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Bilaspur News: दिव्यांग और बुजुर्गों मतदाताओं को गोद में उठाकर और कुर्सी पर बैठाकर मतदान केंद्र पहुंचे परिजन

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2026 07:05 PM IST
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panchayat election voting
ग्राम पंचायत मोरसिंघी के बछड़ी मतदान केंद्र में पोलियो से पूरी तरह दिव्यांग हो चुकी 40 वर्षीय म
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प्रशासनिक दावों की खुली पोल, कई बूथों पर नहीं मिली व्हीलचेयर, रैंप की सुविधा
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। पंचायत चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर दिव्यांगों, बुजुर्गों और बीमार मतदाताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रशासनिक दावे कई स्थानों पर खोखले साबित हुए। विकास खंड घुमारवीं की विभिन्न पंचायतों में ऐसे कई मतदान केंद्र देखने को मिले, जहां पर न तो व्हीलचेयर की व्यवस्था थी और न ही दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप बनाए गए थे। सुविधाओं के अभाव में दिव्यांग और अस्वस्थ मतदाताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को परिजनों ने कुर्सियों पर बैठाकर या गोद में उठाकर मतदान केंद्र तक पहुंचाया। भराड़ी क्षेत्र के भदशीं गांव स्थित एक मतदान केंद्र में चलने-फिरने में असमर्थ 80 वर्षीय गीता देवी को परिजन कुर्सी पर बैठाकर मतदान केंद्र तक लेकर पहुंचे। यहां पर व्हीलचेयर की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने में काफी कठिनाई झेलनी पड़ी। वहीं ग्राम पंचायत मोरसिंघी के बछड़ी मतदान केंद्र में पोलियो से पूरी तरह दिव्यांग हो चुकी 40 वर्षीय महिला को उसकी महिला परिजन गोद में उठाकर मतदान करवाने पहुंची। परिजनों ने बताया कि यदि मतदान केंद्र में व्हीलचेयर और रैंप जैसी मूलभूत सुविधाएं होतीं तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती। इसी प्रकार ग्राम पंचायत पट्टा के वार्ड नंबर-1 कलरी वार्ड में प्रकाश चंद, जो एक हादसे के बाद पूरी तरह पैरालाइज हो चुके हैं, उन्हें भी परिजनों ने कंधों पर उठाकर मतदान केंद्र तक पहुंचाया। वहां भी दिव्यांग मतदाताओं के लिए किसी विशेष सुविधा की व्यवस्था नहीं थी। कई अन्य मतदान केंद्रों पर भी बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता अपने परिजनों के सहारे मतदान करने पहुंचे। कहीं लोगों को गोद में उठाकर तो कहीं कुर्सियों के सहारे मतदान केंद्र तक लाना पड़ा। मतदाताओं और उनके परिजनों ने कहा कि चुनाव आयोग और प्रशासन को दिव्यांगों तथा बीमार लोगों के लिए मतदान केंद्रों पर समुचित सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए थीं। उनका कहना है कि व्हीलचेयर, रैंप और सहायक कर्मचारियों की उचित व्यवस्था न होने से विशेष जरूरत वाले मतदाताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों ने भविष्य में इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की मांग उठाई है।
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