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Bilaspur News: गुरमत प्रचार समागम, शबद कीर्तन से संगत हुई निहाल
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नालागढ़ के सल्लेवाल में कीर्तन कर संगत को निहाल करते हुए कीर्तन मंडली के सदस्य- स्रोत- टस्ट।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के गुरमत प्रचार ट्रस्ट की ओर से आयोजित प्रचार समागम के दूसरे दिन सुबह का दीवान बेला मंदिर गुरुद्वारा साहिब में सजाया गया। इस दौरान कथा वाचकों और रागी जत्थों ने शबद-कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
कार्यक्रम में हजूरी रागी केशगढ़ साहिब से भाई इंद्रजीत सिंह ने कीर्तन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। कथा वाचक भाई सुखविंदर सिंह थली ने कहा कि ऐसे समागम का उद्देश्य लोगों को गुरबाणी से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सुबह बाणी का स्मरण करता है, उसके जीवन के दुख दूर हो जाते हैं और गुरबाणी जीवन को सही दिशा देती है।
इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में अटूट लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर बाद सल्लेवाल गुरुद्वारा में भी समागम आयोजित हुआ, जिसमें जगातखाना स्थित गुरुनानक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने गुरबाणी का पाठ कर उपस्थित संगत को भावविभोर कर दिया।
कथा वाचक ज्ञानी बलजीत सिंह ने कहा कि पाखंड से दूर रहकर केवल गुरु ग्रंथ साहिब की बाणी से जुड़ना चाहिए।
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नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के गुरमत प्रचार ट्रस्ट की ओर से आयोजित प्रचार समागम के दूसरे दिन सुबह का दीवान बेला मंदिर गुरुद्वारा साहिब में सजाया गया। इस दौरान कथा वाचकों और रागी जत्थों ने शबद-कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
कार्यक्रम में हजूरी रागी केशगढ़ साहिब से भाई इंद्रजीत सिंह ने कीर्तन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। कथा वाचक भाई सुखविंदर सिंह थली ने कहा कि ऐसे समागम का उद्देश्य लोगों को गुरबाणी से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सुबह बाणी का स्मरण करता है, उसके जीवन के दुख दूर हो जाते हैं और गुरबाणी जीवन को सही दिशा देती है।
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इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में अटूट लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर बाद सल्लेवाल गुरुद्वारा में भी समागम आयोजित हुआ, जिसमें जगातखाना स्थित गुरुनानक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने गुरबाणी का पाठ कर उपस्थित संगत को भावविभोर कर दिया।
कथा वाचक ज्ञानी बलजीत सिंह ने कहा कि पाखंड से दूर रहकर केवल गुरु ग्रंथ साहिब की बाणी से जुड़ना चाहिए।