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Bilaspur News: औहर ग्राम सभा विवाद मामले में पूर्व प्रधान भी पहुंचीं डीसी-एसपी के पास
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औहर पंचायत सभा विवाद को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपतीं पूर्व प्रधान व ग्रामीण। स्रोत: जागरूक प
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प्रधान-उपप्रधान को हटाने के साथ निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
ग्राम सभा में धक्का-मुक्की, अभद्रता और जातिसूचक टिप्पणी का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत औहर में 26 जुलाई को हुई ग्राम सभा के दौरान हुए विवाद को लेकर अब दूसरा पक्ष भी सामने आ गया है। पूर्व प्रधान प्रेमलता ठाकुर ने ग्रामीणों के साथ वीरवार को उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और मामले में निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने वर्तमान प्रधान, उप प्रधान और अन्य लोगों पर अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और जातिसूचक टिप्पणी करने के आरोप लगाए। साथ ही मामले की जांच पूरी होने तक प्रधान और उप प्रधान को पद से हटाने की मांग भी की।
प्रेमलता ठाकुर ने कहा कि वह पूर्व प्रधान होने के नाते 26 जुलाई को आयोजित ग्राम सभा में शामिल होने पहुंची थीं। उनका आरोप है कि सभा में पहुंचते ही वर्तमान प्रधान ने उनके चरित्र, परिवार और खानदान को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं। जब उन्होंने माइक लेकर अपना पक्ष रखने का प्रयास किया तो उन्हें बोलने से रोक दिया गया, धक्का-मुक्की की गई और सभा से बाहर जाने के लिए कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ वर्तमान प्रधान की पत्नी ने मारपीट की और कपड़े फाड़ने का प्रयास किया। इसके अलावा उप प्रधान ने उनके साथ मौजूद एक पूर्व वार्ड सदस्य के खिलाफ भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
प्रेमलता ठाकुर ने प्रधान की ओर से लगाए जा रहे साजिश के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की राजनीतिक साजिश करनी होती तो वह सीधे प्रधान के खिलाफ करतीं, लेकिन उन्होंने केवल उन्हीं लोगों के खिलाफ शिकायत दी है जिन्होंने कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से गलत प्रचार किया जा रहा है। पूर्व प्रधान ने प्रशासन से वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रधान और उप प्रधान की शक्तियां वापस लेकर उन्हें पद से हटाया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष ढंग से हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन उन्हें न्याय दिलाएगा।
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ग्राम सभा में धक्का-मुक्की, अभद्रता और जातिसूचक टिप्पणी का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत औहर में 26 जुलाई को हुई ग्राम सभा के दौरान हुए विवाद को लेकर अब दूसरा पक्ष भी सामने आ गया है। पूर्व प्रधान प्रेमलता ठाकुर ने ग्रामीणों के साथ वीरवार को उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और मामले में निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने वर्तमान प्रधान, उप प्रधान और अन्य लोगों पर अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और जातिसूचक टिप्पणी करने के आरोप लगाए। साथ ही मामले की जांच पूरी होने तक प्रधान और उप प्रधान को पद से हटाने की मांग भी की।
प्रेमलता ठाकुर ने कहा कि वह पूर्व प्रधान होने के नाते 26 जुलाई को आयोजित ग्राम सभा में शामिल होने पहुंची थीं। उनका आरोप है कि सभा में पहुंचते ही वर्तमान प्रधान ने उनके चरित्र, परिवार और खानदान को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं। जब उन्होंने माइक लेकर अपना पक्ष रखने का प्रयास किया तो उन्हें बोलने से रोक दिया गया, धक्का-मुक्की की गई और सभा से बाहर जाने के लिए कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ वर्तमान प्रधान की पत्नी ने मारपीट की और कपड़े फाड़ने का प्रयास किया। इसके अलावा उप प्रधान ने उनके साथ मौजूद एक पूर्व वार्ड सदस्य के खिलाफ भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
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प्रेमलता ठाकुर ने प्रधान की ओर से लगाए जा रहे साजिश के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की राजनीतिक साजिश करनी होती तो वह सीधे प्रधान के खिलाफ करतीं, लेकिन उन्होंने केवल उन्हीं लोगों के खिलाफ शिकायत दी है जिन्होंने कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से गलत प्रचार किया जा रहा है। पूर्व प्रधान ने प्रशासन से वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रधान और उप प्रधान की शक्तियां वापस लेकर उन्हें पद से हटाया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष ढंग से हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन उन्हें न्याय दिलाएगा।
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