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Bilaspur News: गोबिंद सागर झील व कोल डैम में बिना लाइफ जैकेट एंट्री बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 02 May 2026 11:34 PM IST
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उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई, जबलपुर में हुई दुर्घटना को देखते हुए जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला प्रशासन ने गोबिंद सागर झील और कोल डैम जलाशय में चल रही जल गतिविधियों को लेकर सख्त सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। हालिया नौका हादसों से सबक लेते हुए उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष राहुल कुमार ने जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं।
जिले में नाव संचालन, जल क्रीड़ा और फेरी सेवाएं बड़े स्तर पर संचालित होती हैं, जिनमें रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग हिस्सा लेते हैं। प्रशासन का कहना है कि जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जारी निर्देशों के अनुसार अब हर व्यक्ति के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी को भी जल गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी नावों में पर्याप्त संख्या में लाइफ ब्वॉय, सुरक्षा रस्सियां और प्राथमिक उपचार किट रखना जरूरी किया गया है। नावों की क्षमता स्पष्ट रूप से लिखी जाएगी और तय सीमा से अधिक सवारियां बैठाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित कर्मियों को ही तैनात किया जाएगा। नाव चालक, लाइफगार्ड और जल क्रीड़ा संचालकों के पास तैराकी, रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य रहेगा। बिना प्रशिक्षण वाले लोगों की तैनाती पर पूरी तरह रोक रहेगी। सभी नावों, इंजनों और उपकरणों का नियमित तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी तरह की खामी मिलने पर संबंधित जलयान को तुरंत संचालन से बाहर कर दिया जाएगा। साथ ही हर यात्रा से पहले यात्रियों को सुरक्षा नियमों की जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है। जल क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड और हाई रिस्क जोन चिन्हित कर वहां गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने स्पष्ट किया कि निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसमें लाइसेंस रद्द करने से लेकर जुर्माना और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बिलासपुर। जिला प्रशासन ने गोबिंद सागर झील और कोल डैम जलाशय में चल रही जल गतिविधियों को लेकर सख्त सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। हालिया नौका हादसों से सबक लेते हुए उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष राहुल कुमार ने जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं।
जिले में नाव संचालन, जल क्रीड़ा और फेरी सेवाएं बड़े स्तर पर संचालित होती हैं, जिनमें रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग हिस्सा लेते हैं। प्रशासन का कहना है कि जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जारी निर्देशों के अनुसार अब हर व्यक्ति के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी को भी जल गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी नावों में पर्याप्त संख्या में लाइफ ब्वॉय, सुरक्षा रस्सियां और प्राथमिक उपचार किट रखना जरूरी किया गया है। नावों की क्षमता स्पष्ट रूप से लिखी जाएगी और तय सीमा से अधिक सवारियां बैठाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
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प्रशासन ने साफ किया है कि केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित कर्मियों को ही तैनात किया जाएगा। नाव चालक, लाइफगार्ड और जल क्रीड़ा संचालकों के पास तैराकी, रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य रहेगा। बिना प्रशिक्षण वाले लोगों की तैनाती पर पूरी तरह रोक रहेगी। सभी नावों, इंजनों और उपकरणों का नियमित तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी तरह की खामी मिलने पर संबंधित जलयान को तुरंत संचालन से बाहर कर दिया जाएगा। साथ ही हर यात्रा से पहले यात्रियों को सुरक्षा नियमों की जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है। जल क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड और हाई रिस्क जोन चिन्हित कर वहां गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने स्पष्ट किया कि निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसमें लाइसेंस रद्द करने से लेकर जुर्माना और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
