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Bilaspur News: सरकार ने तलब की सोलन अस्पताल में डॉक्टरों के तबादले व चिकित्सकों की कमी की रिपोर्ट
Thu, 20 Aug 2026 12:57 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:57 AM IST
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25 अगस्त तक नहीं रुका ट्रांसफर तो डाॅक्टरों का मेडिकल कॉलेज जाना पक्का
अमर उजाला में खबर छपने के बाद लिया सरकार ने संज्ञान, प्रशासन ने भेजी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में चार विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक साथ ट्रांसफर करने के बाद मामले में सरकार ने रिपोर्ट तलब की है। सरकार ने प्रशासन से डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को होने वाली परेशानियों की रिपोर्ट मांगी है। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और इस कारण हो रही परेशानियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेज दी है। अस्पताल से चार विशेषज्ञों के तबादले की अमर उजाला में छपी खबर के बाद लगातार लोग सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं, जिस पर यह रिपोर्ट मांगी गई है। दूसरी ओर शहर के कारोबारियों ने भी तबादले न रुके तो दुकानें बंद करने की चेतावनी दे दी है।
अस्पताल में पहले से चल रही डॉक्टरों की कमी अब अधिक बढ़ने वाली है। वहीं सूत्रों के अनुसार यदि 25 अगस्त तक ट्रांसफर को नहीं रोका गया, तो डॉक्टरों को तबादलों की जगह पर ज्वाइनिंग देनी होगी। इसके बाद प्रशासन को मरीजों के लिए पूरी व्यवस्था को बदलना पड़ेगा। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि डॉक्टरों के तबादले किए जा रहे हैं, तो अस्पताल के लिए भी विशेषज्ञों की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने भी मामले को गंभीरता से लेने और डॉक्टरों के तबादले को रुकवाने का आश्वासन दिया है। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में होती जा रही डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
इनसेट
अभी भी अपनी सेवाएं दे रहे डॉक्टर
तबादले के बाद भी तीनों विशेषज्ञ डॉक्टर बुधवार को ओपीडी में सुबह से अपनी सेवाएं नियमित रूप से देते रहे, ताकि उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं इनके जाने के बाद इन तीनों ओपीडी की व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाएगी। क्योंकि तीनों ओपीडी में एक-एक ही डॉक्टर बचेंगे और यहां पर रोजाना इन ओपीडी में 500 तक मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं।
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इनसेट
इन चार विशेषज्ञों का हो रहा ट्रांसफर
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनुज गुप्ता और आर्थो विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा का ट्रांसफर नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए किया गया है। इसके अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष मित्तल का अटल मेडिकल एंड रिसर्च कॉलेज मंडी व बायोकेमिस्ट्री विशेषज्ञ डॉ. मीना मित्तल का तबादला पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए कर दिया है।
इनसेट
एक ओपीडी के लिए तीन विशेषज्ञ जरूरी
अस्पताल में एक ओपीडी के लिए तीन विशेषज्ञों की जरूरत होती है। इनमें से एक को रोजाना वार्डों में मरीजों की देखरेख के लिए रहना पड़ता है। ऐसे में दो डॉक्टर आसानी से मरीजों की जांच कर सकते हैं। वहीं क्षेत्रीय अस्पताल में अब तीन ओपीडी को स्वास्थ्य विभाग ने एक-एक विशेषज्ञ डॉक्टर के सहारे छोड़ दिया है। ऐसे में आर्थो, स्त्री रोग के एक ही विशेषज्ञ को ऑपरेशन भी करना होगा, मरीजों की देखरेख भी करनी होगी और साथ ही आपातकालीन स्थिति में भी जाना होगा। वहीं यदि किसी दिन वहीं डॉक्टर छुट्टी चला जाए, तो अस्पताल की पूरी व्यवस्था ठप हो सकती है।
कोट
विभाग को सौंप दी रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण हो रही परेशानियों की रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंप दी है। विभाग कोशिश कर रहा है कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी न हो, ताकि मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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25 अगस्त तक नहीं रुका ट्रांसफर तो डाॅक्टरों का मेडिकल कॉलेज जाना पक्का
