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Bilaspur News: बंदलाधार में निवेश की उड़ान, पर्यटन ने बदली पहाड़ी की तकदीर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 01 May 2026 11:53 PM IST
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बंदला पैराग्लाइडिंग साइट। फाइल फोटो
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खास खबर
पैराग्लाइडिंग हब के दम पर होटल उद्योग में उछाल
सुनसान पहाड़ से अब बनता जा रहा टूरिज्म-हॉस्पिटैलिटी हब
एडवेंचर टूरिज्म, पैराग्लाइडिंग की वैश्विक पहचान ने बढ़ाया रोजगार
कॉलेज, पैराग्लाइडिंग शुरू होने के बाद जमीनों के दाम और रोजगार दोनों बढ़े
अनिल ठाकुर
बिलासपुर। जिले की बंदलाधार अब सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक नहीं रही, बल्कि तेजी से उभरता हुआ पर्यटन आधारित कारोबारी केंद्र बन चुकी है। एडवेंचर टूरिज्म, खासकर पैराग्लाइडिंग की वैश्विक पहचान ने इस क्षेत्र को निवेश के लिहाज से हॉटस्पॉट बना दिया है। कुछ साल पहले तक वीरान मानी जाने वाली यह पहाड़ी अब होटल, होम-स्टे और रियल एस्टेट कारोबार का उभरता केंद्र बन रही है।
बंदलाधार की पहचान इसकी विश्वस्तरीय पैराग्लाइडिंग साइट से जुड़ी है, जिसे दुनिया की चुनिंदा एक्रो साइट्स में शामिल किया जाता है। हर वर्ष यहां आयोजित होने वाले कैंपों और प्रतियोगिताओं में देश ही नहीं, विदेशों से भी पैराग्लाइडिंग के शौकीन पहुंचते हैं। इस बढ़ती पर्यटक आवाजाही ने स्थानीय स्तर पर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है। हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना इस बदलाव में गेम चेंजर साबित हुई है। कॉलेज के आसपास तेजी से होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे विकसित हो रहे हैं। बंदलाधार इस समय जिले का सबसे तेजी से बढ़ता होटल क्लस्टर बनकर उभर रहा है। जमीनों की कीमतों में लगातार उछाल दर्ज किया जा रहा है और निवेशकों की दिलचस्पी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। बाहरी निवेशकों के साथ स्थानीय उद्यमी भी इस मौके को भुना रहे हैं। कई नए होटल और रिसॉर्ट प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं, जबकि कई निर्माणाधीन हैं। रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी के चलते भूमि की मांग बढ़ी है, जिससे ग्रामीणों को अपनी जमीनों से बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है।
पर्यटन के विस्तार का सीधा असर रोजगार पर भी पड़ा है। होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल, टैक्सी, गाइडिंग और पैराग्लाइडिंग से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। कई परिवारों ने अपने घरों को होम-स्टे में बदलकर अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित किए हैं। इससे गांव की अर्थव्यवस्था में नई जान आई है।
बंदलाधार की भौगोलिक स्थिति भी इसे खास बनाती है। पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित पैराग्लाइडिंग साइट और नीचे फैली गोबिंद सागर झील का अद्भुत दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। यही प्राकृतिक संगम अब आर्थिक गतिविधियों की मजबूत नींव बनता जा रहा है। हालांकि, तेजी से बढ़ते विकास के बीच बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। बेहतर सड़क, पार्किंग, जलापूर्ति जैसी सुविधाओं में सुधार होने पर यहां निवेश और अधिक गति पकड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए तो बंदलाधार आने वाले समय में हिमाचल का प्रमुख टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी हब बन सकता है। मौजूदा रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि यह क्षेत्र बिलासपुर की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। संवाद
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बिलासपुर। जिले की बंदलाधार अब सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक नहीं रही, बल्कि तेजी से उभरता हुआ पर्यटन आधारित कारोबारी केंद्र बन चुकी है। एडवेंचर टूरिज्म, खासकर पैराग्लाइडिंग की वैश्विक पहचान ने इस क्षेत्र को निवेश के लिहाज से हॉटस्पॉट बना दिया है। कुछ साल पहले तक वीरान मानी जाने वाली यह पहाड़ी अब होटल, होम-स्टे और रियल एस्टेट कारोबार का उभरता केंद्र बन रही है।
बंदलाधार की पहचान इसकी विश्वस्तरीय पैराग्लाइडिंग साइट से जुड़ी है, जिसे दुनिया की चुनिंदा एक्रो साइट्स में शामिल किया जाता है। हर वर्ष यहां आयोजित होने वाले कैंपों और प्रतियोगिताओं में देश ही नहीं, विदेशों से भी पैराग्लाइडिंग के शौकीन पहुंचते हैं। इस बढ़ती पर्यटक आवाजाही ने स्थानीय स्तर पर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है। हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना इस बदलाव में गेम चेंजर साबित हुई है। कॉलेज के आसपास तेजी से होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे विकसित हो रहे हैं। बंदलाधार इस समय जिले का सबसे तेजी से बढ़ता होटल क्लस्टर बनकर उभर रहा है। जमीनों की कीमतों में लगातार उछाल दर्ज किया जा रहा है और निवेशकों की दिलचस्पी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। बाहरी निवेशकों के साथ स्थानीय उद्यमी भी इस मौके को भुना रहे हैं। कई नए होटल और रिसॉर्ट प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं, जबकि कई निर्माणाधीन हैं। रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी के चलते भूमि की मांग बढ़ी है, जिससे ग्रामीणों को अपनी जमीनों से बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है।
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पर्यटन के विस्तार का सीधा असर रोजगार पर भी पड़ा है। होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल, टैक्सी, गाइडिंग और पैराग्लाइडिंग से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। कई परिवारों ने अपने घरों को होम-स्टे में बदलकर अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित किए हैं। इससे गांव की अर्थव्यवस्था में नई जान आई है।
बंदलाधार की भौगोलिक स्थिति भी इसे खास बनाती है। पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित पैराग्लाइडिंग साइट और नीचे फैली गोबिंद सागर झील का अद्भुत दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। यही प्राकृतिक संगम अब आर्थिक गतिविधियों की मजबूत नींव बनता जा रहा है। हालांकि, तेजी से बढ़ते विकास के बीच बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। बेहतर सड़क, पार्किंग, जलापूर्ति जैसी सुविधाओं में सुधार होने पर यहां निवेश और अधिक गति पकड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए तो बंदलाधार आने वाले समय में हिमाचल का प्रमुख टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी हब बन सकता है। मौजूदा रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि यह क्षेत्र बिलासपुर की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। संवाद
