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चुनौतियों से लड़ने के लिए संगठित और जागरूक समाज जरूरी : रूपेश्वर

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jan 2026 06:49 PM IST
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An organized and aware society is necessary to fight the challenges: Rupeshwar
घुमारवीं में आयोजित हिंदू सम्मेलन में उपस्थित लोग। स्रोत: जागरूक पाठक।
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घुमारवीं में हिंदू सम्मेलन आयोजित, बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम किए प्रस्तुत
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिंदू सम्मेलन का घुमारवीं में रविवार को आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता श्री राम नाटक क्लब के अध्यक्ष संजय शर्मा ने की। इस अवसर पर आरएसएस के प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जबकि खबड़ी माता मंदिर घंडीर के महंत रूपेश्वर गिरि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
मुख्य अतिथि महंत रूपेश्वर गिरि ने कहा कि आज समाज के सामने सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक चुनौतियां हैं। इनका समाधान केवल संगठित और जागरूक समाज से ही संभव है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलनों से समाज को उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और राष्ट्रहित में एकजुट रहने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का उद्देश्य किसी वर्ग विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का है।
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प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप ने पंच परिवर्तन विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पंच परिवर्तन के अंतर्गत सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, पारिवारिक मूल्य और नागरिक कर्तव्यों जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। यदि समाज इन पांच बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य करे तो राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को नई दिशा और गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और प्रत्येक नागरिक की भूमिका को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज को संगठित रहना होगा, क्योंकि जब हिंदू समाज संगठित होगा, तभी भारत संगठित बनेगा। भारत एक ऐसा देश है जो संगठित और समृद्ध बनकर पूरी दुनिया को शांति का संदेश देता है। सनातन धर्म शांति, सह-अस्तित्व और समृद्धि का प्रतीक है। सम्मेलन में कविता पाठ, समूहगान, नाटी सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पण के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने समाज को संगठित रखने और सनातन मूल्यों के अनुरूप जीवन जीने का संकल्प लिया।
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