{"_id":"6a85f1d36cdd5b5b1c076f62","slug":"farmers-should-adopt-natural-farming-both-soil-and-health-will-remain-safe-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-165898-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: प्राकृतिक खेती अपनाएं किसान, मिट्टी और सेहत दोनों रहेंगी सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: प्राकृतिक खेती अपनाएं किसान, मिट्टी और सेहत दोनों रहेंगी सुरक्षित
विज्ञापन
ग्राम पंचायत तंबोल में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में मौजूद किसान। स्रोत: जागरूक पाठक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि विभाग ने किसानों को बहुफसलीय खेती के फायदे बताए, प्राकृतिक खेती पर मिल रहे अनुदान की दी जानकारी
तंबोल में किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर
संवाद न्यूज़ एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत तंबोल में कृषि विभाग की ओर से राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभ और इसे अपनाने के तरीकों की जानकारी दी गई। खंड तकनीकी प्रबंधक स्वारघाट पुष्पेंद्र गौतम ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का कम इस्तेमाल कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रसायनों के अधिक इस्तेमाल से मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने किसानों को बहुफसलीय खेती अपनाने की सलाह दी। एक ही खेत में अलग-अलग फसलें उगाने से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने दलहन के साथ तिलहन और गेहूं के साथ चने की फसल उगाने का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से देशी गाय खरीदने और कृषि उपकरण लेने पर अनुदान दिया जा रहा है। शिविर में काफी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
विज्ञापन
तंबोल में किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर
संवाद न्यूज़ एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत तंबोल में कृषि विभाग की ओर से राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभ और इसे अपनाने के तरीकों की जानकारी दी गई। खंड तकनीकी प्रबंधक स्वारघाट पुष्पेंद्र गौतम ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का कम इस्तेमाल कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रसायनों के अधिक इस्तेमाल से मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने किसानों को बहुफसलीय खेती अपनाने की सलाह दी। एक ही खेत में अलग-अलग फसलें उगाने से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने दलहन के साथ तिलहन और गेहूं के साथ चने की फसल उगाने का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से देशी गाय खरीदने और कृषि उपकरण लेने पर अनुदान दिया जा रहा है। शिविर में काफी संख्या में किसानों ने भाग लिया।