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Bilaspur News: पपलोआ से अलग कर गाह को नई ग्राम पंचायत बनाने की मांग
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ग्रामीणों का कहना, प्रस्ताव भेजने के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत पपलोआ से अलग कर नई ग्राम पंचायत गठित करने की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों ने सरकार से पपलोआ से अलग कर गाह को नई ग्राम पंचायत बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि गाह पंचायत बनाई जाती है तो गाह, जोहड़ सुंदरी, गढ़याना सहित आसपास के गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों के अनुसार नई ग्राम पंचायत गठन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जा चुका है। बावजूद इसके सरकार की ओर से पहले 39 और बाद में कुल 84 नई ग्राम पंचायतें गठित किए जाने के बावजूद पपलोआ क्षेत्र को नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे लोगों में गहरी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका झंडूता विधानसभा क्षेत्र का अति दुर्गम भाग है। वर्तमान ग्राम पंचायत मुख्यालय तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को सात से आठ किलोमीटर की सीधी चढ़ाई तय करनी पड़ती है। वहीं बुजुर्गों और दिव्यांगों को सड़क से लगभग 13 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। यहां की अधिकांश आबादी भाखड़ा परियोजना के विस्थापितों की है, जिन्हें रोजमर्रा के जीवन-यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा क्षेत्र की 80 से 85 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से संबंधित है। सूबेदार मेजर मस्त राम, पूर्व जिला परिषद सदस्य वीना चंदेल, गिलू राम ढढवालिया, कुंजू राम, कृष्ण सिंह चंदेल, श्याम लाल, रूप लाल सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद अति दुर्गम क्षेत्र के लोगों के साथ भेदभाव किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत पपलोआ से अलग कर नई ग्राम पंचायत गठित करने की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों ने सरकार से पपलोआ से अलग कर गाह को नई ग्राम पंचायत बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि गाह पंचायत बनाई जाती है तो गाह, जोहड़ सुंदरी, गढ़याना सहित आसपास के गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों के अनुसार नई ग्राम पंचायत गठन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जा चुका है। बावजूद इसके सरकार की ओर से पहले 39 और बाद में कुल 84 नई ग्राम पंचायतें गठित किए जाने के बावजूद पपलोआ क्षेत्र को नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे लोगों में गहरी नाराजगी है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका झंडूता विधानसभा क्षेत्र का अति दुर्गम भाग है। वर्तमान ग्राम पंचायत मुख्यालय तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को सात से आठ किलोमीटर की सीधी चढ़ाई तय करनी पड़ती है। वहीं बुजुर्गों और दिव्यांगों को सड़क से लगभग 13 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। यहां की अधिकांश आबादी भाखड़ा परियोजना के विस्थापितों की है, जिन्हें रोजमर्रा के जीवन-यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा क्षेत्र की 80 से 85 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से संबंधित है। सूबेदार मेजर मस्त राम, पूर्व जिला परिषद सदस्य वीना चंदेल, गिलू राम ढढवालिया, कुंजू राम, कृष्ण सिंह चंदेल, श्याम लाल, रूप लाल सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद अति दुर्गम क्षेत्र के लोगों के साथ भेदभाव किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।