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Bilaspur News: संयुक्त भूमि पर निर्माण की अनुमति नहीं, अदालत ने खारिज की अपील

Wed, 01 Jul 2026 11:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:57 PM IST
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No permission for construction on joint land; court dismisses appeal.
झंडूता के सेर गांव का मामला - अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश, ट्रायल कोर्ट को जल्द निपटारे का आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। संयुक्त भूमि पर निर्माण की अनुमति देने की मांग को लेकर दायर सिविल अपील को घुमारवीं के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक ट्रायल कोर्ट में लंबित अंतरिम निषेधाज्ञा पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक यथास्थिति में बदलाव करना उचित नहीं होगा। साथ ही ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित आवेदन का शीघ्र निपटारा किया जाए।
मामला झंडूता उपमंडल के गांव सेर की संयुक्त भूमि से जुड़ा है। वादी शीला देवी और अजय कुमार ने अदालत में दावा किया था कि संबंधित भूमि अभी तक अविभाजित है और प्रतिवादी उस पर जबरन निर्माण कर मूल्यवान हिस्से पर कब्जा करना चाहते हैं। इसी आधार पर स्थायी निषेधाज्ञा की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया गया था। मुकदमे के साथ दायर अंतरिम आवेदन पर सिविल जज झंडूता ने 7 जनवरी 2023 को भूमि की प्रकृति, कब्जे और निर्माण संबंधी यथास्थिति बनाए रखने का अंतरिम आदेश दिया था। इस आदेश को समय-समय पर आगे बढ़ाया जाता रहा।
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इसके बाद प्रतिवादियों ने ऑर्डर 39 नियम 4 सीपीसी के तहत आवेदन दायर कर यथास्थिति आदेश में संशोधन की मांग की। उनका कहना था कि उनके पास रहने के लिए अपना मकान नहीं है और ग्राम पंचायत से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.80 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत हुई है। यदि निर्माण की अनुमति नहीं मिली तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा और स्वीकृत राशि भी समाप्त हो सकती है।
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हालांकि ट्रायल कोर्ट ने नवंबर 2024 में यह आवेदन खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील दायर की गई। अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि अंतरिम निषेधाज्ञा का आवेदन अभी भी ट्रायल कोर्ट में लंबित है और उस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। ऐसे में इस स्तर पर यथास्थिति आदेश में संशोधन करना उचित नहीं होगा।

अदालत ने कहा कि पक्षकारों को अपनी दलीलें ट्रायल कोर्ट के समक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। अंतिम आदेश के बाद आवश्यकता पड़ने पर वे दोबारा ऑर्डर 39 नियम 4 के तहत आवेदन कर सकते हैं। अदालत ने अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिए कि लंबित अंतरिम आवेदन का यथाशीघ्र निपटारा किया जाए, ताकि किसी भी पक्ष के अधिकार अनावश्यक रूप से प्रभावित न हों। दोनों पक्षों को 13 जुलाई 2026 को ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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