अमर उजाला में खबर छपने के बाद लिया सरकार ने संज्ञान, प्रशासन ने भेजी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में चार विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक साथ ट्रांसफर करने के बाद मामले में सरकार ने रिपोर्ट तलब की है। सरकार ने प्रशासन से डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को होने वाली परेशानियों की रिपोर्ट मांगी है। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और इस कारण हो रही परेशानियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेज दी है। अस्पताल से चार विशेषज्ञों के तबादले की अमर उजाला में छपी खबर के बाद लगातार लोग सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं, जिस पर यह रिपोर्ट मांगी गई है। दूसरी ओर शहर के कारोबारियों ने भी तबादले न रुके तो दुकानें बंद करने की चेतावनी दे दी है।
अस्पताल में पहले से चल रही डॉक्टरों की कमी अब अधिक बढ़ने वाली है। वहीं सूत्रों के अनुसार यदि 25 अगस्त तक ट्रांसफर को नहीं रोका गया, तो डॉक्टरों को तबादलों की जगह पर ज्वाइनिंग देनी होगी। इसके बाद प्रशासन को मरीजों के लिए पूरी व्यवस्था को बदलना पड़ेगा। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि डॉक्टरों के तबादले किए जा रहे हैं, तो अस्पताल के लिए भी विशेषज्ञों की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने भी मामले को गंभीरता से लेने और डॉक्टरों के तबादले को रुकवाने का आश्वासन दिया है। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में होती जा रही डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
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अभी भी अपनी सेवाएं दे रहे डॉक्टर
तबादले के बाद भी तीनों विशेषज्ञ डॉक्टर बुधवार को ओपीडी में सुबह से अपनी सेवाएं नियमित रूप से देते रहे, ताकि उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं इनके जाने के बाद इन तीनों ओपीडी की व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाएगी। क्योंकि तीनों ओपीडी में एक-एक ही डॉक्टर बचेंगे और यहां पर रोजाना इन ओपीडी में 500 तक मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं।
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इन चार विशेषज्ञों का हो रहा ट्रांसफर
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनुज गुप्ता और आर्थो विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा का ट्रांसफर नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए किया गया है। इसके अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष मित्तल का अटल मेडिकल एंड रिसर्च कॉलेज मंडी व बायोकेमिस्ट्री विशेषज्ञ डॉ. मीना मित्तल का तबादला पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए कर दिया है।
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एक ओपीडी के लिए तीन विशेषज्ञ जरूरी
अस्पताल में एक ओपीडी के लिए तीन विशेषज्ञों की जरूरत होती है। इनमें से एक को रोजाना वार्डों में मरीजों की देखरेख के लिए रहना पड़ता है। ऐसे में दो डॉक्टर आसानी से मरीजों की जांच कर सकते हैं। वहीं क्षेत्रीय अस्पताल में अब तीन ओपीडी को स्वास्थ्य विभाग ने एक-एक विशेषज्ञ डॉक्टर के सहारे छोड़ दिया है। ऐसे में आर्थो, स्त्री रोग के एक ही विशेषज्ञ को ऑपरेशन भी करना होगा, मरीजों की देखरेख भी करनी होगी और साथ ही आपातकालीन स्थिति में भी जाना होगा। वहीं यदि किसी दिन वहीं डॉक्टर छुट्टी चला जाए, तो अस्पताल की पूरी व्यवस्था ठप हो सकती है।
कोट
विभाग को सौंप दी रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण हो रही परेशानियों की रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंप दी है। विभाग कोशिश कर रहा है कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी न हो, ताकि मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन

बद्दी में बारिश के बाद साई माग पर दुकान में भरा पानी-संवाद।