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Bilaspur News: सदर में अटके विकास कार्यों पर विधायक सख्त
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सदर बीडीओ कार्यालय में सदर विकासखंड की पंचायतों के प्रधानों, उप प्रधानों और सचिवों के साथ बैठक
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समीक्षा बैठक में त्रिलोक जमवाल ने मांगा 21 करोड़ का हिसाब, लंबित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृति के बावजूद वर्षों से लंबित विकास कार्यों पर विधायक त्रिलोक जमवाल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही विकास कार्यों के लिए उपलब्ध करवाई गई धनराशि के जारी होने और खर्च का पूरा ब्योरा मांगा। मंगलवार को सदर बीडीओ कार्यालय में पंचायत प्रधानों, उप प्रधानों और सचिवों के साथ विकास कार्यों की पंचायतवार समीक्षा की गई। बैठक में सामने आया कि कई कार्य सात से आठ वर्षों से लंबित हैं। कुछ कार्य स्वीकृति मिलने के बाद भी शुरू नहीं हुए हैं। विधायक ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक वीकेवीएनवाई, डीएमएफटी, एसडीपी, एमपीलैड और स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न मदों से सदर विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 21 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके बावजूद कार्यों का लंबित रहना गंभीर विषय है। विकास के लिए आया पैसा कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका शत-प्रतिशत सदुपयोग धरातल पर होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किस कार्य के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई, किस्त कब जारी हुई, किस अधिकारी के पास राशि गई और कितनी राशि खर्च हो चुकी है। उन्होंने लंबित कार्यों की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध राशि का पूरा विवरण देने के निर्देश दिए। त्रिलोक जमवाल ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। पंचायत स्तर पर स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा और प्रगति की निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से भी विकास कार्यों में सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया। बैठक में कुछ संबंधित अधिकारियों के मौजूद नहीं रहने पर भी विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा बैठकों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। बैठक में बीडीओ विजय कुमार, जसवीर संब्याल, लेखराम सांख्यायन और महेंद्र सहित अन्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृति के बावजूद वर्षों से लंबित विकास कार्यों पर विधायक त्रिलोक जमवाल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही विकास कार्यों के लिए उपलब्ध करवाई गई धनराशि के जारी होने और खर्च का पूरा ब्योरा मांगा। मंगलवार को सदर बीडीओ कार्यालय में पंचायत प्रधानों, उप प्रधानों और सचिवों के साथ विकास कार्यों की पंचायतवार समीक्षा की गई। बैठक में सामने आया कि कई कार्य सात से आठ वर्षों से लंबित हैं। कुछ कार्य स्वीकृति मिलने के बाद भी शुरू नहीं हुए हैं। विधायक ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक वीकेवीएनवाई, डीएमएफटी, एसडीपी, एमपीलैड और स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न मदों से सदर विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 21 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके बावजूद कार्यों का लंबित रहना गंभीर विषय है। विकास के लिए आया पैसा कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका शत-प्रतिशत सदुपयोग धरातल पर होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किस कार्य के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई, किस्त कब जारी हुई, किस अधिकारी के पास राशि गई और कितनी राशि खर्च हो चुकी है। उन्होंने लंबित कार्यों की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध राशि का पूरा विवरण देने के निर्देश दिए। त्रिलोक जमवाल ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। पंचायत स्तर पर स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा और प्रगति की निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से भी विकास कार्यों में सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया। बैठक में कुछ संबंधित अधिकारियों के मौजूद नहीं रहने पर भी विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा बैठकों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। बैठक में बीडीओ विजय कुमार, जसवीर संब्याल, लेखराम सांख्यायन और महेंद्र सहित अन्य मौजूद रहे।