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Bilaspur News: सर्जरी विशेषज्ञों ने पेश की मिसाल, एक साल में 500 ऑपरेशन कर बनाया नया कीर्तिमान
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क्षेत्रीय अस्पताल के सर्जरी विभाग के चिकित्सक। स्रोत: अस्पताल प्रबंधन
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में गॉल ब्लेडर से पथरी निकालने के हुए 450 लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन
गायनी विभाग के साथ मिलकर भी किए जटिल ऑपरेशन, सभी सुरक्षित
अब आपातस्थिति में मरीजों को नहीं लगाने पड़ रहे अन्य अस्पतालों के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के सर्जरी विभाग ने एक वर्ष में 500 मरीजों का सफल ऑपरेशन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसमें सबसे अधिक 450 ऑपरेशन गॉल ब्लेडर से पथरी निकालने के हुए हैं। ये सभी ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक तकनीक से संपन्न हुए। इससे पहले टांके वाले ऑपरेशन अस्पताल में किए जाते थे। इन ऑपरेशन को करवाने के लिए कई बार मरीज कतराते भी थे। वहीं, आपातस्थिति में मरीजों को भटकना भी पड़ता था, लेकिन पिछले वर्ष लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन शुरू होने के बाद लोगों को राहत मिली है। सर्जरी विभाग ने गायनी स्पेशलिस्ट डॉक्टर पीयूष वोहरा के साथ मिलकर गाॅल ब्लेडर से पत्थरी तो गायनी स्पेशलिस्ट ने बच्चेदानी से रसोली निकाली है। चिकित्सकों ने चार इस तरह के जटिल ऑपरेशन किए हैं। वहीं, 30 ऑपरेशन अपेंडिक्स और हर्निया के ऑपरेशन भी किए है। सभी ऑपरेशन सफल रहे है और अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ भी है। अस्पताल में डॉ. अंकित शर्मा के पदभार संभालने के बाद लेप्रोस्कोप से ऑपरेशन शुरू हुए। गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिला का बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। यहां पर न केवल सोलन बल्कि जिला शिमला व सिरमौर से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते है।
इनसेट
मई तक ऑपरेशन के लिए वेटिंग
अस्पताल में सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. सौरभ शांडिल व डॉ. मुकुल शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। क्षेत्रीय अस्पताल में अब कोई मरीज अगर ऑपरेशन की डेट लेता है तो उसे मई तक इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि आपातकालीन ऑपरेशन में कोई डेट नहीं दी जाती है।
एनेस्थीसिया विशेषज्ञ का रहता है सहयोग
सर्जन विभाग की ओर से किए जाने वाले ऑपरेशन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. हितेश का भी योगदान है। सर्जरी विशेषज्ञ ने कहा कि सर्जरी टीम वर्क से होती है। वहीं, विभाग ने बेहतर वातावरण प्रदान करने के लिए चिकित्सा अधीक्षक का भी आभार जताया है।
इनसेट
सर्जरी विभाग ने 500 ऑपरेशन एक साल में किए है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है।
-डॉ. राकेश पंवार,चिकित्सा अधीक्षक, आरएच सोलन
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गायनी विभाग के साथ मिलकर भी किए जटिल ऑपरेशन, सभी सुरक्षित
अब आपातस्थिति में मरीजों को नहीं लगाने पड़ रहे अन्य अस्पतालों के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के सर्जरी विभाग ने एक वर्ष में 500 मरीजों का सफल ऑपरेशन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसमें सबसे अधिक 450 ऑपरेशन गॉल ब्लेडर से पथरी निकालने के हुए हैं। ये सभी ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक तकनीक से संपन्न हुए। इससे पहले टांके वाले ऑपरेशन अस्पताल में किए जाते थे। इन ऑपरेशन को करवाने के लिए कई बार मरीज कतराते भी थे। वहीं, आपातस्थिति में मरीजों को भटकना भी पड़ता था, लेकिन पिछले वर्ष लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन शुरू होने के बाद लोगों को राहत मिली है। सर्जरी विभाग ने गायनी स्पेशलिस्ट डॉक्टर पीयूष वोहरा के साथ मिलकर गाॅल ब्लेडर से पत्थरी तो गायनी स्पेशलिस्ट ने बच्चेदानी से रसोली निकाली है। चिकित्सकों ने चार इस तरह के जटिल ऑपरेशन किए हैं। वहीं, 30 ऑपरेशन अपेंडिक्स और हर्निया के ऑपरेशन भी किए है। सभी ऑपरेशन सफल रहे है और अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ भी है। अस्पताल में डॉ. अंकित शर्मा के पदभार संभालने के बाद लेप्रोस्कोप से ऑपरेशन शुरू हुए। गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिला का बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। यहां पर न केवल सोलन बल्कि जिला शिमला व सिरमौर से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते है।
इनसेट
मई तक ऑपरेशन के लिए वेटिंग
अस्पताल में सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. सौरभ शांडिल व डॉ. मुकुल शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। क्षेत्रीय अस्पताल में अब कोई मरीज अगर ऑपरेशन की डेट लेता है तो उसे मई तक इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि आपातकालीन ऑपरेशन में कोई डेट नहीं दी जाती है।
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एनेस्थीसिया विशेषज्ञ का रहता है सहयोग
सर्जन विभाग की ओर से किए जाने वाले ऑपरेशन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. हितेश का भी योगदान है। सर्जरी विशेषज्ञ ने कहा कि सर्जरी टीम वर्क से होती है। वहीं, विभाग ने बेहतर वातावरण प्रदान करने के लिए चिकित्सा अधीक्षक का भी आभार जताया है।
इनसेट
सर्जरी विभाग ने 500 ऑपरेशन एक साल में किए है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है।
-डॉ. राकेश पंवार,चिकित्सा अधीक्षक, आरएच सोलन