सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   health news aims

Bilaspur News: मोटापा केवल समस्या नहीं, हृदय रोग और मधुमेह जैसी घातक बीमारियों की जड़

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
health news aims
विज्ञापन
वजन में 5-10 फीसदी की कमी भी बचा सकती है व्यक्ति की जान
Trending Videos

100 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर मौके पर दिया परामर्श

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में विश्व मोटापा दिवस पर जागरूकता अभियान चलाया गया। संस्थान के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के जरिए मरीजों और उनके तीमारदारों को मोटापे के प्रति सचेत किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि मोटापा केवल शारीरिक दिखावट का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक दीर्घकालिक चिकित्सीय स्थिति है जो हृदय रोग और मधुमेह जैसी घातक बीमारियों की जड़ है।
ओपीडी कॉरिडोर में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक विशेष स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया। यहां एक हाई-टेक बीएमआई मापन काउंटर स्थापित किया गया, जहां 100 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर में मुख्य रूप से तीन स्तरों पर जांच की गई। इसमें बॉडी मास इंडेक्स मापन से शरीर के वजन और लंबाई के अनुपात की जांच, रक्तचाप परीक्षण, रैंडम ब्लड शुगर शामिल रहे। जांच के बाद विशेषज्ञों ने प्रत्येक प्रतिभागी को उनकी रिपोर्ट के आधार पर व्यक्तिगत परामर्श दिया। उन्हें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और जीवनशैली में सुधार के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एमबीबीएस विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत भूमिका-अभिनय रहा। छात्रों ने अपने अभिनय के माध्यम से आधुनिक जीवनशैली, जंक फूड के बढ़ते चलन और शारीरिक निष्क्रियता के दुष्प्रभावों को बड़ी ही रोचकता से दर्शाया। नाटक के जरिए संदेश दिया गया कि कैसे छोटी-छोटी आदतें भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट खड़ा कर सकती हैं। उपस्थित मरीजों और उनके परिजनों ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की जमकर सराहना की।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वास्थ्य वार्ता के दौरान विशेषज्ञों ने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अपने वर्तमान वजन में केवल पांच से 10 प्रतिशत की भी कमी कर लेता है, तो वह मेटाबॉलिक विकारों और हृदय संबंधी जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकता है। विशेषज्ञों ने प्रारंभिक पहचान, नियमित निगरानी और टिकाऊ जीवनशैली परिवर्तन को मोटापे से लड़ने का सबसे कारगर हथियार बताया। एम्स बिलासपुर के कुलसचिव एवं सहायक जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम संस्थान की निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक सहभागिता के प्रति प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल बीमारों का इलाज करना ही नहीं, बल्कि लोगों को बीमार होने से बचाना भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed