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Bilaspur News: जिले के रणबांकुरों को पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलि
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चंगर शहीद स्मारक पर पूर्व सैनिक। स्रोत: पूर्व सैनिक
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पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने वीर बलिदानी स्मारक में मनाया 78 वां सेना दिवस
सूबेदार वीर सिंह ने डोगरा बैंड के साथ शोक धुन बजाकर वातावरण को किया भावुक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पूर्व सैनिक कल्याण समिति हिमाचल प्रदेश द्वारा 78 वां सेना दिवस शहर के चंगर स्थित वीर बलिदानी स्मारक में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह (एवीएसएम, वीएसएम), कार्यकारी निदेशक, एम्स बिलासपुर मुख्यातिथि रहे। वहीं ब्रिगेडियर जगदीश सिंह वर्मा (वीएसएम), कर्नल विश्वास प्रदीप परांजपे, उप निदेशक, एम्स बिलासपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि, उपस्थित अतिथियों एवं कैप्टन संजय कुमार, चेयरमैन पूर्व सैनिक कल्याण समिति हिमाचल प्रदेश ने जिले के उन रणबांकुरों को पुष्प चक्र अर्पित कर किया, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। सूबेदार वीर सिंह ने डोगरा बैंड के साथ शोक धुन बजाकर वातावरण को भावुक कर दिया। कैप्टन संजय कुमार ने कहा कि भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ, लेकिन आजादी के बाद दंगे-फसाद और शरणार्थियों के आवागमन के कारण देश में उथल-पुथल का माहौल था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को मोर्चा संभालना पड़ा। विभाजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सेना कमांड का गठन किया गया, हालांकि उस समय भारतीय सेना के प्रमुख ब्रिटिश मूल के होते थे। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी 1949 को लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय सेना प्रमुख बने, और तभी से हर वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है।
कार्यक्रम में कैप्टन सीता राम, सूबेदार मदन ठाकुर, कैप्टन बालक राम, निक्का राम प्रकाश, सूबेदार मेजर प्रदीप कुमार शर्मा, अंबा प्रसाद, सुंदर राम, सूबेदार बलि राम, मान सिंह, सुरेश कुमार, पवन ठाकुर, नायब सूबेदार लच्छू राम, शिव सिंह, रतन चंद, शक्ति चंद, नंद लाल कपिल, प्रेम लाल शर्मा, अमर सिंह, हवलदार कृष्ण चंद, कृष्ण लाल, जोगेंद्र सिंह सहित सैकड़ों पूर्व सैनिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में कर्नल राजेंद्र ठाकुर, रूपेंद्र चंदेल, ग्रुप कैप्टन आरएस राजपूत, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की ओर से कैप्टन रमेश शर्मा एवं विनोद कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में देश की अखंडता, संप्रभुता और वीर शहीदों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि, उपस्थित अतिथियों एवं कैप्टन संजय कुमार, चेयरमैन पूर्व सैनिक कल्याण समिति हिमाचल प्रदेश ने जिले के उन रणबांकुरों को पुष्प चक्र अर्पित कर किया, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। सूबेदार वीर सिंह ने डोगरा बैंड के साथ शोक धुन बजाकर वातावरण को भावुक कर दिया। कैप्टन संजय कुमार ने कहा कि भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ, लेकिन आजादी के बाद दंगे-फसाद और शरणार्थियों के आवागमन के कारण देश में उथल-पुथल का माहौल था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को मोर्चा संभालना पड़ा। विभाजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सेना कमांड का गठन किया गया, हालांकि उस समय भारतीय सेना के प्रमुख ब्रिटिश मूल के होते थे। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी 1949 को लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय सेना प्रमुख बने, और तभी से हर वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है।
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कार्यक्रम में कैप्टन सीता राम, सूबेदार मदन ठाकुर, कैप्टन बालक राम, निक्का राम प्रकाश, सूबेदार मेजर प्रदीप कुमार शर्मा, अंबा प्रसाद, सुंदर राम, सूबेदार बलि राम, मान सिंह, सुरेश कुमार, पवन ठाकुर, नायब सूबेदार लच्छू राम, शिव सिंह, रतन चंद, शक्ति चंद, नंद लाल कपिल, प्रेम लाल शर्मा, अमर सिंह, हवलदार कृष्ण चंद, कृष्ण लाल, जोगेंद्र सिंह सहित सैकड़ों पूर्व सैनिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में कर्नल राजेंद्र ठाकुर, रूपेंद्र चंदेल, ग्रुप कैप्टन आरएस राजपूत, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की ओर से कैप्टन रमेश शर्मा एवं विनोद कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में देश की अखंडता, संप्रभुता और वीर शहीदों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।