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Bilaspur News: चार माह से हमीरपुर-शिमला बस बंद, विद्यार्थियों और मरीजों की बढ़ी परेशानी
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सुबह के समय बस सेवा बंद होने से टैक्सी का लेना पड़ रहा सहारा
लोगों ने रूट बहाल करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। भराड़ी क्षेत्र से होकर चलने वाला हमीरपुर-शिमला बस रूट करीब चार माह से बंद है। वर्षों से नियमित चल रही इस बस सेवा के बंद होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और आम यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण रूट बंद किए जाने से लोगों को अतिरिक्त खर्च और समय दोनों उठाना पड़ रहा है। यह बस हमीरपुर से लदरौर, कोठी, मिहाड़ा, बाड़ा दा घाट, भराड़ी, गतवाड़ और लेठवीं होते हुए सुबह करीब सात बजे दधोल चौक पहुंचती थी। इससे लोगों को घुमारवीं, बिलासपुर और शिमला के अलावा चंडीगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में जाने की सुविधा मिलती थी। शिमला स्थित आईजीएमसी जाने वाले मरीजों के लिए भी यह बस काफी उपयोगी थी। बस सेवा बंद होने का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा है। भराड़ी और आसपास के गांवों से घुमारवीं, बिलासपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों में जाने वाले विद्यार्थियों को अब या तो काफी पहले घर से निकलना पड़ रहा है या टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है। नौकरीपेशा लोगों को भी समय पर कार्यालय पहुंचने के लिए अतिरिक्त किराया खर्च करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र से एक बस सुबह करीब साढ़े पांच बजे निकलती है, जबकि इसके बाद अगली बस करीब आठ बजे आती है। ऐसे में दोनों बसों के बीच लंबा अंतराल पहले से ही लोगों के लिए परेशानी का कारण था। हमीरपुर-शिमला बस इस समय के बीच लोगों के लिए सुविधाजनक विकल्प थी। इसके बंद होने से दिक्कत और बढ़ गई है।
मरीजों पर भी पड़ रहा आर्थिक बोझ
आईजीएमसी समेत शिमला के बड़े अस्पतालों में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों को अब निजी वाहन या टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाज के खर्च के साथ आने-जाने का अतिरिक्त किराया गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है।
सवारियां कम होने से बंद किया रूट
बस अड्डा इंचार्ज हमीरपुर सतीश कुमार ने बताया कि बस में सवारियों की संख्या न के बराबर थी। इसी कारण यह रूट बंद किया गया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए बस सेवा को दोबारा शुरू किया जाए।
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लोगों ने रूट बहाल करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। भराड़ी क्षेत्र से होकर चलने वाला हमीरपुर-शिमला बस रूट करीब चार माह से बंद है। वर्षों से नियमित चल रही इस बस सेवा के बंद होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और आम यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण रूट बंद किए जाने से लोगों को अतिरिक्त खर्च और समय दोनों उठाना पड़ रहा है। यह बस हमीरपुर से लदरौर, कोठी, मिहाड़ा, बाड़ा दा घाट, भराड़ी, गतवाड़ और लेठवीं होते हुए सुबह करीब सात बजे दधोल चौक पहुंचती थी। इससे लोगों को घुमारवीं, बिलासपुर और शिमला के अलावा चंडीगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में जाने की सुविधा मिलती थी। शिमला स्थित आईजीएमसी जाने वाले मरीजों के लिए भी यह बस काफी उपयोगी थी। बस सेवा बंद होने का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा है। भराड़ी और आसपास के गांवों से घुमारवीं, बिलासपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों में जाने वाले विद्यार्थियों को अब या तो काफी पहले घर से निकलना पड़ रहा है या टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है। नौकरीपेशा लोगों को भी समय पर कार्यालय पहुंचने के लिए अतिरिक्त किराया खर्च करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र से एक बस सुबह करीब साढ़े पांच बजे निकलती है, जबकि इसके बाद अगली बस करीब आठ बजे आती है। ऐसे में दोनों बसों के बीच लंबा अंतराल पहले से ही लोगों के लिए परेशानी का कारण था। हमीरपुर-शिमला बस इस समय के बीच लोगों के लिए सुविधाजनक विकल्प थी। इसके बंद होने से दिक्कत और बढ़ गई है।
मरीजों पर भी पड़ रहा आर्थिक बोझ
आईजीएमसी समेत शिमला के बड़े अस्पतालों में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों को अब निजी वाहन या टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाज के खर्च के साथ आने-जाने का अतिरिक्त किराया गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है।
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सवारियां कम होने से बंद किया रूट
बस अड्डा इंचार्ज हमीरपुर सतीश कुमार ने बताया कि बस में सवारियों की संख्या न के बराबर थी। इसी कारण यह रूट बंद किया गया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए बस सेवा को दोबारा शुरू किया जाए।
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