{"_id":"6968dba2a23d45114307e9cc","slug":"demand-for-ambulance-road-to-kot-tanda-road-crisis-in-the-area-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-152199-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: कोट-टांडा के लिए एम्बुलेंस रोड की मांग, क्षेत्र में सड़कों का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: कोट-टांडा के लिए एम्बुलेंस रोड की मांग, क्षेत्र में सड़कों का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 15 Jan 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
कोट में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में समस्याएं सुनाती हुई सपना देवी। संवाद
विज्ञापन
लाइव रिपोर्ट सरकार गांव के द्वार
राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं में सीताराम ने उठाया लेटलतीफी का मुद्दा
कोट स्कूल, भवनों के पास खतरनाक पेड़ों को कटवाने की उठी मांग
गांव के द्वार कार्यक्रम में मंत्री के समक्ष खुली समस्याओं की फाइलें
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोट में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम जैसी ही सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ, जनसमस्याओं की झड़ी लग गई। शिविर में सड़क, पानी, बिजली और राजस्व से जुड़े मामलों का दबदबा रहा।
कार्यक्रम में पहुंचे ग्रामीणों ने मंत्री को अपनी व्यथा सुनाई और कई सालों से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में पहुंचने के बाद करीब आधा घंटा वहां पर लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और विभागों से उनके बारे में जानकारी ली। 11 बजे शिकायतें सुनने का दौर शुरू हुआ। शिविर में कनेक्टिविटी का मुद्दा छाया रहा। कोट गांव के ग्रामीणों ने हरिजन बस्ती के लिए सड़क और वर्षा शालिका बनाने की पुरजोर मांग की। कोट-टांडा के चमन लाल और सूबेदार सुरेश ने मंत्री से कहा कि गांव के लिए एंबुलेंस रोड की आवश्यकता है। अगर कोई ग्रामीण बीमार हो जाता है तो उसे गांव में एंबुलेंस तक पहुंचने की सुविधा नहीं है। गैरा गांव के राकेश, देहरा मरकोटा के ग्रामीणों और मेहर सिंह ने भी अपनी-अपनी बस्तियों के लिए सड़क निर्माण की शिकायतें सौंपी। वहीं बल्ली कोट के लोगों ने पुली निर्माण और पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं में ब्रह्मली के सीता राम ने तकसीम (बंटवारा) और पंतेहड़ा के जय किशन ने विभागीय देरी की शिकायत की। रोजगार के मोर्चे पर देहरा की उर्वशी देवी और कंजयाण की सपना देवी ने नौकरी के लिए आवेदन सौंपा। उर्वशी ने छात्रवृत्ति का मुद्दा भी उठाया। कोट के कमलदेव ने स्थानांतरण और ज्योति शर्मा ने पेंशन संबंधी शिकायत मंत्री के समक्ष रखी।
सुमाड़ मंदिर कमेटी ने मंदिर भवन, कोट के ग्रामीणों ने मंदिर की सुरक्षा दीवार और महिला मंडल मेंरा कोट ने नए कमरे के निर्माण की मांग की। कोट समिति प्रबंधक ने भी भवन निर्माण का प्रस्ताव रखा। वहीं, मनोरमा देवी ने मकान बनाने और रमेश ने डंगा लगाने के लिए सरकार से सहायता मांगी। सपना देवी ने कोट स्कूल और बाड़ी चौक में भवनों के पास खतरनाक पेड़ों को कटवाने की मांग की। कोट के मथुरा दास और बल्ही के ग्रामीणों ने पानी की सप्लाई और नए टैंक के लिए गुहार लगाई। कोट के श्यामलाल ने गांव में नए बिजली पोल लगाने की मांग रखी। हम्बोट के रमेश चंद ने एक निजी कंपनी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। कोट पंचायत प्रधान ने अधूरे विकास कार्यों को बजट देकर पूरा करवाने का आग्रह किया। मंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि मौके पर आई शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में कोताही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग संबंधी शिकायतों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया।
Trending Videos
राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं में सीताराम ने उठाया लेटलतीफी का मुद्दा
कोट स्कूल, भवनों के पास खतरनाक पेड़ों को कटवाने की उठी मांग
गांव के द्वार कार्यक्रम में मंत्री के समक्ष खुली समस्याओं की फाइलें
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोट में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम जैसी ही सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ, जनसमस्याओं की झड़ी लग गई। शिविर में सड़क, पानी, बिजली और राजस्व से जुड़े मामलों का दबदबा रहा।
कार्यक्रम में पहुंचे ग्रामीणों ने मंत्री को अपनी व्यथा सुनाई और कई सालों से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में पहुंचने के बाद करीब आधा घंटा वहां पर लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और विभागों से उनके बारे में जानकारी ली। 11 बजे शिकायतें सुनने का दौर शुरू हुआ। शिविर में कनेक्टिविटी का मुद्दा छाया रहा। कोट गांव के ग्रामीणों ने हरिजन बस्ती के लिए सड़क और वर्षा शालिका बनाने की पुरजोर मांग की। कोट-टांडा के चमन लाल और सूबेदार सुरेश ने मंत्री से कहा कि गांव के लिए एंबुलेंस रोड की आवश्यकता है। अगर कोई ग्रामीण बीमार हो जाता है तो उसे गांव में एंबुलेंस तक पहुंचने की सुविधा नहीं है। गैरा गांव के राकेश, देहरा मरकोटा के ग्रामीणों और मेहर सिंह ने भी अपनी-अपनी बस्तियों के लिए सड़क निर्माण की शिकायतें सौंपी। वहीं बल्ली कोट के लोगों ने पुली निर्माण और पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं में ब्रह्मली के सीता राम ने तकसीम (बंटवारा) और पंतेहड़ा के जय किशन ने विभागीय देरी की शिकायत की। रोजगार के मोर्चे पर देहरा की उर्वशी देवी और कंजयाण की सपना देवी ने नौकरी के लिए आवेदन सौंपा। उर्वशी ने छात्रवृत्ति का मुद्दा भी उठाया। कोट के कमलदेव ने स्थानांतरण और ज्योति शर्मा ने पेंशन संबंधी शिकायत मंत्री के समक्ष रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुमाड़ मंदिर कमेटी ने मंदिर भवन, कोट के ग्रामीणों ने मंदिर की सुरक्षा दीवार और महिला मंडल मेंरा कोट ने नए कमरे के निर्माण की मांग की। कोट समिति प्रबंधक ने भी भवन निर्माण का प्रस्ताव रखा। वहीं, मनोरमा देवी ने मकान बनाने और रमेश ने डंगा लगाने के लिए सरकार से सहायता मांगी। सपना देवी ने कोट स्कूल और बाड़ी चौक में भवनों के पास खतरनाक पेड़ों को कटवाने की मांग की। कोट के मथुरा दास और बल्ही के ग्रामीणों ने पानी की सप्लाई और नए टैंक के लिए गुहार लगाई। कोट के श्यामलाल ने गांव में नए बिजली पोल लगाने की मांग रखी। हम्बोट के रमेश चंद ने एक निजी कंपनी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। कोट पंचायत प्रधान ने अधूरे विकास कार्यों को बजट देकर पूरा करवाने का आग्रह किया। मंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि मौके पर आई शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में कोताही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग संबंधी शिकायतों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

कोट में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में समस्याएं सुनाती हुई सपना देवी। संवाद