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Bilaspur News: क्लोज सीजन खत्म, जकातखाना में फिर शुरू हुआ मछली पकड़ने का काम
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जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर के निरीक्षण पर पहुंचे मत्स्य पालन विभाग निदेशक मछुआरों से बातचीत करत
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मत्स्य निदेशक ने फिश लैंडिंग सेंटर का किया निरीक्षण, 792 मछुआरों की गतिविधियों का लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्लोज सीजन समाप्त होने के बाद जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर में शुरू हुई मत्स्य गतिविधियों का बुधवार को मत्स्य पालन विभाग के निदेशक एवं प्रारक्षी ओमकांत ठाकुर ने जायजा लिया। उन्होंने मछली की आवक, विभिन्न प्रजातियों की उपलब्धता और मछुआरों की गतिविधियों की जानकारी ली। 16 अगस्त को क्लोज सीजन समाप्त होने के बाद मछली पकड़ने का काम दोबारा शुरू हुआ है। इसके चौथे दिन निदेशक ने सहायक निदेशक मत्स्य चंचल ठाकुर और पंकज ठाकुर के साथ सेंटर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मछुआरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर से 10 मत्स्य सहकारी सभाएं जुड़ी हैं। इनके माध्यम से करीब 792 मछुआरे आजीविका चला रहे हैं। मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछली को पहले सेंटर पर लाया जाता है। यहां वजन और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मछली अधिकृत ठेकेदार को दी जाती है। निदेशक ने मछुआरों से इस सीजन में मछली की आवक और विभिन्न प्रजातियों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सेंटर की व्यवस्थाएं सुचारू रखने और मछुआरों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्लोज सीजन समाप्त होने के बाद जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर में शुरू हुई मत्स्य गतिविधियों का बुधवार को मत्स्य पालन विभाग के निदेशक एवं प्रारक्षी ओमकांत ठाकुर ने जायजा लिया। उन्होंने मछली की आवक, विभिन्न प्रजातियों की उपलब्धता और मछुआरों की गतिविधियों की जानकारी ली। 16 अगस्त को क्लोज सीजन समाप्त होने के बाद मछली पकड़ने का काम दोबारा शुरू हुआ है। इसके चौथे दिन निदेशक ने सहायक निदेशक मत्स्य चंचल ठाकुर और पंकज ठाकुर के साथ सेंटर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मछुआरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर से 10 मत्स्य सहकारी सभाएं जुड़ी हैं। इनके माध्यम से करीब 792 मछुआरे आजीविका चला रहे हैं। मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछली को पहले सेंटर पर लाया जाता है। यहां वजन और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मछली अधिकृत ठेकेदार को दी जाती है। निदेशक ने मछुआरों से इस सीजन में मछली की आवक और विभिन्न प्रजातियों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सेंटर की व्यवस्थाएं सुचारू रखने और मछुआरों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए।