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Bilaspur News: घुमारवीं की 26 साल पुरानी सीवरेज व्यवस्था बनी सिरदर्द
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 01 May 2026 10:20 PM IST
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ओंकार चोपड़ा
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निकाय चुनाव मुद्दा
लीक चैंबर, ब्लॉक लाइन, बदबूदार पानी और कई वार्ड आज भी सुविधा से वंचित
13.5 करोड़ की विस्तार योजना पर सवाल, पुराने सिस्टम के सुधार को लेकर नहीं बनी ठोस नीति
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं में चुनावी माहौल के बीच इस बार शहर की जर्जर सीवरेज व्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। कभी सुविधा के रूप में शुरू की गई यह योजना अब लोगों के लिए मुसीबत के साथ सिरदर्द बन चुकी है। शहर में जगह-जगह सीवरेज चैंबर लीक हो रहे हैं, पाइप बार-बार ब्लॉक हो रहे हैं और गंदा पानी सड़कों से लेकर घरों तक पहुंच रहा है।
करीब 26 वर्ष पहले बनाई गई यह व्यवस्था आज बढ़ती आबादी के दबाव के आगे पूरी तरह जवाब देती नजर आ रही है। उस समय की जरूरतों के हिसाब से डाले गए पाइप अब कई गुना अधिक आबादी का भार नहीं उठा पा रहे हैं। नतीजतन ओवरफ्लो और ब्लॉकेज की समस्या आम हो गई है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं शहर के हारकुकार और टिकरी वार्ड के लोग आज भी इस मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। वर्षों से मांग के बावजूद इन क्षेत्रों तक सीवरेज व्यवस्था नहीं पहुंच पाई है। वहीं जिन इलाकों में यह सुविधा मौजूद है, वहां भी इसकी हालत बदतर बनी हुई है। इधर, जल शक्ति विभाग ने करीब 13.5 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज विस्तार योजना शुरू करने की तैयारी की है, जिसके तहत लगभग 925 घरों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि लोगों का कहना है कि केवल विस्तार से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पुरानी व्यवस्था के सुधार और आधुनिकीकरण पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। सबसे गंभीर स्थिति सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट में आधुनिक तकनीक का अभाव है, जिसके कारण मलयुक्त पानी को पूरी तरह साफ नहीं किया जा रहा। नतीजतन गंदा और काला पानी सीधे सीर खड्ड क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है, जिससे वहां दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। लोगों कहना है कि पिछले 25 वर्ष में नगर परिषद के प्रतिनिधि मजबूत और आधुनिक सीवरेज व्यवस्था देने में नाकाम रहे हैं। हर चुनाव में वादे तो होते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया।
इनसेट
स्थानीय दुकानदार ओंकार चोपड़ा ने कहा कि 25 साल से वही चेहरे कुर्सियों पर बैठे हैं, लेकिन शहर को एक मजबूत सीवरेज व्यवस्था तक नहीं मिल पाई। अगर मूलभूत सुविधाएं ही ठीक नहीं हो पा रहीं, तो बदलाव जरूरी है।
इनसेट
स्थानीय दुकानदार अश्वनी शर्मा ने कहा कि शहर में जगह-जगह चैंबर लीक हो रहे हैं और 26 साल पुराने पाइप अब जवाब दे चुके हैं। आए दिन ब्लॉकेज से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है, लेकिन जिम्मेदार केवल आश्वासन देते हैं।
इनसेट
स्थानीय दुकानदार बंसी राम चौहान ने कहा कि सीर खड्ड में छोड़ा जा रहा गंदा पानी सीधे लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। ट्रीटमेंट प्लांट को आधुनिक बनाने की सख्त जरूरत है, नहीं तो हालात और खराब होंगे।
इनसेट
स्थानीय दुकानदार हंसराज संख्यान ने कहा कि हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदलती। इस बार लोग विकास और बुनियादी सुविधाओं के आधार पर ही फैसला करेंगे, क्योंकि अब जनता बदलाव चाहती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं में चुनावी माहौल के बीच इस बार शहर की जर्जर सीवरेज व्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। कभी सुविधा के रूप में शुरू की गई यह योजना अब लोगों के लिए मुसीबत के साथ सिरदर्द बन चुकी है। शहर में जगह-जगह सीवरेज चैंबर लीक हो रहे हैं, पाइप बार-बार ब्लॉक हो रहे हैं और गंदा पानी सड़कों से लेकर घरों तक पहुंच रहा है।
करीब 26 वर्ष पहले बनाई गई यह व्यवस्था आज बढ़ती आबादी के दबाव के आगे पूरी तरह जवाब देती नजर आ रही है। उस समय की जरूरतों के हिसाब से डाले गए पाइप अब कई गुना अधिक आबादी का भार नहीं उठा पा रहे हैं। नतीजतन ओवरफ्लो और ब्लॉकेज की समस्या आम हो गई है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं शहर के हारकुकार और टिकरी वार्ड के लोग आज भी इस मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। वर्षों से मांग के बावजूद इन क्षेत्रों तक सीवरेज व्यवस्था नहीं पहुंच पाई है। वहीं जिन इलाकों में यह सुविधा मौजूद है, वहां भी इसकी हालत बदतर बनी हुई है। इधर, जल शक्ति विभाग ने करीब 13.5 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज विस्तार योजना शुरू करने की तैयारी की है, जिसके तहत लगभग 925 घरों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि लोगों का कहना है कि केवल विस्तार से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पुरानी व्यवस्था के सुधार और आधुनिकीकरण पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। सबसे गंभीर स्थिति सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट में आधुनिक तकनीक का अभाव है, जिसके कारण मलयुक्त पानी को पूरी तरह साफ नहीं किया जा रहा। नतीजतन गंदा और काला पानी सीधे सीर खड्ड क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है, जिससे वहां दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। लोगों कहना है कि पिछले 25 वर्ष में नगर परिषद के प्रतिनिधि मजबूत और आधुनिक सीवरेज व्यवस्था देने में नाकाम रहे हैं। हर चुनाव में वादे तो होते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया।
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स्थानीय दुकानदार ओंकार चोपड़ा ने कहा कि 25 साल से वही चेहरे कुर्सियों पर बैठे हैं, लेकिन शहर को एक मजबूत सीवरेज व्यवस्था तक नहीं मिल पाई। अगर मूलभूत सुविधाएं ही ठीक नहीं हो पा रहीं, तो बदलाव जरूरी है।
इनसेट
स्थानीय दुकानदार अश्वनी शर्मा ने कहा कि शहर में जगह-जगह चैंबर लीक हो रहे हैं और 26 साल पुराने पाइप अब जवाब दे चुके हैं। आए दिन ब्लॉकेज से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है, लेकिन जिम्मेदार केवल आश्वासन देते हैं।
इनसेट
स्थानीय दुकानदार बंसी राम चौहान ने कहा कि सीर खड्ड में छोड़ा जा रहा गंदा पानी सीधे लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। ट्रीटमेंट प्लांट को आधुनिक बनाने की सख्त जरूरत है, नहीं तो हालात और खराब होंगे।
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स्थानीय दुकानदार हंसराज संख्यान ने कहा कि हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदलती। इस बार लोग विकास और बुनियादी सुविधाओं के आधार पर ही फैसला करेंगे, क्योंकि अब जनता बदलाव चाहती है।

ओंकार चोपड़ा

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