{"_id":"69dba2f3e60f9b89d007c62a","slug":"damini-kamini-chandikas-daughters-rachna-won-accolades-bilaspur-news-c-92-1-bls1002-157870-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: दामिनी कामिनी चंडिका बेटियां रचना ने लूटी वाहवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: दामिनी कामिनी चंडिका बेटियां रचना ने लूटी वाहवाही
विज्ञापन
डायरी की खबर का फोटोमंजूषा सहायता केंद्र कलोल के बारहवें स्थापना दिवस समारोह में उपस्थित लोग। स
विज्ञापन
-मंजूषा सहायता केंद्र कलोल ने मनाया स्थापना दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। मंजूषा सहायता केंद्र कलोल में केंद्र के स्थापना दिवस पर समारोह का आयोजन किया गया। संस्थापक कर्नल जसवंत सिंह चंदेल की अगुवाई में हुए कार्यक्रम में सबसे पहले सरस्वती वंदना हुई। इसके बाद प्रथम सत्र में कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने केंद्र की ओर से गत वर्ष किए गए विभिन्न समाज भलाई के कार्यों की जानकारी दी। विभिन्न जरूरतमंदों को सहायता राशि के चेक भेंट किए। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लेख राम संख्यान की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में डॉ. कुलदीप कुमार मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रविंद्र ठाकुर मौजूद रहे। लिया।
इसके बाद द्वितीय सत्र में बिलासपुर लेखक संघ की ओर से आयोजित कवि गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकारों और कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। कवि गोष्ठी में संघ के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र ठाकुर ने शुद्धि सुचिता में देव हैं रहते, डॉ. लेख राम शर्मा ने बिछोड़े, शीला सिंह ने कलोल धरा तो है पुण्यों वाली, रविंद्र साथी ने देख मर्द की फेरी, ललिता कश्यप ने दामिनी कामिनी चंडिका बेटियां, कुसुम लता ने तू जिंदगी को जी, सूर्यांश ने अभी तो बस शुरुआत है, रचना चंदेल ने नारी तुम तो ऐसी न थी कविता प्रस्तुत की। केशव शर्मा रसिक ने रोटियां ऊपर घी नावां कने जी लड़ाई के, फूलां चंदेल ने बारहमासा, प्रीती मधु ने अब क्या असर करेगी दवा, वासुदेव शर्मा ने खेलो जरूर होली ,वीना वर्धन ने भक्ति गीत, रक्षा ठाकुर ने युद्ध विभीषिका है, रूप शर्मा ने खुशी काम में होती, रविंद्र चंदेल कमल ने हर पल बदलते हालात, वीरबल धीमान ने बेशक आप तो मंजूषा, बृजलाल लखनपाल ने राम नाम जपणा रचना प्रस्तुत की। वहीं, कर्ण चंदेल ने आज लिखने का बड़ा मन है, रविंद्र ठाकुर ने कोई फिक्र क्यों करें, डॉ. जय अन्जान ने आपसे मुलाकात जब हो जाएगी, धर्म चंद धीमान ने शहीदों को मत भूलना, लता कुमारी ने ओ पथिक, शमशेर सिंह चंदेल ने फैशन गीत, निर्मला ठाकुर ने कैसा ये विकास है, कैप्टन सुरेंद्र ने वतन फरिश्ते अश्मिता शर्मा ने मैं स्त्री हूं कविता प्रस्तुत करके श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। इस अवसर पर महिला मंडल की सदस्यों ने हिमाचली गिद्दा प्रस्तुत करके लोगों का बहुत मनोरंजन किया। समारोह में पूर्व सैनिकों, मंजूषा सहायता केंद्र के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। मंजूषा सहायता केंद्र कलोल में केंद्र के स्थापना दिवस पर समारोह का आयोजन किया गया। संस्थापक कर्नल जसवंत सिंह चंदेल की अगुवाई में हुए कार्यक्रम में सबसे पहले सरस्वती वंदना हुई। इसके बाद प्रथम सत्र में कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने केंद्र की ओर से गत वर्ष किए गए विभिन्न समाज भलाई के कार्यों की जानकारी दी। विभिन्न जरूरतमंदों को सहायता राशि के चेक भेंट किए। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लेख राम संख्यान की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में डॉ. कुलदीप कुमार मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रविंद्र ठाकुर मौजूद रहे। लिया।
इसके बाद द्वितीय सत्र में बिलासपुर लेखक संघ की ओर से आयोजित कवि गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकारों और कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। कवि गोष्ठी में संघ के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र ठाकुर ने शुद्धि सुचिता में देव हैं रहते, डॉ. लेख राम शर्मा ने बिछोड़े, शीला सिंह ने कलोल धरा तो है पुण्यों वाली, रविंद्र साथी ने देख मर्द की फेरी, ललिता कश्यप ने दामिनी कामिनी चंडिका बेटियां, कुसुम लता ने तू जिंदगी को जी, सूर्यांश ने अभी तो बस शुरुआत है, रचना चंदेल ने नारी तुम तो ऐसी न थी कविता प्रस्तुत की। केशव शर्मा रसिक ने रोटियां ऊपर घी नावां कने जी लड़ाई के, फूलां चंदेल ने बारहमासा, प्रीती मधु ने अब क्या असर करेगी दवा, वासुदेव शर्मा ने खेलो जरूर होली ,वीना वर्धन ने भक्ति गीत, रक्षा ठाकुर ने युद्ध विभीषिका है, रूप शर्मा ने खुशी काम में होती, रविंद्र चंदेल कमल ने हर पल बदलते हालात, वीरबल धीमान ने बेशक आप तो मंजूषा, बृजलाल लखनपाल ने राम नाम जपणा रचना प्रस्तुत की। वहीं, कर्ण चंदेल ने आज लिखने का बड़ा मन है, रविंद्र ठाकुर ने कोई फिक्र क्यों करें, डॉ. जय अन्जान ने आपसे मुलाकात जब हो जाएगी, धर्म चंद धीमान ने शहीदों को मत भूलना, लता कुमारी ने ओ पथिक, शमशेर सिंह चंदेल ने फैशन गीत, निर्मला ठाकुर ने कैसा ये विकास है, कैप्टन सुरेंद्र ने वतन फरिश्ते अश्मिता शर्मा ने मैं स्त्री हूं कविता प्रस्तुत करके श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। इस अवसर पर महिला मंडल की सदस्यों ने हिमाचली गिद्दा प्रस्तुत करके लोगों का बहुत मनोरंजन किया। समारोह में पूर्व सैनिकों, मंजूषा सहायता केंद्र के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन