरणों और दवाइयों की रियल-टाइम निगरानी भी की जा सकती है।
यह यूनिट पूरी तरह आत्मनिर्भर है और इसमें पोर्टेबल जनरेटर व ऑक्सीजन उत्पादन प्रणाली भी मौजूद है, जिससे यह दूरदराज के इलाकों में भी बिना किसी बाहरी संसाधन के काम कर सकती है। इस दौरान एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा के मार्गदर्शन में यह प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में एनडीआरएफ की 14वीं बटालियन, होमगार्ड, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। इस पहल से एम्स बिलासपुर की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूती मिली है और बड़े स्तर की आपात स्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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एनडीआरएफ, डीडीएमए और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर ने आपदा प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भीष्म क्यूब का सफल लाइव प्रदर्शन किया। इस आधुनिक पोर्टेबल अस्पताल प्रणाली के जरिए आपात स्थितियों में तेजी से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
एम्स बिलासपुर को ऐसे दो अत्याधुनिक भीष्म क्यूब आवंटित किए गए हैं, जो विशेष रूप से हिमाचल जैसे दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए डिजाइन किए गए हैं। इन क्यूब्स की खासियत यह है कि इन्हें किसी भी स्थान पर पहुंचाने के बाद मात्र 12 मिनट में पूर्ण रूप से कार्यशील अस्पताल में बदला जा सकता है। यह पोर्टेबल यूनिट एक समय में करीब 200 मरीजों का इलाज करने में सक्षम हैं। इसमें आवश्यक दवाइयों के साथ-साथ पोर्टेबल ऑपरेशन थियेटर, लैब उपकरण, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, वेंटिलेटर और मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा यह सिस्टम रोजाना 10 से 15 सामान्य सर्जरी करने में सक्षम है, जो भूस्खलन, दुर्घटनाओं और अन्य आपदाओं के दौरान घायलों के इलाज में बेहद उपयोगी साबित होगा। भीष्म क्यूब की संरचना 36 छोटे क्यूब्स से मिलकर बने एक मॉड्यूलर सिस्टम पर आधारित है, जिससे चिकित्सा सामग्री का व्यवस्थित भंडारण और त्वरित उपयोग संभव होता है। इसमें आरएफआईडी तकनीक के जरिए उपकरणों और दवाइयों की रियल-टाइम निगरानी भी की जा सकती है।
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यह यूनिट पूरी तरह आत्मनिर्भर है और इसमें पोर्टेबल जनरेटर व ऑक्सीजन उत्पादन प्रणाली भी मौजूद है, जिससे यह दूरदराज के इलाकों में भी बिना किसी बाहरी संसाधन के काम कर सकती है। इस दौरान एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा के मार्गदर्शन में यह प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में एनडीआरएफ की 14वीं बटालियन, होमगार्ड, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। इस पहल से एम्स बिलासपुर की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूती मिली है और बड़े स्तर की आपात स्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।