{"_id":"6a156239435f9f6907021809","slug":"video-bilaspur-10-youths-from-malaris-free-academy-recruited-into-the-army-a-testament-to-captain-rajesh-mehtas-training-2026-05-26","type":"video","status":"publish","title_hn":"Bilaspur: मलारी की निशुल्क अकादमी से निकले 10 युवा सेना में भर्ती, कैप्टन राजेश मैहता के प्रशिक्षण का कमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur: मलारी की निशुल्क अकादमी से निकले 10 युवा सेना में भर्ती, कैप्टन राजेश मैहता के प्रशिक्षण का कमाल
झंडूता उपमंडल के बरठीं क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि मलारी गांव में संचालित कैप्टन राजेश मैहता की निशुल्क हैंडबाल अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त 10 युवाओं का चयन भारतीय सेना में हुआ है। सेना भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कैप्टन राजेश मैहता को बधाई दी। कैप्टन राजेश मैहता ने बताया कि उनकी अकादमी के हाल ही में घोषित परिणाम में 10 युवाओं का चयन भारतीय सेना में हुआ है। इनमें कुछ युवाओं का चयन जीडी तथा कुछ का चयन आर्मी क्लर्क पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में उनकी अकादमी से कुल 35 युवा भारतीय सेना में भर्ती हो चुके हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। कैप्टन राजेश मैहता ने बताया कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने गांव के युवाओं को खेलों और अनुशासन के माध्यम से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसी उद्देश्य से उन्होंने सात वर्ष पूर्व मलारी गांव में निशुल्क हैंडबाल अकादमी की शुरुआत की थी। उन्होंने बताया कि अकादमी में युवाओं को खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और सेना भर्ती की तैयारियां भी करवाई जाती हैं। यही कारण है कि यहां से तैयार हुए युवा लगातार सफलता प्राप्त कर रहे हैं। स्वयं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके कैप्टन राजेश मैहता ने अपनी मेहनत और अनुभव से अनेक खिलाड़ियों को तराशा है। उनकी देखरेख में तैयार हुए कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुके हैं। अब उनके शिष्य सेना में भर्ती होकर देश सेवा का दायित्व निभाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि राजेश मैहता ने न केवल युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया है, बल्कि उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखकर देश सेवा की राह भी दिखाई है। उनकी निस्वार्थ सेवा और समर्पण का ही परिणाम है कि आज क्षेत्र के युवा खेल और सेना दोनों क्षेत्रों में सफलता हासिल कर रहे हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।