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Bilaspur News: मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:17 PM IST
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गोबिंद सागर मत्स्य संघ ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
मछली पर 7.5 से 1 प्रतिशत हुई रॉयल्टी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से शनिवार को पेश किए गए हिमाचल प्रदेश के बजट 2026-27 में मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना’ की घोषणा की गई है। इस योजना से बिलासपुर जिले के हजारों मछुआरों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जिले में मत्स्य पालन बड़े स्तर पर किया जाता है। यहां करीब 3500 मछुआरों के लाइसेंस पंजीकृत हैं, जबकि 46 सहकारी सभाएं इस कार्य से जुड़ी हुई हैं। विशेष रूप से गोबिंद सागर झील में बड़े पैमाने पर मछली पकड़ने का कार्य होता है, जो स्थानीय लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन है। नई योजना के तहत जलाशयों में पकड़ी गई मछलियों के लिए 100 प्रति किलो का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया गया है, जिससे मछुआरों को उनकी उपज का उचित दाम मिलेगा। इसके अलावा बंद सीजन के दौरान 3500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उस अवधि में भी मछुआरों को राहत मिल सकेगी। वहीं, मछली पकड़ने के जाल पर 90 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान भी किया गया है। बजट में एक और अहम घोषणा करते हुए मछली रॉयल्टी को 7.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे मछुआरों पर आर्थिक बोझ कम होगा और उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है।
गोबिंद सागर मत्स्य संघ के अध्यक्ष विजयपाल ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह बजट मछुआरों के हित में ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी, सब्सिडी और बंद सीजन सहायता जैसी योजनाएं लंबे समय से मछुआरों की मांग रही हैं, जिन्हें अब पूरा किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रॉयल्टी में की गई भारी कटौती से मछुआरों को बड़ी राहत मिलेगी और इससे इस क्षेत्र में और अधिक लोग जुड़ेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में मत्स्य क्षेत्र और अधिक मजबूत होगा।
इनसेट
मछुआरों को 50 आइस बॉक्स वाले बाइक निशुल्क दी जाएंगी। ट्राउट पालन के लिए भी विशेष योजना से मदद की जाएगी। मछली परिवहन के लिए 20 नई रेफ्रिजरेटेड वैन पर 70 फीसदी सब्सिडी मछुआरों को दी जाएगी। वहीं नौका खरीदने पर भी 70 फीसदी सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
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मछली पर 7.5 से 1 प्रतिशत हुई रॉयल्टी
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बिलासपुर। सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से शनिवार को पेश किए गए हिमाचल प्रदेश के बजट 2026-27 में मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना’ की घोषणा की गई है। इस योजना से बिलासपुर जिले के हजारों मछुआरों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जिले में मत्स्य पालन बड़े स्तर पर किया जाता है। यहां करीब 3500 मछुआरों के लाइसेंस पंजीकृत हैं, जबकि 46 सहकारी सभाएं इस कार्य से जुड़ी हुई हैं। विशेष रूप से गोबिंद सागर झील में बड़े पैमाने पर मछली पकड़ने का कार्य होता है, जो स्थानीय लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन है। नई योजना के तहत जलाशयों में पकड़ी गई मछलियों के लिए 100 प्रति किलो का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया गया है, जिससे मछुआरों को उनकी उपज का उचित दाम मिलेगा। इसके अलावा बंद सीजन के दौरान 3500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उस अवधि में भी मछुआरों को राहत मिल सकेगी। वहीं, मछली पकड़ने के जाल पर 90 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान भी किया गया है। बजट में एक और अहम घोषणा करते हुए मछली रॉयल्टी को 7.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे मछुआरों पर आर्थिक बोझ कम होगा और उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है।
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गोबिंद सागर मत्स्य संघ के अध्यक्ष विजयपाल ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह बजट मछुआरों के हित में ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी, सब्सिडी और बंद सीजन सहायता जैसी योजनाएं लंबे समय से मछुआरों की मांग रही हैं, जिन्हें अब पूरा किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रॉयल्टी में की गई भारी कटौती से मछुआरों को बड़ी राहत मिलेगी और इससे इस क्षेत्र में और अधिक लोग जुड़ेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में मत्स्य क्षेत्र और अधिक मजबूत होगा।
इनसेट
मछुआरों को 50 आइस बॉक्स वाले बाइक निशुल्क दी जाएंगी। ट्राउट पालन के लिए भी विशेष योजना से मदद की जाएगी। मछली परिवहन के लिए 20 नई रेफ्रिजरेटेड वैन पर 70 फीसदी सब्सिडी मछुआरों को दी जाएगी। वहीं नौका खरीदने पर भी 70 फीसदी सब्सिडी प्रदान की जाएगी।