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Bilaspur News: क्षेत्रीय अस्पताल में बीपी, कैल्शियम के बाद अब पेट दर्द की दवा भी खत्म
Thu, 20 Aug 2026 12:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:58 AM IST
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मेडिकल स्टोर से 100 से 150 रुपये तक तक मिल रहा है दवा का पत्ता
बरसात के कारण आ रहे हैं सबसे ज्यादा पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीज
डिस्पेंसरी में कई अन्य दवाओं का भी टोटा, मरीजों को जाना पड़ रहा बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में धीरे-धीरे दवाओं की किल्लत बढ़ती जा रही है। इससे मरीजों की परेशानियां भी बढ़ रही हैं। अस्पताल में पहले कैल्शियम फिर ब्लड प्रेशर (बीपी) की दो मुख्य दवाएं और अब पेट दर्द की दवा भी खत्म हो गई है। इस कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को सभी दवाओं के लिए निजी दवा दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को निशुल्क उपलब्ध करवाई जाने वाली दवाओं के लिए मरीजों को सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे गरीब मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है।
मेडिसिन शॉप में पेट दर्द की दवा का एक पत्ता भी 100 से लेकर 150 रुपये तक मिलता है। ऐसे में मरीजों को साधारण सी दवा लेने के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ रही है। अस्पताल में बरसात के बाद पानी गंदा होने के कारण पेट दर्द से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में पेट दर्द की शिकायत लेकर रोजाना 50 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में उन्हें यदि पेट दर्द की दवाएं ही अस्पताल के अंदर नहीं मिल पा रही है। अस्पताल की सरकारी डिस्पेंसरी में कई अन्य दवाओं का भी टोटा है। इस कारण मरीजों का दवाओं के लिए सहारा निजी दवा दुकानें बन रही है।
इनसेट
कई मांगों के बाद भी नहीं मिल रही दवाएं
अस्पताल में खत्म हुई दवाएं कई मांगों के बाद भी नहीं पहुंच पा रही हैं। बीपी की एम्लोडिफाइन और टेल्मिसार्टन दवा के लिए प्रशासन तीन से अधिक बाद टेंडर जारी कर चुका है, लेकिन उसका कोई लाभ प्रशासन को नहीं मिल है। वहीं कैल्शियम की दवा के लिए तो प्रशासन लगभग छह माह से मांग कर रहा है, लेकिन दवा का एक भी स्टॉक नहीं पहुंचा है।
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कोट
प्रशासन ने सभी दवाओं के लिए विभाग को मांग भेजी है। प्रशासन की ओर से भेजी जा रही मांगों के टेंडर रद्द हो रहे हैं। इस कारण अस्पताल में दवाएं नहीं पहुंच पा रही है। प्रशासन कोशिश कर रहा है कि अस्पताल में जल्द सभी दवाएं पहुंच सके, ताकि मरीजों को सुविधाएं मिल सके। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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बरसात के कारण आ रहे हैं सबसे ज्यादा पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीज
डिस्पेंसरी में कई अन्य दवाओं का भी टोटा, मरीजों को जाना पड़ रहा बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में धीरे-धीरे दवाओं की किल्लत बढ़ती जा रही है। इससे मरीजों की परेशानियां भी बढ़ रही हैं। अस्पताल में पहले कैल्शियम फिर ब्लड प्रेशर (बीपी) की दो मुख्य दवाएं और अब पेट दर्द की दवा भी खत्म हो गई है। इस कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को सभी दवाओं के लिए निजी दवा दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को निशुल्क उपलब्ध करवाई जाने वाली दवाओं के लिए मरीजों को सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे गरीब मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है।
मेडिसिन शॉप में पेट दर्द की दवा का एक पत्ता भी 100 से लेकर 150 रुपये तक मिलता है। ऐसे में मरीजों को साधारण सी दवा लेने के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ रही है। अस्पताल में बरसात के बाद पानी गंदा होने के कारण पेट दर्द से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में पेट दर्द की शिकायत लेकर रोजाना 50 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में उन्हें यदि पेट दर्द की दवाएं ही अस्पताल के अंदर नहीं मिल पा रही है। अस्पताल की सरकारी डिस्पेंसरी में कई अन्य दवाओं का भी टोटा है। इस कारण मरीजों का दवाओं के लिए सहारा निजी दवा दुकानें बन रही है।
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कई मांगों के बाद भी नहीं मिल रही दवाएं
अस्पताल में खत्म हुई दवाएं कई मांगों के बाद भी नहीं पहुंच पा रही हैं। बीपी की एम्लोडिफाइन और टेल्मिसार्टन दवा के लिए प्रशासन तीन से अधिक बाद टेंडर जारी कर चुका है, लेकिन उसका कोई लाभ प्रशासन को नहीं मिल है। वहीं कैल्शियम की दवा के लिए तो प्रशासन लगभग छह माह से मांग कर रहा है, लेकिन दवा का एक भी स्टॉक नहीं पहुंचा है।
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प्रशासन ने सभी दवाओं के लिए विभाग को मांग भेजी है। प्रशासन की ओर से भेजी जा रही मांगों के टेंडर रद्द हो रहे हैं। इस कारण अस्पताल में दवाएं नहीं पहुंच पा रही है। प्रशासन कोशिश कर रहा है कि अस्पताल में जल्द सभी दवाएं पहुंच सके, ताकि मरीजों को सुविधाएं मिल सके। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन